पानीहाटी सीट बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है। यहाँ भाजपा ने आरजी कर पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ को उतारकर इसे भावनात्मक मुद्दा बनाया है।
रत्ना देबनाथ ने कहा है कि उनकी लड़ाई उस व्यवस्था के खिलाफ है जो उनकी बेटी को सुरक्षा देने में विफल रही, और वे राजनीति के माध्यम से भविष्य में अन्य बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती हैं।
2026 का यह चुनाव वैचारिक युद्ध बन चुका है। एक तरफ भाजपा ने सुरक्षा और धार्मिक ध्रुवीकरण को हथियार बनाया है, तो दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने बंगाली अस्मिता के मुद्दे को ढाल बनाकर मोदी-शाह की जोड़ी को चुनौती दी है।
पश्चिम बंगाल चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक समीकरण को लेकर सभी दलों में मंथन जारी है। भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में अपने उम्मीदवारों को जमीन पर उतार दिया है। 25 मार्च 2026 को भाजपा ने बंगाल में उम्मीदवारों की एक सूची जारी की है। इस सूची में एक नाम पर चर्चा तेज हो गई है। बंगाल में साल 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप केस की पीड़िता की मां को भाजपा ने इस बार चुनाव के मैदान में उतारा है।
25 मार्च 2026 को भाजपा (BJP) ने अपने 19 उम्मीदवारों की सूची जारी किया है। इस सूची में साल 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ का भी नाम है। रत्ना देबनाथ को पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने रेप पीड़िता की माँ को उम्मीदवार बनाकर तृणमूल काँग्रेस के लिए एक चुनौती खड़ी करने की कोशिश की है। रेप पीड़िता की माँ को टिकट मिलने से पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण सीट बन गई है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल (West bengal)में उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट से रेप पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ (Ratna Debnath, mother of the rape victim) को भाजपा की तरफ से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी सीट से टीएमसी ने अपना उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को बनाया है।
तीर्थंकर घोष टीएमसी के वरिष्ठ नेता निर्मल घोष के पुत्र हैं। तीर्थंकर घोष के पिता निर्मल घोष उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट से पाँच बार विधायक रह चुके हैं और टी एम सी के मुख्य सचेतक भी रह चुके हैं।
पाँच बार विधायक के बेटे के सामने रत्ना देबनाथ को उम्मीदवार बनाना चुनावी समर को दिलचस्प बना दिया है। वहीं इस सीट से सीपीआईएम (CPI-M) ने कलतान दासगुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया है। कलतान दासगुप्ता भी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप पीड़ित के आंदोलन में एक चर्चित चेहरा रही हैं। पश्चिम बंगाल में पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट पर अब त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
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पश्चिम बंगाल में रेप पीडिता की माँ रत्ना देबनाथ को जब यह बात पता चला तो उन्होंने इसे लिए न्याय की लड़ाई का संघर्ष बताया। उनसे सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ये सिर्फ चुनाव नहीं है बल्कि अपनी बेटी के लिए असली न्याय दिलाने की मुहिम है। उन्होंने आगे कहा कि मेरी बेटी तो चली गई लेकिन किसी दूसरी बेटी के साथ यह नहीं होना चाहिए। जिस व्यवस्था में मेरी बेटी को सुरक्षा नहीं मिल सका उस व्यवस्था के खिलाफ यह लड़ाई है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। 15 साल से ममता के सरकार को ठीक से कोई चुनौती नहीं मिली है। लेकिन इस बार का चुनाव ममता बनर्जी के लिए आसान नहीं है क्योंकि भाजपा ने एस आई आर की प्रक्रिया और धार्मिक ध्रुवीकरण का रास्ता चुना है।
वहीं ममता बनर्जी ने बंगाली अस्मिता को फिर से इस बार चुनावी मुद्दा बना दिया है और नरेंद्र मोदी एवं भाजपा टीम के लिए चुनाव मुश्किल बना दिया है। 4 मई 2026 को साबित हो जाएगा कि बंगाली अस्मिता धार्मिक ध्रुवीकरण पर भरी पड़ गया या फिर धार्मिक ध्रुवीकरण बंगाली अस्मिता पर भारी पड़ा।
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