तेलंगाना की राजनीति (Telangana Politics) में एक नया मोड़ आने जा रहा है। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी के लॉन्च से पहले कई बड़े ऐलान किए हैं।
के. कविता (Kalvakunta Kavita) ने आईएएनएस से कहा कि तेलंगाना अब एक नई क्षेत्रीय पार्टी को देखने जा रहा है। भारत राज्यों का एक संघ है और जब तक राज्य मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश का विकास भी संभव नहीं है। राज्यों का विकास क्षेत्रीय पार्टियों (regional party) के जरिए ही बेहतर तरीके से हो सकता है, यह मेरा विश्वास है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी का मुख्य फोकस तेलंगाना राज्य (Telangana) और उससे जुड़े मुद्दों पर रहेगा। साथ ही, वे राष्ट्रीय स्तर के उन मुद्दों पर भी अपनी राय रखेंगी, जिनका सीधा असर तेलंगाना पर पड़ता है।
राजनीतिक रिश्तों को लेकर भी कविता ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सभी को माफ कर दिया है लेकिन राजनीति में अब उनका रास्ता अलग है। के. कविता ने कहा, "मैं कभी भी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में वापस नहीं जाऊंगी और न ही उनके साथ काम करना चाहूंगी।
के. कविता ने अपनी प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है, जिसके लिए वे पहले भी लड़ चुकी हैं और आगे भी संघर्ष जारी रखेंगी। इसके अलावा, उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहराई (जो राजनीति, शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र तीनों में लागू हो)।
उन्होंने कहा, यह मेरा वादा है कि मैं इन मुद्दों के लिए लगातार लड़ूंगी। ये ऐसे राष्ट्रीय मुद्दे हैं, जिन पर हर राज्य को अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए। आगामी चुनावों को लेकर के. कविता ने आत्मविश्वास भी जताया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अगली सरकार बनाएगी और इसके लिए उन्हें किसी गठबंधन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद केंद्र में जो भी सरकार होगी, चाहे वह भाजपा हो या कोई अन्य दल, उनके साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे जाएंगे।
[VT]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)