पाकिस्तान के सिंध में मौलाना मियां मिठ्ठू पर हिंदू लड़कियों के कथित जबरन धर्म परिवर्तन और शादी करवाने के आरोपों को लेकर कई विवादित मामले सामने आए हैं, जिससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। X
न्यूज़ग्राम विशेष

पाकिस्तान में चल रहा ‘धर्म परिवर्तन फैक्ट्री’, हिंदू लड़कियों का जबरन निकाह कराने वाला मौलाना मियां मिट्ठू कौन है?

15 अगस्त 1947 को भारत जब आज़ाद हुआ था, तो इसके ठीक एक दिन पहले देश के दो टुकड़े हुए थे और एक नया देश बना पाकिस्तान। पाकिस्तान देश की नींव ही धर्म के आधार पर रखी गई थी।

Author : Mayank Kumar

  • 1947 में पाकिस्तान में हिंदू आबादी करीब 12–15% थी, जो अब घटकर लगभग 2% रह गई है। कई रिपोर्ट्स में इसके पीछे जबरन धर्म परिवर्तन जैसे आरोप लगाए गए हैं।

  • सिंध के घोटकी जिले की भरचुंडी शरीफ दरगाह से जुड़े मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिठ्ठू पर हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगते रहे हैं।

  • रिंकल कुमारी (2012), महक केसवानी (2019) और कविता ओड (2021) जैसे मामलों में मियां मिठ्ठू का नाम सामने आया है।

15 अगस्त 1947 को भारत जब आज़ाद हुआ था, तो इसके ठीक एक दिन पहले देश के दो टुकड़े हुए थे और एक नया देश बना पाकिस्तान। पाकिस्तान देश की नींव ही धर्म के आधार पर रखी गई थी। पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने तर्क दिया था कि मुसलमानों का एक अलग देश होना चाहिए। बंटवारे के समय लोगों को यह विकल्प दिया गया था कि कोई भी व्यक्ति वो चाहें किसी भी धर्म का हो, वो भारत में आ सकता है और भारत में रहने वाले लोग पाकिस्तान जा सकते हैं। कहा जाता है कि करीब 1.4 से 1.5 करोड़ लोगों ने पलायन किया था। इसमें सभी धर्म के लोग शामिल थी।

जब देश का बंटवारा हुआ था, तब पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी लगभग 12–15% के बीच मानी जाती थी लेकिन आज ये लगभग 1.8% से 2% के आसपास मानी जाती है। मतलब 40 से 45 लाख के बीच। हालांकि, वहां रहने वाले हिन्दुओं की संख्या में जो कमी आई है, वो यूँ ही नहीं है। पाकिस्तान से कई ऐसे रिपोर्ट्स निकलकर सामने आए हैं जहाँ ये बताया गया है कि वहां रहने वाले हिन्दुओं का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया।

जो मान गए, फिर तो ठीक था लेकिन जो नहीं मानें उन्हें यातनाएं देकर मार दिया गया। ये बातें जो हम आपको बता रहे हैं, इसमें कमी नहीं आई है। पाकिस्तान में अभी भी ये धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा है और इसमें मुख्य किरदार निभाने वाला है मौलाना मियां मिठ्ठू। क्या है इस मौलाना की पूरी कुंडली, आज हम आपके सामने खोलेंगे।

कौन है धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री चलाने वाला मियां मिठ्ठू?

मियां अब्दुल हक, जिसे पाकिस्तान में मियां मिट्ठू के नाम से जाना जाता है, वो सिंध प्रांत के घोटकी जिले में स्थित भरचुंडी शरीफ दरगाह का एक प्रभावशाली प्रमुख हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौलाना की उम्र करीब 85 है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके जन्म का साल 1935 या 1936 के आसपास होने की संभावना है। साल 2008 से लेकर 2013 के बीच मियां मिट्ठू पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के टिकट पर सांसद बना और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली का सदस्य रहा। वो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के NA-200 (घोटकी-I) से चुनकर संसद पहुंचा था।

मौलाना मियां मिट्ठू पर यह आरोप है कि वो सिंध के अल्पसंख्यक हिंदू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाता है और उनसे जबरन शादी तक करता है। हालांकि, मौलाना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को हमेशा ही निराधार बताया है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब इस प्रकार के सवाल उठे, तो दिसंबर 2022 में ब्रिटेन सरकार ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के लिए उसपर प्रतिबंध लगाए। मौलाना मिठ्ठू ब्रिटेन की यात्रा कभी नहीं कर सकता है।

इन मामलों ने मचाई खलबली

मियां अब्दुल हक उर्फ़ मियां मिट्ठू पर जो इल्जाम लगे हैं, वो यूँ ही नहीं लगे हैं। धर्मपरिवर्तन के कई ऐसे मामले निकलकर सामने हैं, जिसने दुनिया को झकझोर दिया।

  1. रिंकल कुमारी 2012: यह मामला पाकिस्तान के सिंध प्रांत का है, जब 2012 में जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घोटकी की 19 वर्षीय रिंकल नाम की लड़की थी, जिसका पहले अपहरण किया गया और फिर जबरन इस्लाम कुबूल करवाया गया। इस्लाम कुबूल करवाने के बाद रिंकल का नाम 'फरियाल' किया गया और नवीन शाह से उसका निकाह करा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का इल्जाम मियां मिट्ठू पर आया था। मामला पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में गया, तब रिंकल ने गुहार लगाई थी कि उसे अपने परिवार के पास भेज दिया जाए लेकिन अदालत में मियां मिट्ठू के गुर्गे हथियारों के साथ मौजूद थे, जिसके बाद रिंकल ने अपना बयान बदल दिया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह न्याय की हार थी और इसने सिंध में हिंदू लड़कियों की असुरक्षा को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया।

  2. कविता ओड 2021: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कंधकोट नाम का एक इलाका है जहां से 2021 में धर्म परिवर्तन का नाम सामने आया था। एक 13 वर्षीय बच्ची थी, जिसका नाम कविता ओड था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 वर्षीय बच्चो को घर से बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया था। इसके बाद एक वीडियो सामने आया कि मियां मिट्ठू की मौजूदगी में उसका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। पहले तो कविता का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया और बाद में मुश्ताक नामक मुस्लिम व्यक्ति से उसका निकाह करवा दिया गया। मामला जब सामने आया, तब पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी खूब थू-थू हुई थी।

  3. महक केसवानी 2019: यह घटना दिसंबर 2019 की है, जब कराची के डिफेंस इलाके की रहने वाली 20 वर्षीय हिंदू युवती महक केसवानी अचानक लापता हो गई। कुछ दिन के बाद भरचुंडी शरीफ दरगाह से एक वीडियो सामने आया, जिसमें यह दिखा कि महक इस्लाम कबूल कर रही है, और उसका नाम 'महक फातिमा' हो गया है। ये धर्म परिवर्तन खुद मियां मिट्ठू ने करवाया और एक मुस्लिम युवक मोहम्मद अशरफ के साथ उसका निकाह कराया। मामला सिंध के कोर्ट में गया जहाँ महक के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर दबाव डालकर यह सब करवाया गया। उसे नशीला पदार्थ खिलाया गया था लेकिन सुनवाई के दौरान महक ने बयान दिया कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन और शादी की है। इसके बाद मामला वहीं खत्म हो गया।

सीमा हैदर की वजह से चर्चा में आया था

मई 2023 में जब सीमा हैदर नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आई थी, तब जुलाई 2023 में मियां मिट्ठू ने गीदड़ भभकी दी थी। उसने कहा था कि सीमा अगर वापस पाकिस्तान नहीं आई, तो हिंदुओं को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। मौलाना ने पाकिस्तान की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि हिंदू मंदिरों पर अरबों रुपए क्यों खर्च हो रहे हैं। ये पैसे मुसलमानों पर खर्च होने चाहिए।

सीमा बच्चों के साथ वापस नहीं लाई गई, तो हिंदुओं पर खर्च किया गया पैसा बर्बाद हो जाएगा। बता दें कि मौलाना के बारे में यहाँ तक कहा जाता है कि वो पाकिस्तान की कोर्ट को अपने पक्ष में फैसले सुनाने के लिए धमकाता रहता है और पाकिस्तानी न्यायपालिका उसकी धमकी से डर जाती है।