असम में चुनावी प्रचार चरम पर है। राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत लगा दी है। एक तरफ काँग्रेस में गौरव गोगोई ने कमान संभाल रखा है तो दूसरी तरफ हिमंत बिस्व सरमा ने काँग्रेस की विरासत वाली राजनीति को चुनौती देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। असम चुनाव 2026 में कांग्रेस ने गौरव गोगोई की अगुवाई में हिमंत बिस्व सरमा पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगा दी है।  X
असम विधानसभा चुनाव 2026

तो क्या असम में बीजेपी की हार तय हो गई? गोगोई के इस मास्टर प्लान के आगे चारो खाने चित हुए हिमंत बिस्व सरमा !

असम चुनाव 2026 में कांग्रेस ने गौरव गोगोई की अगुवाई में हिमंत बिस्व सरमा पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगा दी है।

Author : Pradeep Yadav

असम चुनाव 2026 में कांग्रेस ने गौरव गोगोई की अगुवाई में हिमंत बिस्व सरमा पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगा दी है। 12 हजार बीघा जमीन कब्जाने, 40 हजार बीघा जमीन अडानी-अंबानी-पतंजलि जैसी कंपनियों को सस्ते में देने के दावे और मुस्लिम विरोधी छवि को उछालकर कांग्रेस बीजेपी की जड़ें हिलाने की कोशिश कर रही है।

असम में चुनावी प्रचार चरम पर है। राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत लगा दी है। एक तरफ काँग्रेस में गौरव गोगोई ने कमान संभाल रखा है तो दूसरी तरफ हिमंत बिस्व सरमा ने काँग्रेस की विरासत वाली राजनीति को चुनौती देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। दोनों नेताओं की तरफ से बयानबाजी की सीमाएं पार होते दिखाई दे रहा है। असम में कांग्रेस ने हेमंत को घेरने के लिए भ्रष्टाचार के गड़े मुर्दों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। इसका असर चुनाव में देखने को मिल सकता है। 

हिमंत पर हैं गंभीर आरोप !

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के ऊपर बहुत सारे भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। 2016 के चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने में हेमंत ने पूरी ताकत लगाई और बीजेपी की सरकार बनी। उनके ऊपर आरोप है कि हेमंत और उनका परिवार असम में लगभग 12 हजार बीघा जमीन हड़प चुके हैं। 4 फरवरी 2026 को असम काँग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मीडिया के सामने यह कहा कि हिमंत बिस्व सरमा के परिवार ने असम में 12,000 बीघा जमीन पूरे राज्य भर में हड़प लिया है। इसके अलावा 3,960 एकड़ जमीनों पर उनके राजनीतिक करिबियों का कबजा स्थापित है। काँग्रेस पूरे राज्य में अपने चुनावी अभियान में इस मुद्दे का जिक्र कर रही है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हेमंत सरमा के चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है। 

असम चुनाव में अदानी और अंबानी मुद्दा है !

असम चुनाव में इस बार कांग्रेस ने अडानी और अंबानी को भी घसीट लिया है। कांग्रेस की तरफ से चुनावी रैलियों में बार-बार इस बात का जिक्र किया जा रहा है कि अंबानी और अडानी को असम में जमीन बहुत सस्ते दामों में दी गई है। इसके अलावा यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि हिमंत बिस्व सरमा ने असम का सौदा अंबानी और अडानी के हाथों में कर दिया है। कांग्रेस की तरफ से यह आरोप लगाया जा रहा है कि लगभग 40 हजार बीघा जमीन बड़ी कंपनियों को दे दिया है। इन कंपनियों में सबसे ज्यादा चर्चा अडानी, अंबानी और पतंजलि की हो रही है। 

हिमंत बिस्व सरमा का मुस्लिम विरोधी छवि ?

हिमंत को कांग्रेस की तरफ से मुस्लिम विरोधी बताया जा रहा है। हिमंत को मुस्लिम विरोधी बताकर मुसलमानों का एकतरफा वोट कांग्रेस लेना चाहती है। जातिगत जनगणना के मुद्दे को भी इस चुनाव में भुनाने की कोशिश गोगोई सेना द्वारा की जा रही है। वहाँ की स्थानीय जनजातियों को साधने के लिए कांग्रेस द्वारा जाति जनगणना को हवा दी जा रही है। 

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राहुल गांधी ने किया प्रहार !

राहुल गांधी ने असम चुनावी रणनीति की कमान संभाल ली है। दरअसल, हिमंत सरमा गांधी परिवार के बेहद करीबी रह चुके हैं। उनके रग-रग से राहुल गांधी परिचित हैं। राहुल गांधी ने 2 अप्रैल 2026 को असम में बोकाजान (कार्बी आंगलोंग जिला) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बोल है, "हिमंता बिस्वा सरमा देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री है। हिमंता, सिंडिकेट के साथ मिलकर असम को चला रहा है। जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी, हिमंता हाथ जोड़कर खड़ा हो जाएगा। हिमंता बिस्वा सरमा को हर भ्रष्टाचार की सजा मिलेगी। हिमंता जानता है कि कांग्रेस पार्टी उसे छोड़ने वाली नहीं है। जिस दिन BJP की सरकार जाएगी, उसी दिन इनका घमंड टूट जाएगा।" 

राहुल गांधी ने 2024 में भारत जोड़ों न्याय यात्रा किया था। इस यात्रा से असम की राजनीति को एक नई हवा लगने की उम्मीद जताई जा रही है। उत्तर पूर्व के अन्य राज्यों (मणिपुर और नागालैंड) में हिंसात्मक आंदोलन पर मोदी की चुप्पी चुनाव में बीजेपी के लिए भारी पड़ सकता है।