23 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में पहले चरण और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव का मतदान उत्साह और हलचल के बीच संपन्न हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और दिनभर वोटिंग प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। जहां एक ओर लोगों में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर जोश नजर आया, वहीं कुछ इलाकों से झड़प, हिंसा और राजनीतिक बयानबाजी की खबरें भी सामने आईं। पूरे दिन चुनावी माहौल गरमाया रहा और नेताओं के बयान चर्चा में बने रहे। इस रिपोर्ट में हम आपको पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव से जुड़ी ऐसी ही 10 बड़ी और अहम खबरों के बारे में बताएंगे, जो पूरे दिन सुर्खियों में रहीं।
मुर्शिदाबाद (Murshidabad) में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण (23 अप्रैल) के मतदान के दौरान कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं। सबसे पहले Naoda में सुबह करीब 9–10 बजे मतदान के दौरान कच्चे बम फेंके गए, जिससे कई लोग घायल हुए और अफरा-तफरी मच गई। इसके अलावा नौदा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हुमायूं कबीर की पार्टी AUJP के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी और हंगामा हुआ। वहीं दिन के दौरान हुमायूं कबीर के काफिले पर भी हमला किया गया, उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया और कुछ जगहों पर लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। इन घटनाओं से पूरे जिले में तनाव का माहौल बना रहा।
हरिश्चंद्रपुर, मालदा (Harishchandrapur, Malda) में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण के मतदान के दिन 23 अप्रैल को सुबह करीब 10–11 बजे हिंसा की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कैंप ऑफिस में तोड़फोड़ की गई और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई। इस घटना में TMC कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस समर्थकों के बीच विवाद बताया गया है। अचानक हुई इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया और कुछ समय के लिए स्थिति बिगड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
सिलीगुड़ी (Siliguri) में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दिन 23 अप्रैल को सुबह करीब 10 बजे एक मतदान केंद्र के बाहर झड़प की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच पहले बहस शुरू हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। इस दौरान मतदाताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और अर्धसैनिक बल मौके पर पहुंचे और तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ समय बाद हालात सामान्य हो गए और मतदान प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई।
कोयंबटूर में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान 23 अप्रैल को एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। यहां एक पोलिंग स्टेशन (Government Arts College) पर “टीना” नाम की साड़ी पहने रोबोट ने मतदाताओं का स्वागत किया। यह रोबोट कॉलेज के छात्रों द्वारा बनाया गया था और इसका उद्देश्य लोगों को आकर्षित करना और मतदान के प्रति जागरूक करना था। वोट डालने आए लोगों के लिए यह खास आकर्षण बन गया और कई लोग इसे देखने के लिए उत्साहित दिखे। इस पहल ने चुनाव में तकनीक के उपयोग को भी दिखाया और माहौल को रोचक बना दिया।
मालदा में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग (23 अप्रैल) के दौरान एक दुखद घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, मालदा के मालतिपुर क्षेत्र में शाम करीब 5 बजे के आसपास एक 60 वर्षीय महिला मतदान करने के लिए लाइन में खड़ी थी, तभी वह अचानक बेहोश होकर गिर गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला की मौत की वजह थकान, गर्मी और शारीरिक कमजोरी मानी जा रही है। इस घटना के बाद वहां मौजूद मतदाताओं में चिंता का माहौल बन गया।
कोयंबटूर में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान एक मतदान केंद्र के पास झड़प की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना गांधिमानगर इलाके में हुई, जहां सुबह के समय (लगभग 10–11 बजे के बीच) DMK और BJP कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद बढ़कर धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गया। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
मल्लिकार्जुन खर्गे (Mallikarjun Kharge) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 (Tamil Nadu Assembly Election 2026) के दौरान वोटिंग के बीच मतदाताओं से अपील की कि वे उन ताकतों के खिलाफ खड़े हों जो राज्यों के “संघीय अधिकार” छीनना चाहती हैं। यह बयान उन्होंने चुनावी माहौल के बीच दिया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और उसके सहयोगियों पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र और राज्यों की स्वायत्तता की रक्षा के लिए सही निर्णय लेना जरूरी है। उनका यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंबुमणि रामदॉस (Anbumani Ramadoss) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 (Tamil Nadu Assembly Election 2026) के दौरान 23 अप्रैल को मतदान के बीच बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारी मतदान “सरकार में बदलाव के संकेत” दे रहा है और NDA को राज्य में जीत मिल सकती है। यह बयान चुनावी रुझानों और वोटिंग प्रतिशत को देखते हुए दिया गया, जिसमें उन्होंने मौजूदा सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। अंबुमणि ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और इस बार परिणाम अलग हो सकते हैं। उनका यह बयान चुनावी माहौल को और गर्म करने वाला माना जा रहा है।
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने Election के दौरान राज्य में पदयात्रा (पदयात्रा/रोड मार्च) कर राजनीतिक संदेश दिया। यह पदयात्रा चुनावी माहौल के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने के उद्देश्य से की गई। ममता बनर्जी ने लोगों से शांतिपूर्ण मतदान करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील भी की। उनकी इस रैली को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे चुनाव में TMC की सक्रियता और रणनीति साफ नजर आती है।
तमिलनाडु और बंगाल में मतदान के बाद क्या कहते हैं आंकड़े
पश्चिम बंगाल में पहले चरण और तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को हुए मतदान के दौरान वोटिंग प्रतिशत के आंकड़े सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु में करीब 85.03% मतदान दर्ज किया गया, जो काफी उच्च भागीदारी को दर्शाता है। वहीं पश्चिम बंगाल के पहले चरण में लगभग 92.25% मतदान हुआ, जो बेहद ज्यादा और रिकॉर्ड स्तर का turnout माना जा रहा है।
इन आंकड़ों से साफ है कि दोनों राज्यों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खासकर पश्चिम बंगाल में मतदान प्रतिशत काफी अधिक रहा, जो चुनाव को लेकर लोगों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।