भारत की राजनीति में इन दिनों एक अजीब नाम तेजी से वायरल हो रहा है CJP यानी “कॉकरोच जनता पार्टी” (“Cockroach Janata Party”)। नाम सुनते ही लोगों को यह मजाक या मीम लग सकता है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह एक बड़े डिजिटल मूवमेंट (Digital Movement) का रूप ले चुका है। दरअसल, यह कोई आधिकारिक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि युवाओं के गुस्से, बेरोजगारी और सिस्टम से नाराजगी को व्यंग्य और मीम्स के जरिए दिखाने वाला ऑनलाइन अभियान है। इस पार्टी का नाम तब चर्चा में आया जब सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हुआ। उसी के बाद कुछ युवाओं ने “कॉकरोच” शब्द को ही विरोध और पहचान का प्रतीक बना दिया। देखते ही देखते लाखों लोग इससे जुड़ गए और यह इंटरनेट की सबसे वायरल राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हो गया।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Justice Surya Kant) ने एक मामले की सुनवाई के दौरान 15 मई 2026 को कहा था कि कुछ लोग जो किसी पेशे या नौकरी में जगह नहीं बना पाते वे कॉकरोच की तरह होते हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मीडिया सोशल मीडिया या एक्टिविस्ट के जरिए सिस्टम और संस्थानों पर हमला करने लगते हैं। हालांकि इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद ही सीजेआई (CJI) ने अपने टिप्पणी पर सफाई दी उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके इस बयान को मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने कहा कि उनकी यह टिप्पणी विशेष रूप से उन लोगों के लिए थी जो फर्जी डिग्रियों के सहारे सिस्टम में घुसपैठ करते हैं और उन्हें देश के युवाओं पर पूरा गर्व है।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत (CJI Justice Surya Kant) के युवाओं को कॉकरोच कहने की टिप्पणी के बाद ही शुरू हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) नाम के एक राजनीतिक कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट ने की। यह मूवमेंट सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर सामने आया। शुरुआत में इसे सिर्फ एक मजाक और व्यंग्य माना गया, लेकिन कुछ ही दिनों में हजारों लोग इससे जुड़ गए। पार्टी ने खुद को “युवाओं की आवाज” (Voice Of Youths) बताना शुरू किया और अपने पोस्ट्स में बेरोजगारी, सिस्टम से नाराजगी और राजनीतिक निराशा जैसे मुद्दों को उठाया।
इस पार्टी के बनने के पीछे सबसे बड़ा कारण वह विवादित टिप्पणी मानी जा रही है जिसमें बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” (Cockroach) कहे जाने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे युवाओं का अपमान बताया और विरोध शुरू हो गया। उसी विरोध को व्यंग्यात्मक अंदाज में बदलते हुए “कॉकरोच जनता पार्टी” (“Cockroach Janata Party”) बनाई गई। पार्टी ने कहा कि अगर सिस्टम युवाओं को कॉकरोच समझता है, तो वही “कॉकरोच” अब अपनी आवाज उठाएंगे। यही कारण है कि इस मूवमेंट को खासकर Gen-Z युवाओं का भारी समर्थन मिला।
इस मूवमेंट की शुरुआत अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने की हैं। वे महाराष्ट्र के संभाजी नगर से हैं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार उनका संबंध पहले आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) यानी AAP की सोशल मीडिया टीम से रहा है। बताया गया कि वे राजनीतिक डिजिटल कैंपेन और नैरेटिव बिल्डिंग में काम कर चुके हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी शुरू हुई कि कॉकरोच जनता पार्टी का अप्रत्यक्ष संबंध AAP से हो सकता है। हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक गठबंधन सामने नहीं आया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (“Cockroach Janata Party”) ने खुद को एक “सटायरिकल” यानी व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन बताया है। इसकी वेबसाइट और सोशल मीडिया पोस्ट्स में कई मजाकिया नियम और घोषणापत्र भी डाले गए। पार्टी का दावा है कि वह उन युवाओं की आवाज है जिन्हें सिस्टम नजरअंदाज कर रहा है। इसके घोषणापत्र में बेरोजगारी, शिक्षा, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को हास्य के साथ उठाया गया। पार्टी का टैगलाइन “Unity, Resilience, Progress.” भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ।
इस पार्टी से कई चर्चित लोग भी सोशल मीडिया पर जुड़ते दिखाई दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और कीर्ति आज़ाद (Kirti Azad) जैसे नेताओं ने भी ऑनलाइन इंटरैक्शन किया, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई। हालांकि यह अब तक भारत निर्वाचन आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी नहीं है।
सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इसके फॉलोअर्स की संख्या कई बड़ी पार्टियों से भी ज्यादा हो गई। यही वजह है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” सिर्फ एक मीम नहीं बल्कि इंटरनेट पॉलिटिक्स का नया उदाहरण बन गई है, जहां व्यंग्य और डिजिटल कैंपेन मिलकर बड़ा असर पैदा कर रहे हैं। [SP]