22 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली में 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश की मौत पर घमासान मचा हुआ है। ऋषिकेश की मौत से पूरे कैंपस का माहौल गर्म है। सैकड़ों छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अकादमिक दबाव की वजह से ऋषिकेश ने आत्महत्या की है।  file
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IIT-Delhi में उबाल: ऋषिकेश की मौत पर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ छात्रों का धरना है जारी! निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों को सजा और डीन के इस्तीफे की मांग तेज

आईआईटी दिल्ली में 30 महीनों में 8 आत्महत्याएँ, ऋषिकेश की मौत के बाद छात्रों का प्रशासन पर संस्थागत हत्या का आरोप, डीन के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग तेज

Author : Pradeep Yadav

आईआईटी दिल्ली में 31 वर्षीय एमएससी छात्र ऋषिकेश की आत्महत्या के बाद कैंपस में उबाल है। छात्र प्रशासन पर अकादमिक दबाव और लापरवाही का आरोप लगाकर इसे संस्थागत हत्या बता रहे हैं। 30 महीनों में 8 आत्महत्याओं का हवाला देते हुए वे डीन (Dean) के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों की सजा और परिवार को एक करोड़ मुआवजे की मांग पर धरने पर बैठे हैं।

22 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली में 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश की मौत पर घमासान मचा हुआ है। आईआईटी दिल्ली (IIT-Delhi) के शिक्षार्थी न्याय की मांग करते हुए धरने पर बैठे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण ऋषिकेश ने आत्महत्या की है। यह मामला आईआईटी दिल्ली में दिन-प्रतिदिन गर्म होते दिखाई दे रहा है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 22 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली (IIT-Delhi) के छात्र ऋषिकेश ने आत्महत्या कर ली। ऋषिकेश आईआईटी दिल्ली में परास्नातक के छात्र थे। ऋषिकेश की मौत से पूरे कैंपस का माहौल गर्म है। सैकड़ों छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अकादमिक दबाव की वजह से ऋषिकेश ने आत्महत्या की है। 25 अगस्त 2026 को न्यूज़ग्राम से बातचीत के दरमियान कुछ छात्रों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और ऋषिकेश की मौत को संस्थानिक हत्या बताया।

व्यवस्था ने ऋषिकेश की जान ले ली!

न्यूज़ग्राम से बातचीत के दरमियान बी. टेक द्वितीय वर्ष के छात्र सक्षम ने कहा, “मैं ऋषिकेश जी से दो बार मिल चुका हूँ। बहुत शालीन शख्स थे। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मेरी बहुत मदद की है। मैं कभी नहीं भूल सकता। उनकी मौत से अचंभित और परेशान हूँ। उनकी मौत के लिए किसी एक को नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था को जिम्मेदार मानता हूँ। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि किसी एक के इस्तीफा देने से अगली बार कोई अन्य छात्र इस तरीके से आत्महत्या नहीं करेगा। हमें व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है। हम यहाँ सिर्फ उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। आईआईटी दिल्ली (IIT-Delhi) अपनी तरफ से कम से कम एक करोड़ का मुआवजा दे।”

सक्षम ने आगे कहा, “30 महीने में 8 विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली है। यह दिखाता है कि व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार की आवश्यकता है। इतने कम समय में इतने सारे मामले कैसे सामने आ सकते हैं। हमें इसपर विचार करने की आवश्यकता है।”

आईआईटी दिल्ली में परास्नातक के छात्र यश ने कहा, “30 महीने के भीतर 8 विद्यार्थियों की मौत हुई है। यह व्यवस्था में रहने वाले लोगों की संवेदनहीनता को दिखाता है। ऋषिकेश की मौत की जांच होनी चाहिए। जो भी लोग इसमें जिम्मेदार हैं उनको सजा मिलनी चाहिए। मुख्य पदों पर काबिज लोग इसके लिए जिम्मेवार हैं और उनको इस्तीफा देना चाहिए।”छात्रों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। हमें ऊपर से यही दिखाई दे रहा है कि यह आत्महत्या का मामला है। लेकिन यह जांच का विषय है कि उन्होंने क्यों आत्महत्या की है? छात्रों का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।

धरने पर बैठे छात्रों की क्या है मांग?

ऋषिकेश को न्याय दिलाने के लिए 24 अगस्त 2026 से आईआईटी दिल्ली (IIT-Delhi) के छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्रों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। हमें ऊपर से यही दिखाई दे रहा है कि यह आत्महत्या का मामला है। लेकिन यह जांच का विषय है कि उन्होंने क्यों आत्महत्या की है? छात्रों का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।

आईआईटी दिल्ली (IIT-Delhi) में परास्नातक के छात्र यश ने कहा, “30 महीने के भीतर 8 विद्यार्थियों की मौत हुई है। यह व्यवस्था में रहने वाले लोगों की संवेदनहीनता को दिखाता है। ऋषिकेश की मौत की जांच होनी चाहिए। जो भी लोग इसमें जिम्मेदार हैं उनको सजा मिलनी चाहिए। मुख्य पदों पर काबिज लोग इसके लिए जिम्मेवार हैं और उनको इस्तीफा देना चाहिए।”

बता दें कि छात्र डीन (Dean) से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सबसे पहले डीन को इस्तीफा देना होगा और इसके बाद जांच होनी चाहिए। इसके अलावा उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए की धनराशि दी जाए।

आईआईटी दिल्ली में बी. टेक छात्र संदीप ने कहा, “Investigation, resignation and compensation इन तीन चीजों की मांग हम कर रहे हैं। इसके साथ हमें यह भी गारंटी चाहिए कि जो भी दूसरा कोई आएगा उसके शासनकाल में इस तरीके से अकादमिक दबाव के कारण छात्र आत्महत्या नहीं करेंगे।”

कौन थे ऋषिकेश और क्यों की आत्महत्या?

ऋषिकेश मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। उन्होंने बिहार से ही प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण की। इसके बाद 2014 में एनआईटी राउरकेला (NIT Rourkela) में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक (B.Tech) में दाखिला ले चुके थे। इसी बीच इनके पिता का निधन हो गया जिसकी वजह से पढ़ाई छोड़नी पड़ी। 2022 में मगध विश्वविद्यालय में B.Sc में दाखिला लिया और स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद साल 2025 में IIT JAM परीक्षा दी और 40वीं रैंक हासिल हुई। इसके बाद आईआईटी दिल्ली में एमएससी (Physics) में दाखिला हो गया।

आईआईटी दिल्ली (IIT-Delhi) में अध्ययनरत छात्रों के मुताबिक उनको पहले हॉस्टल मिला हुआ था। आत्महत्या से पहले कुछ दिनों के लिए घर गए थे, वापस आने पर उनको हॉस्टल नहीं मिला। काफी दिनों से ऋषिकेश परेशान थे। इसी बीच 22 अगस्त 2026 को लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स (Lecture Hall Complex) की 6वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी।

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