अभिषेक मनु सिंघवी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। बड़ी बात यह है कि राज्यसभा के लिए सिंघवी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। अभिषेक मनु सिंघवी पाँचवी बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। निर्विरोध चुने गए मनु सिंघवी ने अपनी संपत्ति को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हलफनामें में अभिषेक मनु सिंघवी की संपत्ति ने सबको चौंका दिया है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने हलफनामे में पूरी संपत्ति का ब्यौरा दिया है। उनके पास कुल 2860 करोड़ की संपत्ति है। सिंघवी के परिवार में उनकी पत्नी के हिस्से वाली संपत्ति को भी इसमें शामिल किया गया। उनके पास ₹1,536 करोड़ से अधिक चल संपत्ति है। इसके अलावा उनकी पत्नी के पास ₹157.53 से अधिक के आभूषण हैं। सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं। उन्होंने कई सारे विवादित केस लिए हैं और उनके लिए लड़ाई लड़ चुके हैं।
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अभिषेक मनु सिंघवी और केजरीवाल के बीच गहरा संबंध है। केजरीवाल जब भी संकट में फंसे हैं मनु सिंघवी उनके लिए संकतमोचक साबित हुए हैं। केजरीवाल के ऊपर 2021-22 में दिल्ली शराब घोटाला का आरोप लगा था। इस मामले में अरविन्द केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी थे। मार्च 2024 में अरविन्द केजरीवाल को जब ईडी ने गिरफ्तार किया तो अभिषेक मनु सिंघवी ने आधी रात को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 27 फरवरी 2026 को अरविन्द केजरीवाल को आबकारी भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राहत दिया। इस कार्य में सिंघवी केजरीवाल के मुख्य वकील थे।
कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अरविन्द केजरीवाल अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा भेजना चाहते थे। केजरीवाल ने सिंघवी को यह प्रस्ताव 2024 में भेजा था। इसके लिए केजरीवाल ने अपनी पार्टी की नेता स्वाति मालिवाल को राज्यसभा सीट छोड़ने का दबाव भी बनाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केजरीवाल के इशारे पर स्वाति मालिवाल के साथ हिंसक झड़प हुई थी ऐसा कहा जाता है कि पूर्व सीएम केजरीवाल ने स्वाति मालिवाल को अपने निजी सचिव विभव कुमार से पिटवाया था।
हालांकि अभिषेक मनु सिंघवी ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। सिंघवी से जब इस मामले पर पूछा गया कि उन्होंने केजरीवाल के प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया तो उन्होंने जवाब दिया था कि काँग्रेस की विचारधारा को वह नहीं छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा था कि राज्यसभा में जाना उनकी प्राथमिकता नहीं है। काँग्रेस में रहकर समाज सेवा उनकी प्राथमिकता है। केजरीवाल ने भी इस बात को कई बार स्वीकार किया है कि उन्होंने अभिषेक सिंघवी को राज्यसभा का प्रस्ताव दिया था।
अभिषेक मनु सिंघवी काँग्रेस के पुराने और वरिष्ठ नेता हैं। दूसरे पार्टी में जाना उनके लिए थोड़ा मुश्किल था। फिलहाल अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से निर्विरोध राज्यसभा सांसद बन गए हैं। राज्यसभा में उनका कार्यकाल 2026-2032 तक रहेगा।
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