AIMIM पार्षद सहर शेख के बयान पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन X
राष्ट्रीय

AIMIM पार्षद सहर शेख के बयान पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन, तो BJP अध्यक्ष नितिन नबीन को कही ये बात

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM इन दिनों काफी चर्चा में है। हाल ही में महाराष्ट्र में निकाय चुनाव हुआ था जहाँ पार्टी ने पार्टी ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी ने ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में दमदार प्रदर्शन किया

Author : Mayank Kumar
Reviewed By : Ritik Singh

  • AIMIM जीती, सहर शेख के “Paint Mumbra Green” नारे पर विवाद।

  • मौलाना रजवी ने इसे गलत बताया, तनाव बढ़ने की बात कही।

  • रजवी ने नितिन नबीन को बधाई देकर नफरत रोकने की उम्मीद जताई।

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी AIMIM इन दिनों काफी चर्चा में है। हाल ही में महाराष्ट्र में निकाय चुनाव हुआ था जहाँ पार्टी ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी ने ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में दमदार प्रदर्शन किया और मुंब्रा इलाके में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। शानदार जीत के बाद से ओवैसी की पार्टी के हौसले काफी बुलंद दिखे।

इसी बीच AIMIM की युवा काउंसलर सहर शेख (Sahar Sheikh) जिनकी उम्र 22 वर्ष है, उन्होंने एक ऐसा बयान दे दिया, जिसके बाद सियासी बवाल मच गया। अब इसी बात पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIMJ) के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi) ने AIMIM पार्षदों को खरी-खोटी सुनाई है। क्या है पूरा मामला आइये समझते हैं?

सहर शेख पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

दरअसल, महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में AIMIM का प्रदर्शन काफी शानदार रहा था। मुंब्रा इलाके में मजबूत पकड़ के बाद AIMIM की युवा काउंसलर सहर शेख (Sahar Sheikh) ने एक ऐसा बयान दिया, जिसके बाद हर कोई हैरान है। अपने भाषण में सहर ने विरोधियों पर तीखा हमला बोला और यह भी बताया कि पार्टी अगले 5 साल में क्या विजन लेकर चलेगी। हालांकि, उनका एक स्लोगन अब विवाद का विषय बन चुका है। उन्होंने अपने भाषण में 'पेंट मुंब्रा ग्रीन' का नारा दिया और यही सारे फसाद की जड़ है।

सहर शेख ने अपने भाषण में बोला कि ''हमारे विरोधियों को लगता था कि AIMIM को पूरी तरह खत्म कर देंगे, लेकिन पार्टी ने रणनीति और दृढ़ संकल्प से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की है। मैं शेर की बच्ची हूँ और उनके खिलाफ 'गिद्धों की पूरी फौज' उतरी थी, और वो नाकाम रहे। '' उन्होंने आगे कहा कि अगले पांच सालों में मुंब्रा के हर उम्मीदवार AIMIM से होंगे। मुंब्रा को पूरी तरह ग्रीन रंग से रंगना है। हमारी पार्टी के झंडे का भी रंग हरा है।

सहर शेख (Sahar Sheikh) के इसी बयान पर अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIMJ) के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। IANS न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये सब बचकानी बातें हैं। रंग पर किसी मजहब का टाइटल नहीं है। इंसान के बस का नहीं कि कौन किसको किसके रंग में रंग दे। उन्हें उतावलापन नहीं दिखाना चाहिए। इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ता है।

नितिन नबीन पर भी बोले रजवी

20 जनवरी 2026 को नितिन नबीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। इस दौरान पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के सभी कद्दावर नेता वहां मौजूद रहे। सर्व सहमति से नबीन को अध्यक्ष चुना गया। 45 वर्ष की आयु में वह बीजेपी के इतिहास में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पिछले साल 14 दिसंबर 2025 को ही उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया था। वह बिहार से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता हैं।

अब इसी पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIMJ) के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi) ने उन्हें बधाई दी है। बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उम्मीद है नितिन नबीन बीजेपी से मुसलमानों को जोड़ने का काम करेंगे। साथ ही रिजवी ने यह भी कहा कि मुझे आशा है कि वो मुसलमान के खिलाफ जहर उगलने वाले, नफरत भरे बयान देने वालों पर रोक भी लगाएंगे।

कौन हैं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी?

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIMJ) के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi) के बारे में बात करें, तो उनका जन्म 1975 में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। मंजरे इस्लाम (बरेली शरीफ) से उन्होंने अपनी शिक्षा प्राप्त की। सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर वो बेबाक राय रखे जाने के लिए रिजवी जाने जाते हैं। साल 2021 में उन्हें ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। उन्हें मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi) अक्सर बयानबाजी को लेकर विवादों में भी रहे हैं। साल 2022 में यूपी के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुसलमानों से अपील की थी कि वो बीजेपी की योजनाओं का लाभ लें और उनसे नफरत ना करें। इस बयान के बाद कट्टरपंथी धड़ों उनकी आलोचना की थी।