पश्चिम बंगाल में 20 दिनों के लिए आई-पैक के कामकाज बंद करने के दावे को टीएमसी ने बताया झूठा IANS
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026

पश्चिम बंगाल में 20 दिनों के लिए आई-पैक के कामकाज बंद करने के दावे को टीएमसी ने बताया झूठा

इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) द्वारा पश्चिम बंगाल में 20 दिन के लिए कामकाज बंद करने और कर्मचारियों को छुट्टी भेजने की खबरों का टीएमसी ने खंडन किया है।

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इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) द्वारा पश्चिम बंगाल में 20 दिन के लिए कामकाज बंद करने और कर्मचारियों को छुट्टी भेजने की खबरों का टीएमसी ने खंडन किया है। टीएमसी ने आधिकारिक बयान जारी करके कहा है कि भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है।

आई-पैक का मैनेजमेंट 2022 से तृणमूल कांग्रेस की वोटर स्ट्रेटजी एजेंसी के तौर पर काम कर रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आई-पैक मैनेजमेंट ने शनिवार आधी रात को कर्मचारियों को ईमेल भेजकर 20 दिनों की छुट्टी पर जाने को कहा है।

टीएमसी ने एक बयान जारी कर कहा, "हमारे सामने एक मीडिया रिपोर्ट आई है, जिसमें दावा किया गया है कि आई-पैक ने 'अगले 20 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल में अपना काम रोक दिया है। यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है और ऐसा लगता है कि यह जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने की एक जान-बूझकर की गई कोशिश है।"

टीएमसी ने कहा, "आई-पैक पश्चिम बंगाल की टीम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है। पूरे राज्य में चुनावी अभियान का काम योजना के अनुसार जारी है। ये बातें जमीनी स्तर पर लोगों के साफ मूड से ध्यान भटकाने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है। बंगाल के लोग इन कोशिशों को अच्छी तरह से समझने में पूरी तरह सक्षम हैं और वे लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगे। पश्चिम बंगाल के मतदाता गलत जानकारी या डराने-धमकाने से प्रभावित नहीं होंगे। मतदाता 23 और 29 अप्रैल को निर्णायक रूप से जवाब देंगे और 4 मई को आने वाले नतीजे उनके फैसले को दिखाएंगे।"

पिछले हफ्ते आई-पैक के सह संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दो अहम चरणों से ठीक 10 दिन पहले ईडी की यह कार्रवाई चिंताजनक है। यह सभी के लिए समान अवसर के मूल विचार को ही हिला देती है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ईडी ने आई-पैक के दूसरे को-फाउंडर प्रतीक जैन के भाई पुलकित जैन और उनकी पत्नी बार्बी जैन को भी करोड़ों रुपए के कोयला तस्करी घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में नई दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उनमें से कोई भी पेश नहीं हुआ।

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)