दिल्ली नगर निगम में हर एक वार्ड में विकास कार्यों के नाम पर दिल्ली सरकार अपने विधायकों को जमकर पैसे बाँट रही है लेकिन विकास कार्य केवल कागज़ पर ही दिखाई दे रही है. असल में कोई काम नहीं होता l सारा का सारा पैसा टेंडर प्रक्रिया में शामिल घूसखोर अधिकारी और माफियों के जेब में जा रहा है.
टेंडर का पैसा सबके पास अपने अपने कार्य में योगदान के हिसाब से बंटता है लेकिन पहुँचता जरुर है l यह कोई आम पैसा नहीं है बल्कि जनता के खून-पसीने के पैसे से नेता और ठेकेदार मौज कर रहे है l सूत्रों के मुताबिक़ जो भी टेंडर प्रक्रिया में अधिक पैसे में बोली लगाता है, टेंडर उसी के नाम होता है l
इस प्रक्रिया में मुख्य तौर पर एग्जीक्यूटिव इंजिनियर और बाकी सदस्य मिलकर खूब पैसा कमाते है l MCD में घोटाला कोई नई बात नहीं है, कोई भी सरकार हो कांग्रेस, आम आदमी पार्टी या BJP ही क्यों न हो, घोटाला हर सरकार में आम बात है l
सूत्रों के मुताबिक़ अभी तक शाहदरा साउथ जोन के तहत आने वाली गीता कॉलोनी स्थित डिवीज़न-1, झिलमिल स्थित डिवीज़न-2 और शाहदरा नार्थ जोन के तहत आनेवाली जितने भी टेंडर भारी संख्या में पूल हुए है, टेंडरों के माध्यम से सरकार को 8 -10 करोड़ का चूना लगाया गया है l
MCD के एक वरिष्ट अफसर ने कहा की अगर ये सच है तो सम्बंधित डिवीज़नों द्वारा किये गए टेंडर प्रभावी रूप से तत्काल रद्द किये जाए.
इसके अलावा सम्बंधित डिवीज़नों के अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए और साइबर क्राइम की धाराएं लगाकर उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए.
पहले भी MCD कर्मचारियों के कैशलेस इलाज में 9 करोड़ घोटाले का मामला सामने आया था.
(VT)