इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलानी (Italian Prime Minister Giorgia Melani) एक बार फिर दुनिया भर की सुर्खियों में हैं। दरअसल इंटरनेट पर भारत के पीएम मोदी और इटली की मेलानी की एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें नरेंद्र मोदी मेलानी को मेलोडी चाकलेट (Melody Chocolate) देते हुए नज़र आये और वीडियो हास्यास्पद था। अब इस वीडियो के बाद मेलानी फिर एक बार चर्चा में आ गईं हैं। आज हम आपको जॉर्जिया मेलानी के बारे में बताएंगे उनका राजनीतिक सफ़र, उनका रिलेशनशिप फैमिली सब कुछ। तो आइए जानतें है कि आखिर कौन हैं मेलोनी, उनका रिश्ता कैसे शुरू हुआ और भी बहुत कुछ आइए जानते हैं पूरी कहानी।
इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Melani) का जन्म 15 जनवरी 1977 को रोम के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने 'इंस्टीट्यूटो टेक्निको प्रोफेशनले स्टेटले अमेरिगो वेस्पुची' से भाषाओं (Languages) में डिप्लोमा किया और बाद में एक पत्रकार के रूप में भी काम किया। मेलोनी ने बेहद कम उम्र में राजनीति में कदम रख दिया था। 1992 में, मात्र 15 वर्ष की आयु में, वह 'इटैलियन सोशल मूवमेंट' (MSI) के यूथ विंग में शामिल हो गईं। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया।
जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Melani) ने 1998 में रोम प्रांत की काउंसलर बनकर अपने सक्रिय राजनीतिक सफर की शुरुआत की और 2004 में वह 'एक्शन यूथ' (Action Youth) की अध्यक्ष बनीं। साल 2006 में वह पहली बार इटली की संसद सदस्य चुनी गईं और बाद में इसकी सबसे कम उम्र की उपाध्यक्ष भी रहीं। इसके बाद, 2008 में सिल्वियो बर्लुस्कोनी की सरकार में मात्र 31 वर्ष की आयु में युवा मामलों की मंत्री बनकर उन्होंने इटली के इतिहास में सबसे युवा मंत्री होने का रिकॉर्ड बनाया। राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद, उन्होंने 2012 में 'ब्रदर्स ऑफ इटली' (Fratelli d'Italia) नामक दक्षिणपंथी पार्टी की सह-स्थापना की और 2014 में इसकी कमान संभाली।
जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Melani) 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री (Italy's first female Prime Minister) बनीं। वह सितंबर 2022 में हुए आम चुनावों में अपनी दक्षिणपंथी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' (Fratelli d'Italia) की ऐतिहासिक जीत के बाद इस सर्वोच्च पद पर पहुँचीं। इस चुनाव को जीतने के लिए उन्होंने अन्य दक्षिणपंथी और रूढ़िवादी दलों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन (Coalition) बनाया था, जिसने संसद में पूर्ण बहुमत हासिल किया। उनकी इस बड़ी कामयाबी का मुख्य कारण उनकी कड़क राष्ट्रवादी नीतियां, मजबूत नेतृत्व और देश की आर्थिक व सुरक्षा समस्याओं को सुलझाने का वादा था, जिसके बाद राष्ट्रपति द्वारा सरकार बनाने का औपचारिक आमंत्रण मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली।
मेलोनी की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही। उनका रिश्ता टीवी पत्रकार और एंकर एंड्रिया जियामब्रूनो (Andrea Giambruno) के साथ था। दोनों की मुलाकात एक टीवी स्टूडियो में हुई थी और वहीं से दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि दोनों ने शादी नहीं की थी, लेकिन करीब 10 साल तक साथ रहे। उनकी एक बेटी भी है जिसका नाम जिनेव्रा है। मेलोनी अक्सर अपने परिवार को अपनी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बताती थीं। लेकिन साल 2023 में उनके रिश्ते में बड़ा तूफान आ गया। दरअसल, एंड्रिया जियामब्रूनो के कुछ ऑफ-एयर वीडियो और ऑडियो क्लिप्स सामने आए, जिनमें वह महिला सहकर्मियों के साथ आपत्तिजनक और अश्लील बातें करते सुनाई दिए। एक वीडियो में वह “थ्रीसम” और “फोरसम” जैसी बातें करते नजर आए, जबकि दूसरे क्लिप में महिलाओं को लेकर सेक्सिस्ट कमेंट करते दिखाई दिए। इन वीडियोज़ के वायरल होते ही इटली की राजनीति और मीडिया में हंगामा मच गया।
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इस विवाद के बाद मेलोनी ने सोशल मीडिया पर अपने अलग होने का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि “मेरा और एंड्रिया का लगभग 10 साल पुराना रिश्ता अब खत्म होता है। हमारे रास्ते काफी समय से अलग हो चुके थे और अब इसे स्वीकार करने का समय आ गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी बेटी की खातिर सम्मान और दोस्ती बनाए रखेंगी। मेलोनी के इस बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। असल में यह पहली बार नहीं था जब एंड्रिया विवादों में आए थे। इससे पहले भी उन्होंने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिए थे। एक बार उन्होंने कहा था कि अगर महिलाएं शराब पीकर बेहोश न हों तो रेप जैसी घटनाओं से बच सकती हैं। इस बयान पर भी काफी आलोचना हुई थी। हालांकि उस समय मेलोनी ने उनका बचाव किया था, लेकिन बाद में लगातार बढ़ते विवाद रिश्ते पर भारी पड़ गए।
आज मेलोनी सिर्फ इटली ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति में एक मजबूत महिला नेता के तौर पर देखी जाती हैं। निजी जिंदगी में आए इस बड़े बदलाव के बावजूद उन्होंने अपने काम और राजनीतिक जिम्मेदारियों को जारी रखा। यही वजह है कि उनका यह फैसला दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया। [SP]