

बॉलीवुड में सितारों की ज़िंदगी जितनी चमकदार दिखाई देती है, उतनी ही उलझनों से भरी भी होती है। हाल ही में अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल भेजे जाने की खबर ने एक बार फिर इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया। भले ही इस मामले का पूरा विवरण अलग हो, लेकिन इतना साफ है कि कानून के सामने स्टारडम कोई मायने नहीं रखता। राजपाल यादव (Rajpal Yadav) का नाम सामने आते ही लोगों को यह लग सकता है कि ऐसा मामला शायद पहली बार हुआ हो, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। बॉलीवुड में ऐसे कई बड़े अभिनेता और फिल्मी चेहरे रहे हैं, जिन्हें पैसों से जुड़े विवाद, चेक बाउंस और कानूनी मामलों के चलते अदालतों के चक्कर लगाने पड़े, और कुछ को तो जेल की हवा तक खानी पड़ी। यह खबरें बताती हैं कि फिल्मी दुनिया की चमक के पीछे भी कई बार आर्थिक गलत फैसले और कानूनी मुश्किलें छुपी होती हैं। तो चलिए आज हम ऐसे ही 7 अभिनेताओं के बारे में जानेंगे, जो इस तरह के मामलों में फंस चुके हैं।
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट से जुड़े मामलों के कारण तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। यह मामला 2010 से शुरु हुआ जब उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म “Ata Pata Laapata” को पूरा करने के लिए M/s Murali Projects Pvt Ltd से ₹5 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसे बकाया ब्याज और दंड के साथ लगभग ₹9 करोड़ तक बढ़ा दिया गया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बाद राजपाल यादव कर्ज वापस नहीं चुका पाए और कई बार दिए गए चेक बाउंस हो गए, जिससे Negotiable Instruments Act (Section 138) के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ।
कोर्ट ने इस पर उन्हें दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल सजा सुनाई। वर्ष 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने बार-बार राहत न मिलने पर आदेश दिया कि वे 4 फरवरी 2026 तक सरेंडर करें, इसके बाद राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। इस कठिन दौर में फिल्म इंडस्ट्री के लोग जैसे सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन और फिल्म कर्मचारियों की संस्था (FWICE) ने उनके लिए आर्थिक और नैतिक समर्थन की अपील और मदद दी, और नेता तेज प्रताप यादव ने ₹11 लाख की सहायता भी पेश की। अब देखना ये है कि आखिर इस मामले का अगला पड़ाव क्या होगा?
बॉलीवुड के नामी निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक राजकुमार संतोषी (Rajkumar Santoshi), जिन्हें घायल, घातक, दामिनी और अंदाज़ अपना अपना जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, वे भी चेक बाउंस मुक़दमे में गुजरात के जामनगर कोर्ट में फँस गए थें। वर्ष 2015–16 के बीच एक जामनगर के उद्योगपति अशोक लाल (Ashok Lal) ने संतोषी को लगभग ₹1.10 करोड़ का लोन दिया था ताकि वे किसी फ़िल्म प्रोजेक्ट के लिए यह धन प्रयोग कर सकें।
इस राशि के भुगतान के लिए संतोषी ने ₹10 लाख के 10 चेक दिए, लेकिन जब इन्हें बैंक में पेश किया गया तो चेक बाउंस हो गए। इसके बाद अशोक लाल ने 2017 में जामनगर कोर्ट में सेक्शन 138 के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें संतोषी की ओर से यह साबित नहीं किया जा सका कि उन्होंने धन वापस किया। अदालत ने संतोषी को 17 फरवरी 2024 को 2 साल की साधारण जेल सज़ा दी और ₹2 करोड़ जुर्माना अदा करने का आदेश दिया, यानी वसूली योग्य दोगुना। हालांकि जमानत और स्थगन के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में अपील की, जिसके चलते फ़ैसले पर रोक भी मिली है। आगे भी संतोषी को फ़ाइनल परिणाम और भुगतान शर्तों को पूरा करना है।
Also Read: जेल से राजपाल यादव का है पुराना नाता, पहले भी 2 बार सलाखों के पीछे गुजारी हैं रातें
बॉलीवुड और टॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma / RGV) भी चेक बाउंस के विवाद में फंस चुके हैं। यह मामला 2018 में तब शुरू हुआ जब एक कंपनी “Shree” ने उनके फर्म के खिलाफ Section 138 of the Negotiable Instruments Act के तहत शिकायत दर्ज की थी। दरअसल रामगोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) ने 1 जून 2018 को ₹2,38,220 का चेक जारी किया जो कि बैंक में बाउंस हो गया। अदालत में सुनवाई कई साल तक चली।
मुंबई के अंधेरी मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने 21 जनवरी 2025 को राम गोपाल वर्मा को दोषी ठहराया और उन्हें तीन महीने की साधारण जेल सज़ा सुनाई, साथ ही ₹3.72 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश भी दिया। वर्मा उस दौरान कोर्ट में मौजूद नहीं थे, इसलिए नॉन-बेलिएबल (NBW) वारंट जारी हुआ। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर वे तय राशि तीन महीने में नहीं चुकाते तो उन्हें अतिरिक्त तीन महीने की जेल भुगतनी पड़ेगी। केस में उनकी बेल की याचिका और सज़ा को निलंबित करने का अनुरोध भी खारिज कर दिया गया। अभी भी यह मामला चल रहा है जिसका कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया।
अभिनेता-राजनीतिज्ञ आर सरथकुमार (R. Sarathkumar) और उनकी पत्नी राधिका सरथकुमार (Radhika Sarathkumar) एक बड़े चेक बाउंस केस में फँसे थे, जिसका फैसला 7 अप्रैल 2021 को आया।
मामला तब शुरू हुआ जब उनकी प्रोडक्शन कंपनी Magic Frames ने साल 2014 में Radiance Media Private Ltd. से लगभग ₹1.50 करोड़ का कर्ज लिया और बाद में ₹50 लाख और उधार लिये। कंपनी ने ऋण वापसी के लिये कई चेक दिए, लेकिन जब बैंक में पेश किये गए ये चेक बाउंस हो गए, तो Radiance Media ने 2018 में अदालत में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने आरोपों को गंभीर माना और Section 138 के तहत आरोप तय किये। मद्रास उच्च न्यायालय ने 2019 में उनके खिलाफ मुकदमे को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। अंत में स्पेशल कोर्ट (MP/MLA) ने 7 अप्रैल 2021 को दोनों को एक साल की जेल सज़ा और करोड़ों रुपये का जुर्माना देने का आदेश सुनाया।
अभिनेत्री अमीषा पटेल (Amisha patel) को चेक बाउंस और धोखाधड़ी के मामलों में झारखंड के रांची सिविल कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। यह विवाद 2018 में तब शुरू हुआ जब झारखंड के फ़िल्म निर्माता अजय कुमार सिंह (Ajay Kumar Singh) ने उन्हें फिल्म ‘Desi Magic’ की मेकिंग और पब्लिसिटी के लिए ₹2.5 करोड़ दिए थे, लेकिन फिल्म कभी रिलीज़ नहीं हुई।
जब अजय ने पैसे वापस मांगे, तो अमीषा ने ढाई करोड़ और ₹50 लाख के दो चेक (October 2018) दिए, लेकिन दोनों बैंक में बाउंस (Dishonoured) हो गए। इसके बाद अजय ने धोखाधड़ी, धमकी और चेक बाउंस का मुकदमा 2018 में रांची कोर्ट में दर्ज कराया। कोर्ट ने कई बार उन्हें समन जारी किया, लेकिन अमीषा या उनके वकील कई सुनवाईयों में उपस्थित नहीं हुए, जिससे रांची कोर्ट ने अप्रैल 2023 में उनके खिलाफ वॉरंट जारी किया। बाद में अमीषा ने कोर्ट में 17 जून 2023 को आत्मसमर्पण कर जमानत भी ली थी, जब उन्होंने ₹10,000 की जमानती राशि भरी। मामले में अभी भी सुनवाई जारी है और कोर्ट ने चेक बाउंस की प्रक्रिया को आगे जारी रखने के आदेश दिए हैं।
Also Read: गरुड़ पुराण के अनुसार 5 तरह के ऐसे मनुष्य होते हैं सबसे बड़े महापापी, सीधे मिलती है नरक में जगह!
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति बिज़नेसमैन राज कुंद्रा (Shilpa Shetty and Raj Kundra) पिछले कुछ समय से एक बड़े धोखाधड़ी (cheating) और चेक-बाउंस/मनी विवाद के बीच फंसे हैं, जो साल 2025 में काफी सुर्खियों में आया। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 14 अगस्त 2025 को ₹60.48 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में उनकी FIR दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि दोनों ने व्यापारी दीपक कोठारी से 2015 से 2023 के बीच निवेश/लोन के नाम पर भारी धनराशि ली, लेकिन उसे व्यक्तिगत उपयोग में लगा दिया गया और वादा पूरा नहीं किया गया। कोठारी का कहना है कि यह पैसा उनके Best Deal TV Pvt Ltd. नामक कंपनी के विस्तार के लिये लिया गया था, लेकिन बाद में राशि कथित तौर पर ग़लत उपयोग हुई।
मुंबई पुलिस ने Look Out Circular (LOC) भी जारी किया ताकि कपल देश से बाहर न जा सके और आगे की जांच आसान रहे। दोनों ने अदालत में FIR को रद्द करने के लिये बॉम्बे हाई कोर्ट में आवेदन दायर किया है, यह कहते हुए कि यह मामला नागरिक (civil) विवाद है न कि आपराधिक रूप से धोखाधड़ी। कपल का पक्ष है कि यह पुराना वित्तीय समझौता है, कंपनी ने लिक्विडेशन ऑर्डर भी प्राप्त किया, और कोई अपराधी इरादा नहीं था।
एक्टर राखी सावंत के भाई राकेश आनंद सावंत (Rakesh Anand Sawant) चेक बाउंस मामले में मुंबई पुलिस के हाथों गिरफ़्तार हुए थे। यह मामला 2020 में शुरू हुआ जब एक बिज़नेसमैन ने राकेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उसने उसे कुछ पैसे दिए थे और इसके बदले चेक दिया था, लेकिन वह चेक बैंक में बाउंस हो गया।
पुलिस ने राकेश को पहले भी गिरफ़्तार किया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत दी गई थी, इस शर्त पर कि वह शिकायतकर्ता को पैसे वापस करेंगे। राकेश उस शर्त को पूरा नहीं कर पाए और अंधेरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया, जिसके बाद 7 मई 2023 को ओशिवारा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और 8 मई को अदालत में पेश कर 22 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद मामले की आगे की सुनवाई जारी रही और कोर्ट ने राकेश की जमानत और भुगतान शर्तों को ध्यान में रखते हुए आगे निर्णय दिया। राखी सावंत ने बाद में कहा कि इस मामले का उनके साथ कोई लेना-देना नहीं है और यह मामला उसके भाई और उनके पार्टनर के बीच का है। [Rh/SP]