असम की नागांव सीट से लगातार दो बार (2019 और 2024) कांग्रेस सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने 18 मार्च 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अपना इस्तीफा सौंपा। अब भाजपा के लिए करेंगे प्रचार  X
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असम चुनाव 2026: शीश महल में रहने वाले नेता का बीजेपी में जोरदार स्वागत, पूरे ₹8.39 करोड़ का निकला मालिक

असम की नागांव सीट से लगातार दो बार (2019 और 2024) कांग्रेस सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने 18 मार्च 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अपना इस्तीफा सौंपा।

Author : Pradeep Yadav

  • असम की नागांव सीट से लगातार दो बार (2019 और 2024) कांग्रेस सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने 18 मार्च 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अपना इस्तीफा सौंपा।

  • बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के पुराने आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने 2 अगस्त 2025 को उन पर गुवाहाटी में जनता के पैसे से 'शीश महल' (आलीशान बंगला) बनाने का आरोप लगाया था।

  • इस दलबदल का सबसे रोचक पहलू बोरदोलोई परिवार के भीतर का विरोधाभास है। उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई, जिन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया था, उन्होंने 19 मार्च 2026 को अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।

असम में 9 अप्रैल 2026 को मतदान की तारीख तय की गई है। सभी पार्टियां चुनाव प्रचार के लिए हर हथकंडे को अपना रही हैं। चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए साम, दाम, दंड, भेद के हर स्तर पर काम किया जा रहा है। 

इसी बीच बड़ी खबर निकालकर आ रही है कि के सांसद रहे  प्रद्युत बोरदोलोई (Pradyut Bordoloi) ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। प्रद्युत बोरदोलोई पर हाल ही में भाजपा ने शीश महल जैसा भ्रष्टाचार लगाया था। इसके बाद भाजपा में प्रद्युत बोरदोलोई के जाने पर अब काँग्रेस ने भी भाजपा को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 

अगस्त 2025 को भाजपा के असम इकाई ने यह आरोप लगाया था कि प्रद्युत बोरदोलोई उस समय तक सबसे भ्रष्ट नेताओं में से एक हैं। भाजपा ने यह भी कहा था कि जनता के टैक्स के पैसे से उन्होंने गुवाहाटी में एक बड़ा शीश महल बनाया है जो कि भ्रष्टाचार का प्रतीक है।

कौन है प्रद्युत बोरदोलोई और क्या है आरोप ?

प्रद्युत बोरदोलोई ने साल 2024 में असम के नागांव (Nagaon) लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। इस सीट से प्रद्युत बोरदोलोई दो बार सांसद रह चुके हैं। असम विधानसभा चुनाव के गर्माहट के बीच उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अपना इस्तीफा 18 मार्च 2026 को सौंप दिया था। इसके बाद उन्होंने भाजपा के अमित शाह से मुलाकात किया। उनका मानना है कि कांग्रेस में उनका सम्मान नहीं हो रहा था। 

 भाजपा (BJP) की तरफ से कुछ समय पहले साल 2006-2014 तक प्रद्युत बोरदोलोई (Pradyut Bordoloi) के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जा रहा था जब वह कांग्रेस में थे। बता दें कि प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस के काफी पुराने नेता हैं। असम (Assam) में तरुण गोगोई की लगातार 15 साल की सरकार में मंत्री बने रहे। मंत्री पद के दौरान भाजपा ने आरोप लगाया कि मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई ने कोयला के अवैध खनन को मंजूरी दी और इस तरीके के अवैध कार्यों के संरक्षण दाता बने रहे। 

असम चुनाव में भी पहुंचा शीश महल का मुद्दा !

दिल्ली विधानसभा चुनाव- 2025 के दौरान उस समय के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के ऊपर शीशमहल तैयार करने का आरोप लगा था। चुनाव में शीशमहल काफी चर्चा में भी था। लेकिन शीशमहल का दूसरा मुद्दा असम में भी जोर-शोर से उठाया जा रहा है। दरअसल, 2 अगस्त 2025 को भाजपा के असम इकाई ने यह आरोप लगाया था कि प्रद्युत बोरदोलोई उस समय तक सबसे भ्रष्ट नेताओं में से एक हैं। भाजपा ने यह भी कहा था कि जनता के टैक्स के पैसे से उन्होंने गुवाहाटी में एक बड़ा शीश महल बनाया है जो कि भ्रष्टाचार का प्रतीक है। 

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असम में सियासी लहर हुई तेज !

प्रद्युत बोरदोलोई के कांग्रेस (Congress) में शामिल होने पर असम का सियासी पारा इस समय बहुत ऊपर है। प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे प्रतीक बोरदोलोई असम चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। पिता के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रतीक ने 19 मार्च 2026 को उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लिया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना टिकट वापस करने का पत्र भेज दिया।  

असम के इस चुनावी समर में किसकी विजय होगी किसकी पराजय होगी यह फिलहाल कहना बड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। नेताओं के दल बदलने से चुनावी लहर की दिशा बदलती रहती है। भाजपा के नेता कांग्रेस में जाते हैं, कांग्रेस के नेता भाजपा (BJP) में जाते हैं, इस तरीके से सियासी समीकरण साधने का सिलसिला चुनाव थमने तक जारी रहता है।

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