5 शिक्षकों की छात्राओं पर थी गंदी नज़र, मामला सामने आते ही मचा हड़कंप  AI Generated
उत्पीड़न/अपराध

'मैं तुमसे प्यार करता हूं...!' छात्राओं पर गंदी नज़र रखने वाले शिक्षकों की कहानी, 5 घिनौनी करतूतों का पर्दाफाश

आज के समय में शिक्षण समाज की मानसिकता भी दुर्योधन और दुस्शासन वाली होती जा रही है। आज हम आपको 5 ऐसे मामलों के बारे में बताएंगे जहाँ शिक्षकों की घिनौनी करतूतों का पर्दाफाश हुआ है।

Author : Mayank Kumar
Reviewed By : Ritik Singh

  • हाल के वर्षों में स्कूलों और विश्वविद्यालयों से जुड़े कई मामलों में शिक्षकों पर छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

  • महाराष्ट्र (सतारा) और मध्य प्रदेश (बड़वानी) जैसे ताज़ा मामलों में नाबालिग छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और ‘बैड टच’ के आरोप लगे, जिन पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

  • IIT मद्रास, JNU और सेंट स्टीफंस कॉलेज जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े पुराने मामलों ने भी यौन उत्पीड़न, शक्ति के दुरुपयोग और न्याय की लंबी लड़ाई जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है।

हाल ही में 14 फ़रवरी बीती है, जिसे वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को प्रेमी युगल प्रेम दिवस के रूप में मनाते हैं लेकिन आज के समय में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रेम अपनी सीमाएं भूलता जा रहा है। आलम तो ऐसा है कि लोगों के भीतर ना तो उम्र की गरिमा का ख्याल रह गया है और ना ही रिश्तों का।

पश्चिमी सभ्यता को अपनाने के चक्कर में लोग इंसानियत की गरिमा को भूलते जा रहे हैं। शायद यही कारण है कि आज के समय में शिक्षण समाज की मानसिकता भी दुर्योधन और दुस्शासन वाली होती जा रही है। आज हम आपको 5 ऐसे मामलों के बारे में बताएंगे जहाँ शिक्षकों की घिनौनी करतूतों का पर्दाफाश हुआ है।

महाराष्ट्र के सतारा की घटना

ताजा मामला 14 फ़रवरी 2026 का है और ये घटना महाराष्ट्र के सतारा में घटी है। बताया जा रहा है कि एक छात्रा जो 9वीं कक्षा में पढ़ती थी, उसे उसके ही स्कूल के शिक्षक ने प्रेम प्रस्ताव दे दिया और इसके साथ ही शिक्षक ने छात्रा के साथ अभद्र बर्ताव भी किया। कहानी कुछ ऐसी है कि 14 फ़रवरी की सुबह करीब साढ़े दस बजे टीचर ने छात्रा को क्लास से बाहर बुलाया। छात्रा अकेले जाने में डर रही थी, इसलिए अपने साथ 3 सहेलियों को लेकर गई लेकिन टीचर ने तीनों सहेलियों को वापस भेज दिया और पीड़ित छात्रा को वहीं रोका।

फिर उसने छात्रा को कहा कि तुम्हें 4 दिन से बुला रहा हूँ, क्यों नहीं आ रही हो। तुम रात को 3 बजे क्यों व्हाट्सएप पर ऑनलाइन रहती हो? मैं तुमसे प्यार करता हूँ और ये कहकर उसने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया। इस हरकत से छात्रा काफी डर गई और हाथ छुड़ाकर वापस क्लास में भाग गई। इसके बाद उसने यह सारी बातें अपनी सहेलियों और परिवार को बताई। बाद में परिवार वालों ने कराड शहर पुलिस स्टेशन में आरोपी टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कराया। आरोपी टीचर के खिलाफ अब पुलिस जाँच में जुट गई है।

मध्य प्रदेश के बड़वानी का मामला

दूसरा मामला 13 फ़रवरी 2026 का बताया जा रहा है। ये घटना मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में घटित हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक का नाम इमरान शेख है और उसकी उम्र 42 साल है। इमरान पर जिले के निवाली स्थित एक शासकीय विद्यालय में मासूम बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप है। थाना प्रभारी आरके लोवंशी के मुताबिक स्कूल में पढ़ने वालीं 11 और 12 वर्ष की दो छात्राओं ने शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप है इमरान पिछले 3 महीने से छात्राओं को 'बैड टच' कर रहा था और उनकी तस्वीरें जूम करके खींचता था। साथ ही उन्हें डराता और धमकाता भी था।

स्थानीय लोगों को जब इस बात की खबर मिली, तो उन्होंने आरोपी शिक्षक को पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। आरोपी इमरान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अश्लील हरकत संबंधी धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। वहीं, परिवार के मुताबिक उनकी बेटियां काफी डरी हुई थीं और समाज में शर्मसार होने के चलते कुछ कह नहीं पा रही थीं। बता दें कि खबर यह भी है कि इमरान ने कई अन्य बच्चियों के साथ भी इसी तरह की हरकतें की हैं। पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी हुई है।

IIT मद्रास का मामला

यह मामला साल 2021 का है जब पीड़ित छात्रा ने एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा IIT मद्रास में PHD कर रही थी जहाँ उसने पने साथी शोधकर्ता और एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा का कहना था कि 2016 से 2020 के बीच उसके साथ कई जगहों पर लगातार शोषण हुआ। इसकी शिकायत जब उसने प्रोफेसर से की, तो उन्होंने मदद नहीं की और छात्रा को ही लैब में आने से रोक दिया। उसे शोध करने में परेशान तक किया जाने लगा।

साथ ही नंबरों और करियर की धमकी देकर चुप करवाया गया। 2021 में जब मामला जब मीडिया में उछला तब पुलिस ने मुख्य आरोपी किंगशुक देबशर्मा को मार्च 2022 में गिरफ्तार किया। आरोपी को पुलिस ने बंगाल से दबोचा था लेकिन उसे तुरंत ही जमानत भी मिल गई। चेन्नई पुलिस ने छेड़छाड़, प्रताड़ना और SC/ST एक्ट के तहत धाराएं लगाई थीं। छात्रा अभी भी इन्साफ के लिए लड़ रही है।

जेएनयू प्रोफेसर यौन उत्पीड़न मामला (2018)

साल 2018 में तहलका उस समय मचा जब जेएनयू प्रोफेसर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ। ये मामला JNU के प्रोफेसर अतुल जोहरी से जुड़ा है, जिनपर 9 छात्राओं ने एक साथ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की थी। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर उन्हें लैब में अकेले बुलाते थे और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे।

अगर वो विरोध करती तो उन्हें लैब से निकालने और रिसर्च पेपर खराब करने की धमकी देते थे। पुलिस ने 2018 में प्रोफेसर को गिरफ्तार किया था लेकिन कुछ ही घंटो में उसे जमानत मिल गई थी। इसका काफी विरोध भी हुआ था। दिल्ली पुलिस ने अतुल जोहरी के खिलाफ धारा 354 और धारा 354D के खिलाफ आरोप तय किया था। फिलहाल अभी यह केस अदालत में चल रहा है।

सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली (2015)

यह मामला जून 2015 का है जब दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में केमिस्ट्री विभाग की एक पीएचडी छात्रा ने प्रोफेसर सतीश कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िता के मुताबिक प्रोफेसर ने उसके साथ लैब में अकेले पाकर छेड़खानी की थी और अश्लील हरकतें भी की थी। जब छात्रा ने विरोध किया, तो प्रोफेसर ने धमकी दी कि वो उसका करियर बर्बाद कर देगा।

वहीं, कॉलेज के प्रिंसिपल वॉल्सन थम्पू ने इस मामले को दबाने की कोशिश की थी। बता दें कि अभी अदालत में चल रहा है। 2015 में दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोफेसर सतीश कुमार की जमानत याचिका भी ख़ारिज कर दी थी। अभी तक आरोपी को सजा नहीं हुई है और पीड़िता कानून की लड़ाई लड़ रही है।

तो ये थे वो 5 ऐसे मामले जिसने शिक्षक जगत को बदनाम करने का काम किया।