
CJP Protest Live: दिल्ली इस समय छावनी में तब्दील हो चुकी है। कॉकरोच जनता पार्टी के 'चलो संसद' मार्च को लेकर सुबह से ही करीब 10,000 छात्र, युवा और उनके माता-पिता यहां जुट चुके हैं। 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिसे देखते हुए प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। जंतर-मंतर पर माहौल बेहद तनावपूर्ण है। कुछ ही देर पहले गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के पहले घेरे के बैरिकेड्स को तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है क्योंकि इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। पूरी नई दिल्ली और संसद मार्ग के आस-पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, यानी 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों (CAPF) की 25 बटालियन और दिल्ली पुलिस के 5000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। ड्रोन से पूरी भीड़ पर नजर रखी जा रही है। साथ ही नई दिल्ली के आस पास के मेट्रो स्टेशन को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
इस आंदोलन को बड़ा मोड़ तब मिला जब दो दिन पहले हिरासत में लिए गए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सफदरजंग अस्पताल से अपना संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वे खुद को वहां 'कैद' महसूस कर रहे हैं और अपना अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने 3 कड़ी शर्तें रखी हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP Protest Live) के प्रमुख अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) भी वांगचुक के समर्थन में अनशन पर अड़े हैं। प्रदर्शनकारी साफ कह रहे हैं कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और NEET धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। संसद की तरफ बढ़ने वाले हर रास्ते को सील कर दिया गया है।