

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण (23 April 2026) की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव और हिंसा का रिश्ता जैसे पुराना हो गया है यहां मतदान हो और सब कुछ पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे, ऐसा होना लगभग असंभव सा लगता है। इस बार भी तस्वीर कुछ अलग नहीं दिखी। वोटिंग शुरू होते ही मुर्शिदाबाद (Murshidabad) के कई इलाकों से बमबाजी, झड़प और हमलों की खबरें सामने आने लगीं, जिससे आम मतदाता के बीच डर और तनाव का माहौल बन गया। लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण दिन पर जहां लोगों को अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहिए, वहीं हिंसा की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती हैं। आखिर किन-किन इलाकों में क्या हुआ और किस तरह हालात बिगड़े आइए विस्तार से जानते हैं।
मुर्शिदाबाद (Murshidabad) जिले के नवादा (Naoda) इलाके में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण के मतदान के दौरान हिंसा की गंभीर घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद, लगभग 9 से 10 बजे के बीच मतदान केंद्र के पास भीड़ लगी हुई थी, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने देसी बम फेंक दिया। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हमले में कई मतदाता घायल हो गए, हालांकि घायलों की सटीक संख्या को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुर्शिदाबाद (Murshidabad) जिले के डोमकल (Domkal) क्षेत्र के रायपुर गांव में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण से ठीक पहले हिंसा की गंभीर घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना देर रात (लगभग 10–11 बजे के बीच) हुई, जब कुछ अज्ञात लोगों ने एक सीपीएम एजेंट पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उसे बुरी तरह पीटा, बल्कि उसकी एक उंगली तक काट दी। इस घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलने से भी डरने लगे।
मुर्शिदाबाद (Murshidabad) जिले के नवादा (Naoda) इलाके में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण की वोटिंग के दौरान झड़प की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9 बजे के आसपास हुई, जब AUJP के संस्थापक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) उस क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, जहां एक दिन पहले कच्चा बम फेंके जाने की घटना हुई थी।
इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों और उनकी टीम के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मौके पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात थे, जिन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस झड़प में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद कुछ समय के लिए तनाव बढ़ गया, लेकिन पुलिस अधिकारियों के अनुसार हालात जल्द ही सामान्य कर दिए गए और मतदान प्रक्रिया जारी रही।
सिलीगुड़ी (Siliguri) में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के पहले चरण की वोटिंग के दौरान हंगामे की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 10 बजे के आसपास हुई, जब कुछ बूथों पर मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई।
यह झड़प मतदाताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई, जिनमें मुख्य रूप से स्थानीय पार्टी समर्थक (जैसे TMC और विपक्षी दल BJP के कार्यकर्ता) शामिल थे देखते ही देखते यह बहस धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई, जिससे मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। थोड़ी देर के व्यवधान के बाद मतदान प्रक्रिया फिर से सामान्य रूप से शुरू कर दी गई। [SP]