
CJP Protest Live: दिल्ली इस समय छावनी में तब्दील हो चुकी है। कॉकरोच जनता पार्टी के 'चलो संसद' मार्च को लेकर सुबह से ही करीब 10,000 छात्र, युवा और उनके माता-पिता यहां जुट चुके हैं। 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिसे देखते हुए प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। जंतर-मंतर पर माहौल बेहद तनावपूर्ण है। कुछ ही देर पहले गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के पहले घेरे के बैरिकेड्स को तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है क्योंकि इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। पूरी नई दिल्ली और संसद मार्ग के आस-पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, यानी 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों (CAPF) की 25 बटालियन और दिल्ली पुलिस के 5000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। ड्रोन से पूरी भीड़ पर नजर रखी जा रही है। साथ ही नई दिल्ली के आस पास के मेट्रो स्टेशन को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
इस आंदोलन को बड़ा मोड़ तब मिला जब दो दिन पहले हिरासत में लिए गए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सफदरजंग अस्पताल से अपना संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वे खुद को वहां 'कैद' महसूस कर रहे हैं और अपना अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने 3 कड़ी शर्तें रखी हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP Protest Live) के प्रमुख अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) भी वांगचुक के समर्थन में अनशन पर अड़े हैं। प्रदर्शनकारी साफ कह रहे हैं कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और NEET धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। संसद की तरफ बढ़ने वाले हर रास्ते को सील कर दिया गया है।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि अंगमो भी जंतर-मंतर पहुंच चुकी हैं। जंतर-मंतर पर संसद मार्च की तैयारी में सुबह से ही हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं। गीतांजलि के वहां पहुंचने से प्रदर्शनकारियों का हौसला और बढ़ गया है।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि अंगमो भी जंतर-मंतर पहुंच चुकी हैं। जंतर-मंतर पर संसद मार्च की तैयारी में सुबह से ही हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं। गीतांजलि के वहां पहुंचने से प्रदर्शनकारियों का हौसला और बढ़ गया है।
संसद मार्च की कोशिश कर रहे CJP कार्यकर्ताओं और छात्रों पर पुलिस और RAF ने बर्बरता से लाठीचार्ज कर दिया है। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने संसद की तरफ बढ़ने के लिए बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं। तनाव के बीच चंद्रशेखर आज़ाद और महुआ मोइत्रा भी मौके पर पहुंचे हैं। सुरक्षा के चलते केंद्रीय सचिवालय और राजीव चौक सहित 5 बड़े मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने गए थे। इसके बाद अभिजीत दीपके ने अपना अनशन खत्म कर दिया।
20 जुलाई 2026 को मानसून सत्र के पहले दिन, नीट पेपर लीक के विरोध में CJP का 'संसद चलो' मार्च हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस की मनाही और धारा 163 के बावजूद करीब 8,000 प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़े, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। एहतियातन संसद के सभी गेट बंद कर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
दिल्ली के संसद मार्ग पर CJP का प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए हैं। वे प्रदर्शनकारियों को संसद की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स पर तैनात थे। घायल अधिकारी ने ANI को बताया कि भीड़ ने अचानक उन पर पथराव कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बल लगातार मुस्तैद हैं।
संसद मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि पुलिस ने उनके संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है। पार्टी ने आज से शुरू हो रहे मानसून सत्र के बीच सभी सांसदों (MPs) से भावुक अपील की है कि वे संसद के अंदर छात्रों की आवाज उठाएं और इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दें।
🚨#JustIn: DIPKE HAS BEEN PICKED UP BY THE POLICE!
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
WE REQUEST ALL MPs TO IMMEDIATELY STAND IN SUPPORT OF THE STUDENTS ON THE STREETS!
THE POLICE IS BRUTALLY CRACKING DOWN AND BEATING UP PEACEFUL PROTESTERS.
जंतर-मंतर पर भारी हंगामे के बीच CJP नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को अपनी मांगों का एक आधिकारिक पत्र सौंपा, जिसमें NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और बेरोजगारी पर ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। इस बैठक को गतिरोध तोड़ने की कोशिश माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "हम आज करीब 12 बजे नड्डा जी के आवास पहुंचे थे। लगभग 2:15 बजे उनसे मुलाकात हुई। इस दौरान हमने उनके सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।"
उन्होंने बताया कि पहली मांग सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और उन्हें वीडियो संदेश के माध्यम से देश की जनता को संबोधित करने की अनुमति देने की थी।
दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर थी। रांका ने कहा कि उनकी पार्टी उन्हें अयोग्य शिक्षा मंत्री मानती है, इसलिए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए या उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए।
तीसरी मांग NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की थी।
रांका ने बताया कि इस मुद्दे पर दो दौर की बातचीत हुई। पहला दौर करीब 2 बजे और दूसरा दौर करीब 4 बजे हुआ। उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा ने आश्वासन दिया है कि वह इन मांगों पर पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा करेंगे और जो भी निर्णय होगा, उसकी जानकारी जल्द ही उन्हें दे दी जाएगी।
जब उनसे पूछा गया कि नड्डा की ओर से उन्हें क्या आश्वासन मिला, तो रांका ने कहा, "मुझे केवल यही आश्वासन मिला है कि वह इस मामले पर वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा करेंगे और जो भी फैसला होगा, उसकी जानकारी हमें जल्द दे दी जाएगी।"
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Additional Commissioner of Police) राजीव रंजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, "दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से अपील करती है कि वे संयम बरतें और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। सभी प्रदर्शनकारी अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से करें। वे किसी भी गैरकानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए वैधानिक निर्देशों का पालन करें।"
दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करती है। सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें । किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात… pic.twitter.com/kfqh2gaTbI
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 20, 2026
उन्होंने आगे कहा कि आम जनता किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक जानकारी या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करे और न ही उसे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा करे।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से केवल विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने तथा राजधानी में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके साथ ही कई स्थानों पर हल्का बल प्रयोग भी किया गया।
घटना के बाद नई दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। संसद, शास्त्री भवन और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। एहतियात के तौर पर कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश एवं निकास को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने PTI से बातचीत में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "पुलिस ने बेहद बर्बरता की है। यहां प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों के सिर फट गए हैं। यहां तक कि एक 15 वर्षीय लड़की की भी एक पुरुष पुलिसकर्मी ने बेरहमी से पिटाई की।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया, "एक पुरुष पुलिसकर्मी ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि वांगचुक के बाल पकड़ने की भी कोशिश की। इतना ही नहीं, उन पर लाठीचार्ज करने का प्रयास किया गया और उन्हें टेंपो से जबरन बाहर खींचने की भी कोशिश की गई।"
हालांकि, इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Day #23
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
I'll continue my fast........... pic.twitter.com/rfohA8iMkx
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक सांसद CJP के नेताओं से मुलाकात नहीं करते, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
भूख हड़ताल के 23वें दिन वांगचुक ने कहा कि वह NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की अपनी मांग पर अडिग हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने हस्तलिखित संदेश में वांगचुक ने कहा कि छात्रों को अपनी आवाज संसद तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने की अनुमति दी जाए ताकि उनकी समस्याओं और मांगों को जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल टीम और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ओर से नियुक्त डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि वे कल दोपहर 12:30 बजे तक अपनी-अपनी मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश करें।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सोनम वांगचुक के मेडिकल परीक्षण की वीडियोग्राफी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और दिल्ली पुलिस से सवाल किया, "उनके मेडिकल टेस्ट की वीडियोग्राफी क्यों की जा रही है?"
यह निर्देश जंतर-मंतर पर चल रहे युवा और जलवायु आंदोलन से जुड़े मामलों की संयुक्त सुनवाई के दौरान दिया गया। आइशे घोष की ओर से पेश अधिवक्ता सुभाष चंद्रन केआर ने बताया कि उनकी जनहित याचिका (PIL) दिल्ली पुलिस द्वारा कथित अवैध निगरानी (Illegal Surveillance) से संबंधित है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या सोनम वांगचुक मेडिकल जांच में सहयोग कर रहे हैं। अदालत में मौजूद डॉक्टर ने बताया कि जब उनकी मेडिकल जांच की वीडियोग्राफी की जा रही थी, तब उन्होंने सहयोग नहीं किया। इस पर पीठ ने पूछा कि मेडिकल परीक्षण की रिकॉर्डिंग करने की आवश्यकता क्या है।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सफदरजंग अस्पताल और सोनम वांगचुक दोनों पक्ष अपनी-अपनी मेडिकल रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत करें।
वहीं, आइशे घोष से जुड़े मामले में अदालत ने भारत के सॉलिसिटर जनरल को निजता (Privacy) से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का अध्ययन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि निजता के अधिकार से जुड़े इस मामले और सोनम वांगचुक की याचिका पर कल दोपहर 12:30 बजे एक साथ सुनवाई की जाएगी।
इस मामले के बाद प्रदर्शनकारियों की निगरानी और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कानूनी बहस और तेज हो गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कार्रवाई के समय एक 15 वर्षीय लड़की के साथ एक पुरुष पुलिसकर्मी ने बेरहमी से मारपीट की।
दिपके ने कहा, "पुलिस ने बेहद बर्बरता दिखाई है। यहां प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों के सिर फट गए हैं। यहां तक कि एक 15 वर्षीय लड़की को भी एक पुरुष पुलिसकर्मी ने बेरहमी से पीटा।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया, "एक पुरुष पुलिसकर्मी ने सोनम वांगचुक की पत्नी श्रीमती गीतांजलि वांगचुक के बाल पकड़ने की भी कोशिश की। इतना ही नहीं, उन पर लाठीचार्ज करने का प्रयास किया गया और उन्हें टेंपो से जबरन बाहर खींचने की कोशिश भी की गई।"
हालांकि, इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने से हालात तनावपूर्ण हो गए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने उग्र और हिंसक व्यवहार किया, जिसके चलते 118 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देश दिए गए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया और लागू निषेधाज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन किया।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और अन्य वस्तुओं से हमला किया। उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस और अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जिससे कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
घायलों में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, झड़प के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है। घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल-लीगल परीक्षण (एमएलसी) कराया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि हिंसक भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया। घटना में 15 से 20 सरकारी वाहनों समेत अन्य सरकारी संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई।
पुलिस ने अब तक लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य अपराधों के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अन्य संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर 'चलो संसद मार्च' आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, सोनम वांगचुक की रिहाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजे की मांग कर रहे हैं। पुलिस लाठीचार्ज और जेपी नड्डा से आश्वासन के बाद दीपके ने अनशन तो खत्म कर दिया है, लेकिन मांगें पूरी होने तक मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है।
प्रधानमंत्री आवास लोक कल्याण मार्ग के बाहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर बस के अंदर का एक वीडियो साझा किया, जिसमें हिरासत में लिए गए अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए देखा जा सकता है।
दो दिन पहले तक जंतर-मंतर पर पहुंचे कई किशोर और युवा कभी किसी प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बने थे। लेकिन सोमवार को हुई झड़पों और आंसू गैस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी स्विमिंग गॉगल्स, N95 मास्क और हेलमेट पहनकर आए।
पहली बार प्रदर्शन में शामिल हुए युवाओं ने बताया कि Instagram Reels, X (पूर्व में Twitter) और WhatsApp पर वायरल हो रहे वीडियो और संदेश ही उनके लिए तैयारी का माध्यम बन गए।
सोशल मीडिया पर लगातार एक जैसी सलाह दी जा रही थी आंखों की सुरक्षा के लिए स्विमिंग गॉगल्स पहनें, N95 मास्क लगाएं, चेहरे को ढकने के लिए गीला तौलिया साथ रखें, त्वचा को बचाने के लिए फुल स्लीव कपड़े पहनें और यदि संभव हो तो लाठीचार्ज से बचाव के लिए हेलमेट का उपयोग करें।
प्रदर्शन स्थल पर कई युवा नारे या भाषण की बजाय एक-दूसरे के साथ सुरक्षा संबंधी सुझाव साझा करते नजर आए। कुछ अपने साथियों को N95 मास्क सही तरीके से पहनना सिखा रहे थे, तो कुछ एक-दूसरे के गॉगल्स ठीक कर रहे थे और बार-बार तौलिया गीला रखने की सलाह दे रहे थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उसने अपने समर्थकों को केवल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए बुलाया है। पार्टी ने कहा कि दिल्ली के अन्य हिस्सों में एकत्र होने का कोई आह्वान नहीं किया गया है।
अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ असामाजिक तत्वों को दिल्ली के अन्य इलाकों में उपद्रव फैलाने के लिए भेजा गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सीजेपी से जुड़े नहीं हैं और उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
पार्टी ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे केवल जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में ही शामिल हों और किसी भी तरह की अफवाह या भड़कावे में न आएं।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी नई दिल्ली क्षेत्र में हुई एक घटना को लेकर अपना पक्ष रखा। पुलिस के अनुसार, करीब 8 बजे युवकों का एक समूह बैरिकेड्स के पास पहुंचा और वहां मौजूद पुलिस बल पर पथराव किया। इस दौरान कुछ बैरिकेड्स भी गिरा दिए गए।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने दूरी बनाकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके कुछ देर बाद समूह वहां से चला गया और स्थिति सामान्य हो गई।
पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली क्षेत्र में कहीं भी बल प्रयोग नहीं किया गया और कुछ ही मिनटों में हालात पूरी तरह शांत हो गए।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वांगचुक को आगे के उपचार के लिए मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था।
मंगलवार शाम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस के जरिए मेदांता अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में भर्ती कराया गया है।
केंद्रीय मंत्रियों की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब छात्र अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं। उनके आंदोलन के बुधवार को 25 दिन पूरे हो रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने संसद तक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। फिलहाल, मामलों की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, सीजेपी प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संसद मार्ग थाने में 4 एफआईआर और सीपी थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से एक एफआईआर नई दिल्ली क्षेत्र में, जो एक हाई-सिक्योरिटी जोन है, संसद सत्र के दौरान बिना मंजूरी के ड्रोन उड़ाने से जुड़ी है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरएएफ जवान पर हुए हमले के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। वायरल वीडियो में कुछ लोग आरएएफ जवान को पीटते नजर आए। वे आरएएफ की गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़ भी करते दिखे।
ये एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। साथ ही, जांच टीमें उपद्रव के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया गया कि कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए 250 से अधिक वीडियो की जांच की जा रही है। इनमें मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे के विजुअल और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरों से ली गई फुटेज शामिल हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बुधवार को कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के मुद्दों को लेकर किया जा रहा है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
आशुतोष रांका ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हम लोग यहीं बैठे रहेंगे। जंतर-मंतर से हिलने वाले नहीं हैं, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।"
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए रांका ने कहा कि यह उनका अधिकार है और संगठन इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि जो भी नेता या संगठन युवाओं के मुद्दों को उठा रहा है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या पार्टी अपने स्तर पर मुद्दे उठा सकती है, लेकिन अगर सभी लोग मिलकर काम करते हैं तो आंदोलन को ज्यादा मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अगर युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं तो यह अच्छी बात है। देश को सही दिशा में ले जाने के लिए सभी को साथ आने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह पेपर लीक के सभी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।"
पीएम मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा, "इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें।"
उन्होंने फैसले को छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पीएम मोदी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"
इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा सिर्फ किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है।
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार की देर रात 26 दिनों से जारी अनशन तोड़ दिया। सोनम ने अनशन तोड़ने का फैसला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया।
सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था। इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ा। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया। मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों का विस्तार से वर्णन करूंगा। इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं और आम लोगों को भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार कड़ी कार्रवाई करने के पक्ष में है। इससे जुड़ा एक मसौदा शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में पेश किया जाएगा।
पीएम ने कहा कि मैं जानता हूं कि पेपर लीक मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्र और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है इसलिए पेपर लीक की घटना से निपटने को लेकर अब तक पिछले ढाई महीने में अनेक कदम उठाए गए। गुनाहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में हैं। हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो।
उन्होंने आगे कहा कि तत्काल परीक्षा लेना जरूरी था। सरकार ने पूरी शक्ति का प्रयोग करके कम से कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा का प्रबंध किया। 5 से 6 दिन पहले, 19 को नतीजे भी आ गए। देश भर में पास हुए छात्रों की खुशियों की खबरें भी आ रही हैं। लेकिन हम संतोष मानने वाले लोगों में से नहीं हैं इसलिए मैंने आज विभागों को निर्देश दिए थे। आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात अपने मसौदे दे दिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रवधान के साथ मसौदे पर शुक्रवार को कैबिनेट में चर्चा होगी।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, तब जल्द से जल्द इस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा था कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से अपील की कि वे अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के बाद डॉक्टरों की सलाह मानें और अपनी सेहत ठीक करें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा: "मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में डॉक्टरों की सलाह मानें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन वापस पाएं। मैं ईश्वर से उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।"
प्रधानमंत्री का यह संदेश एक निजी अस्पताल में वांगचुक के केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं, डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ने के कुछ घंटों बाद आया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन खत्म करने के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। जिसमें लिखा है, "भूख हड़ताल खत्म, जवाबदेही की शुरुआत!"
सोनम वांगचुक वीडियो संदेश में कह रहे हैं, "केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा है। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया और संसद में नीट पेपर और परीक्षाओं की प्रणाली पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।"
वांगचुक ने आगे कहा, "सरकार की तरफ से आए मंत्रियों ने भी यह आश्वासन दिया। दो दिनों से बातचीत चल रही थी कि आश्वासन लिखित में चाहिए। इस प्रक्रिया में दो दिन लगे, जिससे मुझे दो दिन अतिरिक्त अनशन करना पड़ा। आखिरकार सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिला है।"
सोनम वांगचुक ने कहा है कि सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से यह भरोसा मिला कि खराब होती परीक्षा प्रणाली के मामले पर भारतीय संसद में जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि हाल ही में परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।"
END OF HUNGER... BEGINNING OF ACCOUNTABILITY...!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है। प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं।