उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapud) से एक मामला सामने आया है कि समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल रेहान अपने इलाके में गैस सिलिंडर की भारी कमी के बीच कालाबाजारी कर रहा था l  AI Generated
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भारत में गैस संकट के बीच नेताओं ने शुरू की कालाबाजारी, समाजवादी पार्टी के इस नेता के घर से मिले 55 सिलेंडर

समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल रेहान के घर पर छापेमारी में पुलिस ने जब्त किये 55 गैस सिलिंडर और ठीक मौके पर फरार नेता l

Author : न्यूज़ग्राम डेस्क

इजराइल-अमेरिका और ईरान के जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ रखी है l जब से ईरान ने सऊदी और अन्य खाड़ी देशों के ऑयल रिफाइनरी पर हमले तेज कर दिए हैं तब से कच्चे तेल और गैस की कमी से देश में हाहाकार मचा है l भारत में पहले ही LPG गैस सिलिंडर की भारी किल्लत चल रही है, ऐसे में अगर देश के नेता ही जनता से गद्दारी करें तो उस देश का हाल बदहाल ही होगा l हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के समाजवादी पार्टी (Samajwaadi Party) के नेता अब्दुल रेहान की l नेता अपने लोगों कि सहायता और सुख-दुःख में साथ देने के लिए होते हैं लेकिन अब्दुल रेहान (Abdul Rehan) तो बिल्कुल इसके विपरीत हैं…. अब समझते हैं क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapud) से एक मामला सामने आया है कि समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल रेहान अपने इलाके में गैस सिलिंडर की भारी कमी के बीच कालाबाजारी कर रहा था l किसी ग्रामीण ने पुलिस को इसके बारे में सूचना दी l भनक लगते ही पुलिस अपने दल-बल के साथ आरोपी नेता अब्दुल रेहान के घर पहुंची और छापेमारी की जैसे ही रेहान को इसकी खबर मिली कि पुलिस उसके घर आ रही है मौके पर ही वो नौ दो ग्यारह हो गया l फिलहाल पुलिस की टीम उसको पकड़ने के लिए भागादौड़ी कर रही है l पुलिस ने जनता को जागरूक किया है कि अगर कोई भी इस संकट में कालाबाजारी (Black marketing) करते मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करे l

देश के कई प्रमुख शहर जैसे बेंगलुरु, कोलकत्ता, दिल्ली, मुंबई आदि में LPG गैस सिलिंडर की कमी से इन सब शहरों में कई छोटे -बड़े होटल रेस्टोरेंट सब बंद हो गए है तो कई बंद होने के कगार पर हैं l कई जगह मेन्यू में बदलाव किए गए हैं तो कई जगह केवल 2-3 व्यंजनों से ही काम चल रहा है l इन शहरों की ऐसी हालत हो गयी है कि यहाँ खाना महँगा हो गया है l अपने घर से दूर रह रहे छात्रों और नौकरी करने वाले यह बता रहे है कि जो खाना पहले 50/60 रुपये प्लेट मिलता था अब वही सीधे 70-80 का हो गया है l मेस मालिकों का कहना है कि अगर वह पैसे न बढाए तो उनका भोजनालय बंद हो जाएगा और जिस तरह भी वह खाना मुहैया करवा रहे है वो भी मुश्किल हो जाएगा l अगर साफ़ शब्दों में कहे तो खाने के लाले पड़ सकते हैं l

अब जनता करे तो क्या करे? इंडक्शन चूल्हे (Induction) की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) प्लेटफार्म जैसे स्विग्गी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) जेप्टो (Zepto) ब्लिंक इट (BlinkIt), आदि पर कुछ घंटों के भीतर आउट ऑफ़ स्टॉक हो गया l कई जगह से तस्वीरें आई है कि शादी-ब्याह में अब खाना पारंपरिक तरीके से लकड़ियों पर बन रहा है l और कई होटल वाले भी लकड़ियों के चूल्हे पर खाना पकाने के लिए मजबूर हो गए हैं l

इन सभी घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हाल ही में Essential Commodities Act 1955 को जारी करते हुए अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल किया है l सरकार ने घरेलु ऑयल रिफायनरीज को सूचित किया है कि वह अपनी क्षमता से दस गुना अधिक मात्रा में कच्चे तेल और गैस का उत्पादन करे l सरकार ने आश्वस्त किया है की वह इस संकट काल में हर वो कदम उठाने के लिए तत्पर है जिस से इस मुसीबत की घडी का सामना किया जा सके l

[VT]

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