लोकसभा के 2 ऐसे सांसद हैं, जो सैलरी नहीं लेते हैं।  Wikimedia Commons
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किसी के पास 1,241 करोड़, तो किसी के पास 97 लाख संपत्ति, कांग्रेस-बीजेपी के ये 2 सांसद नहीं लेते सैलरी

अक्सर यह सुनने को भी मिला है कि सांसद अपनी सैलरी तक बढ़वाने के लिए हाय तौबा मचा देते हैं और इस मामले पर पक्ष और विपक्ष दोनों एकजुट हो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी सांसद हैं, जो संसद से सैलरी तक नहीं लेते हैं।

Author : Mayank Kumar

  • एक आरटीआई के अनुसार बीजेपी के सांसद नवीन जिंदल और कांग्रेस के सांसद डॉ. बिमोल अकोइजाम अंगोमचा लोकसभा से मिलने वाली सैलरी नहीं लेते हैं।

  • हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सांसद जिंदल ने सैलरी के साथ-साथ सांसदों को मिलने वाले सरकारी भत्ते और कई सुविधाएं भी लेने से मना कर दिया है।

  • मणिपुर की इनर मणिपुर सीट से सांसद अकोइजाम संसदीय सैलरी नहीं लेते, लेकिन जेएनयू में प्रोफेसर के रूप में मिलने वाला वेतन जारी रखते हैं।

लुटियंस दिल्ली में केंद्रीय सचिवालय के पास एक त्रिकोणीय आकर की बड़ी सी इमारत है जिसमें सफ़ेद कुर्ताधारी बैठते हैं, और देश की दिशा और दशा भी तय करते हैं। जनता क्या खाएगी, क्या पीयेगी और किन बातों पर चर्चा करेगी, ये सब कुछ वही से तय होता है, जिसे हम आम भाषा में संसद कहते हैं। कहने को राजनीति एक देश सेवा का काम है लेकिन इस त्रिकोणीय इमारत में बैठने वाले नेताओं के पास दुनिया की इतनी तमाम सुविधाएं हैं, जितना कि आम जनता के पास भी नहीं हैं, जिन्होंने जिताकर उन्हें संसद की कुर्सी पर बैठाया है।

अक्सर यह सुनने को भी मिला है कि सांसद अपनी सैलरी तक बढ़वाने के लिए हाय तौबा मचा देते हैं और इस मामले पर पक्ष और विपक्ष दोनों एकजुट हो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी सांसद हैं, जो संसद से सैलरी तक नहीं लेते हैं। नामचीन मीडिया कंपनी इंडिया टुडे की एक एक RTI से यह खुलासा हुआ है कि कांग्रेस (Congress)-बीजेपी (BJP) से 2 ऐसे सांसद हैं, जो सैलरी नहीं लेते हैं। इनमें से एक सांसद तो सैलरी छोड़िये, सांसद के तौर पर मिलने वाले दफ्तर से जुड़े सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी लेने से मना कर दिया है। आइये जानते हैं, कौन हैं ये दो सांसद?

नवीन जिंदल

नवीन जिंदल (Naveen Jindal) जो बीजेपी से सांसद हैं लेकिन सैलरी और सरकारी भत्ता नहीं लेते हैं।

इस लिस्ट में पहला नाम है नवीन जिंदल (Naveen Jindal) का। जिंदल बीजेपी से हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने ना केवल सैलरी बल्कि सभी सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी छोड़ने का विकल्प चुना है। एक सांसद को हर महीने 1,24,000 रुपए मिलते हैं।

कार्यालय भत्ता 87,000 होता है जबकि दैनिक भत्ता 2500 हर दिन और मुफ्त आवास, बिजली (50,000 यूनिट तक), पानी, फोन/इंटरनेट खर्च और ट्रेन/हवाई यात्रा में छूट, ये सभी सुविधाएं एक सांसद को मिलती हैं लेकिन नवीन जिंदल ने इन सब चीजों को ठुकरा दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके सांसद के रूप में वेतन और भत्ते छोड़ने का मुख्य कारण उनकी मजबूत आर्थिक स्थिति और जनसेवा की भावना है। उन्होंने चुनावी हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति लगभग 1,241 करोड़ रुपये बताई है।

नवीन जिंदल (Naveen Jindal) एक उद्योगपति हैं, जो Jindal Steel and Power Limited (JSPL) के चेयरमैन हैं। इसके साथ ही वो एक कुशल पोलो खिलाड़ी भी हैं। 9 मार्च 1970 को हिसार के हरियाणा में उनका जन्म हुआ था। राजनीति और उद्योग उन्हें विरासत में मिली। उनके पिता ओपी जिंदल ने जिंदल ग्रुप की नींव रखी थी और वो खुद कांग्रेस की ओर से हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

वहीं, नवीन जिंदल (Naveen Jindal) ने अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से पढ़ाई की थी और वहां वो छात्र राजनीति में सक्रीय थे, जिसकी वजह से उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में भी चुना गया था। भारत आकर उन्होंने 2004 और 2009 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा और लोकसभा पहुंचे। 2014 में वो भाजपा के राजकुमार सैनी से हार गए थे। 2019 में चुनाव नहीं लड़ा जबकि 2024 में बीजेपी के टिकट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़कर वो तीसरी बार लोकसभा पहुंचे हैं।

डॉ. बिमोल अकोइजाम अंगोमचा

डॉ.अंगोमचा (Dr. Angomcha Bimol Akoijam) जो कांग्रेस से सांसद हैं, और सैलरी नहीं लेते हैं।

इस लिस्ट में दूसरा नाम डॉ. बिमोल अकोइजाम अंगोमचा (Dr. Angomcha Bimol Akoijam) का है जो कांग्रेस पार्टी से सांसद हैं। अंगोमचा मणिपुर की इनर मणिपुर (Inner Manipur) लोकसभा सीट से सांसद हैं। राजनीति में आने से पहले वे दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सामाजिक विज्ञान स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर थे।

वे मणिपुर के मैतेई समुदाय से आते हैं और एक शिक्षाविद के साथ-साथ एक फिल्म निर्माता भी रहे हैं। उनका जन्म 14 मार्च 1967 को हुआ था और वर्तमान में उनकी उम्र 59 वर्ष है। डॉ. बिमोल अकोइजाम अंगोमचा भी संसदीय सैलरी नहीं लेते हैं। हालांकि, जो सरकारी भत्ते होते हैं, वो जरूर अंगोमचा को मिलता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो JNU के प्रोफेसर के रूप में अपना वेतन जो लगभग ₹2.78 लाख प्रति माह है, उसे लेना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने सांसद की सैलरी नैतिकता के आधार पर छोड़ी है। 2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग ₹97 लाख है। डॉ.अंगोमचा (Dr. Angomcha Bimol Akoijam) 2024 में पहली बार चुनावी मैदान में उतरे और भाजपा के उम्मीदवार और राज्य के शिक्षा मंत्री बसंत कुमार सिंह को 1,09,801 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की।

तो ये हैं, वो लोकसभा के 2 सांसद जो सैलरी नहीं लेते हैं। अपना और अपने परिवार का खर्चा अपने निजी व्यवसाय से उठा रहे हैं।