पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले CAPF जवानों का TMC दफ्तर में कैरम खेलते वीडियो वायरल, निष्पक्षता पर उठे सवाल
विपक्ष ने जवानों पर पक्षपात के आरोप लगाए, ड्यूटी के दौरान करीब एक घंटे तक राजनीतिक दफ्तर में मौजूद रहने पर विवाद
चुनाव आयोग ने तुरंत एक्शन लेते हुए 3 जवानों को सस्पेंड किया और विभागीय जांच के आदेश दिए
साल 1990 में एक फिल्म आई थी, नाम था स्वर्ग। इस फिल्म राजेश खन्ना थे, जिनका एक डायलॉग आजकल MEME की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जो कुछ इस प्रकार है, 'माफ़ कर दूँ इन्हें।' ये सोशल मीडिया पर खूब वायरल होता है। इस MEME का अर्थ यह निकलकर आता है कि आप गलती करेंगे, तो माफ़ी तो कतई नहीं मिलने वाली है।
अब ऐसा ही एक मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया है जहाँ अगले ही महीने चुनाव (West Bengal Election 2026) होने वाले हैं और उससे पहले ही बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। इस लापरवाही को देखने के बाद चुनाव आयोग ने तुरंत एक्शन लिया। क्या है पूरा मामला, आइये समझते हैं।
दरअसल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही CAPF (Central Armed Police Forces) की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। असल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यह देखा जा सकता है कि CAPF के 3 जवान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय पार्टी कार्यालय में कैरम खेलते दिख रहे हैं।
ये तीनों जवान सेना की वर्दी में हैं और स्थानीय युवकों के साथ खेल रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मचा, तो इसके बाद विपक्षी दलों ने दावा किया कि ये लोग TMC के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जवानों ने न सिर्फ बातचीत की बल्कि कैरम खेलने में भी लग गए। यह खेल करीब एक घंटे तक चलता रहा। इस दौरान वे अपनी ड्यूटी से पूरी तरह अलग रहे, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे।
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विवाद जब ज्यादा बढ़ा, तो चुनाव आयोग ने तुरंत एक्शन लिया। आयोग ने ड्यूटी में लापरवाही और निष्पक्षता के उल्लंघन के आरोप में CAPF (Central Armed Police Forces) के 3 जवानों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात की गई। मामला बीरभूम जिले का है, जहां केंद्रीय बलों को एक तय इलाके में गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
हालांकि, ड्यूटी के दौरान तीन जवान अचानक TMC के एक स्थानीय दफ्तर में घुस गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही चुनाव आयोग के अधिकारी नाराज हो गए। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही और पक्षपातपूर्ण व्यवहार माना। मामले की त्वरित जांच के बाद तीनों जवानों को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं।
विवाद जब ज्यादा बढ़ा, तो चुनाव आयोग ने तुरंत एक्शन लिया। आयोग ने ड्यूटी में लापरवाही और निष्पक्षता के उल्लंघन के आरोप में CAPF (Central Armed Police Forces) के 3 जवानों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात की गई। मामला बीरभूम जिले का है, जहां केंद्रीय बलों को एक तय इलाके में गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
हालांकि, ड्यूटी के दौरान तीन जवान अचानक TMC के एक स्थानीय दफ्तर में घुस गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही चुनाव आयोग के अधिकारी नाराज हो गए। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही और पक्षपातपूर्ण व्यवहार माना। मामले की त्वरित जांच के बाद तीनों जवानों को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी आयोग ने शिकायत मिलने पर BSF के कुछ जवानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता इलाके में 7 BSF जवान TMC नेता के इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे। उस समय भी आयोग ने इन्हें सस्पेंड किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग इस बार किसी भी हालत में केंद्रीय बलों की छवि को खराब नहीं होने देना चाहता, खासकर जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Election 2026) बेहद करीब हैं।
आयोग का मानना है कि किसी एक राजनीतिक दल के दफ्तर में इस तरह मौजूदगी केंद्रीय बलों की पेशेवर छवि पर सवाल खड़ा करती है। यही वजह है कि इस मामले में तुरंत और कड़ी कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद जिले के अन्य इलाकों में तैनात जवानों को भी चेतावनी दी गई है। चुनाव आयोग ने साफ संदेश दिया है कि चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।