

भारतीय राजनीति में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ राजनेताओं के निजी जीवन, कथित अफेयर्स या गंभीर यौन शोषण के आरोपों के कारण सोशल मीडिया में उनकी भारी बदनामी हुई है। तो आइये जानते हैं कि इस सूची में कौन से नेता शामिल हैं?
प्रज्वल रेवन्ना (Prajwal Revanna) का नाम भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े और सबसे चौंकाने वाले सेक्स स्कैंडल्स में लिया जाता है। जनता दल (सेक्युलर) (Janta Dal) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर साल 2024 में कई महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और बलात्कार करने के बेहद गंभीर आरोप लगे। मामले की गंभीरता तब बढ़ी जब उनसे जुड़े हजारों अश्लील वीडियो सोशल मीडिया और पेन ड्राइव के जरिए वायरल हो गए। आरोप था कि वे खुद महिलाओं का शोषण करते थे और उसका वीडियो रिकॉर्ड करते थे।
इस मामले की जांच के लिए कर्नाटक सरकार ने एसआईटी (SIT) का गठन किया। प्रज्वल रेवन्ना देश छोड़कर भाग गए थे, जिन्हें बाद में वापस आने पर गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट ने अगस्त 2025 में प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई। इस घटना के कारण रेवन्ना परिवार और उनकी पार्टी की सोशल मीडिया पर देशव्यापी थू-थू हुई।
कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात वकील अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) साल 2012 में एक कथित सेक्स सीडी विवाद (sex cd controversy) में घिरे थे। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एक कथित सीडी/वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सिंघवी को उनके ही दिल्ली हाई कोर्ट के चैंबर में एक महिला वकील के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। सोशल मीडिया पर यह आरोप भी खूब उछाला गया कि वे जज बनाने या किसी पद का लालच देकर अनुचित लाभ ले रहे थे।
सिंघवी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि यह वीडियो पूरी तरह से 'मॉर्फ्ड' (छेड़छाड़ किया हुआ) है और उनके एक असंतुष्ट ड्राइवर की साजिश है। हालांकि, सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और बदनामी के कारण उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता के पद और संसद की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने मीडिया द्वारा इस सीडी के प्रसारण पर रोक लगा दी थी।
हरियाणा के राजनेता और व्यवसायी गोपाल कांडा (Gopal Kanda, politician and businessman from Haryana) का नाम साल 2012 में एक बेहद दुखद और विवादित मामले में सामने आया था। गोपाल कांडा (Gopal Kanda) की विमानन कंपनी (MDLR Airlines) में काम करने वाली 25 वर्षीय पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में सीधे तौर पर गोपाल कांडा और उनकी सहयोगी अरुणा चड्ढा का नाम लिखा था और आरोप लगाया था कि कांडा उनका मानसिक और मानसिक रूप से शोषण (Harassment) कर रहे थे। कुछ महीनों बाद सदमे के कारण गीतिका की मां ने भी खुदकुशी कर ली थी।
इस मामले के बाद गोपाल कांडा को हरियाणा सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वे जेल भी गए। सोशल मीडिया पर उनके रसूख और आचरण को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला था। हालांकि, एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद साल 2023 में दिल्ली की एक अदालत ने पुख्ता सबूतों के अभाव में गोपाल कांडा को सभी आरोपों से बरी (Acquit) कर दिया।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रह चुके दिवंगत कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी (N. D. Tiwari) का जीवन अपने अंतिम वर्षों में बड़े व्यक्तिगत विवादों से घिरा रहा।रोहित शेखर नाम के एक युवक ने साल 2008 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि एन. डी. तिवारी (N. D. Tiwari) ही उनके जैविक पिता (Biological Father) हैं। तिवारी ने शुरुआत में इस अफेयर और रोहित को अपना बेटा मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया था और अपना डीएनए (DNA) सैंपल देने तक से मना कर रहे थे। इसके अलावा, साल 2009 में राजभवन के भीतर तीन महिलाओं के साथ उनकी एक कथित आपत्तिजनक सीडी भी सामने आई थी।
दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद एन. डी. तिवारी का डीएनए टेस्ट हुआ, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद साल 2014 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि रोहित शेखर ही उनके बेटे हैं और रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा से शादी कर ली। इस पूरे पितृत्व विवाद (Paternity Suit) और सीडी कांड के कारण उनकी सोशल मीडिया पर अत्यधिक बदनामी हुई थी और उन्हें राज्यपाल का पद छोड़ना पड़ा था।
साल 2016 में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री संदीप कुमार (Sandeep Kumar) का मामला सोशल मीडिया पर बुरी तरह वायरल हुआ था। संदीप कुमार की एक आपत्तिजनक 'सेक्स सीडी' और कुछ तस्वीरें मीडिया और सोशल मीडिया पर लीक हो गईं, जिसमें वे दो अलग-अलग महिलाओं के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे थे। बाद में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि संदीप कुमार ने राशन कार्ड बनवाने के बहाने उसके कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसका शोषण किया था।
वीडियो सामने आने के महज आधे घंटे के भीतर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें मंत्री पद से हटा दिया था। बाद में उन्हें पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया और पुलिस ने बलात्कार व अन्य धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार किया था।
साल 2013 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन वित्त मंत्री राघवजी का नाम एक बेहद अलग और चौंकाने वाले मामले में सामने आया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता राघवजी (Raghavji) के घरेलू नौकर (घरेलू सहायक) ने उन पर अप्राकृतिक यौन शोषण (Sodomy) और ब्लैकमेल करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। नौकर ने आरोप लगाया था कि राघवजी नौकरी देने और रखने के बदले सालों से उसका शारीरिक शोषण कर रहे थे। साक्ष्य के रूप में इस कथित घटना की कुछ सीडी भी सामने आई थीं।
इस विवाद के सोशल मीडिया और मीडिया में आते ही मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था। राघवजी को तुरंत अपने वित्त मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। इस स्कैंडल ने उनकी राजनीतिक पारी को पूरी तरह खत्म कर दिया। [SP]