

दिल्ली हाई कोर्ट ने भुगतान न करने पर राजपाल यादव को 4 फरवरी तक सरेंडर का आदेश दिया, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया।
2010 में ली गई 5 करोड़ की रकम न चुकाने और समझौता तोड़ने पर उन्हें 6 महीने की सजा हुई; ब्याज सहित बकाया करीब 9 करोड़ तक पहुंच गया।
तेजप्रताप यादव, सोनू सूद सहित कुछ अन्य लोगों ने आर्थिक मदद या काम देने की घोषणा कर अभिनेता का समर्थन किया।
3 फ़रवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी 2026 तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने अभिनेता के व्यवहार को निंदनीय करार देते हुए कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान न करना न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजपाल यादव को कई अवसर दिए गए, लेकिन हर बार उन्होंने कोर्ट का भरोसा तोड़ा।
दरअसल, राजपाल यादव (Rajpal Yadav)ने 2010 में अपनी फिल्म ‘अता-पता लापता’ के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जो फिल्म की असफलता के बाद नहीं चुका सके। शिकायतकर्ता कंपनी के अनुसार दिए गए कई चेक बाउंस हुए, जिस पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस दर्ज हुआ।
अदालत में पेश न होने पर 2013 में उन्हें न्यायिक हिरासत भी हुई। बाद में सजा पर रोक लगी, लेकिन 2.5 करोड़ रुपये चुकाने के समझौते का पालन नहीं हुआ। जनवरी 2026 में अंतिम मौका देने के बाद भी भुगतान न होने पर कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण का आदेश दिया। इसके बाद 5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया।
वैसे, ये पहली बार नहीं है जब राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को जेल का चक्कर काटना पड़ा है, इससे पहले भी वो 2 बार जेल जा चुके हैं।
फर्जी हलफनामा 2013: साल 2013 में राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को दिल्ली हाई कोर्ट ने फर्जी हलफनामा फाइल करने और कोर्ट को गुमराह करने के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था। यह केस ₹5 करोड़ के लोन से जुड़ा था। यादव ने यह रकम अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू (Directorial Debut) फिल्म 'अता पता लापता' को प्रोड्यूस करने के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से लिया था। फिर जब वो लोन चुका नहीं पाएं, तो लोन देने वाला कोर्ट चला गया। कार्रवाई के दौरान अभिनेता ने अपनी पत्नी के संपत्ति के बारे में जाली डॉक्यूमेंट और गलत बयान दर्ज कराए। कोर्ट को धोखा देने के चलते जज ने उन्हें 10 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी (Judicial Custody) की सजा सुनाई।
बैंक लोन मामला 2018: साल 2018 में इसी मामले के तहत राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को फिर जेल की सैर करनी पड़ी लेकिन इस बार मामला कुछ और ही था। असल में, उन्होंने जो लोन लिया था, तो पैसे वापस करने के लिए चेक दिए, तो वो बाउंस हो गया। कोर्ट ने उन्हें पैसे लौटाने का काफी समय दिया था, लेकिन वे समय पर भुगतान नहीं कर पाए। इसी वजह से कोर्ट ने उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया था। उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने 3 महीने की सजा सुनाई थी।
बता दें कि इस बार राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को 6 महीने की सजा सुनाई गई है और 15 महीने की अवधि में रकम बढ़कर 9 करोड़ हो चुकी है।
अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की ये हालत लोगों से देखी नहीं गई और उनकी मदद के लिए कई लोग आए आए। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने उन्हें मदद के लिए 11 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा जनशक्ति जनता दल परिवार उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है।
इसके साथ ही सोनू सूद ने राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को 9 करोड़ रुपये के कर्ज संकट से उबारने के लिए अपनी अगली फिल्म में काम देने और उसका साइनिंग अमाउंट (Signing Amount) तुरंत देने की घोषणा की। इसके साथ ही राव इंदरजीत सिंह (म्यूजिक प्रोड्यूसर), केआरके (Kamaal R Khan) और उपेंद्र राय जो भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के CMD हैं, उन्होंने भी मदद की घोषणा की है।