राघव चड्ढा ने कहा है कि अब उनकी ही पार्टी उन्हें जनता के मुद्दों को उठाने से रोक रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह समझ से परे है कि आम आदमी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आखिर क्यों जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। आम आदमी पार्टी की महिला नेता आतिशी ने कहा कि राघव चड्ढा सरकार से सवाल पूछने में डरते हैं।  X
राष्ट्रीय

डिप्टी लीडर पद गंवाने के बाद राघव चड्ढा का पलटवार: AAP पर जनता की आवाज दबाने का आरोप, पार्टी में टूट की आशंका गहराई

राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद गंवाने के बाद राघव चड्ढा का तीखा वार, AAP पर जनता की आवाज दबाने का आरोप; आतिशी-संजय सिंह के हमलों के बीच पार्टी में अंदरूनी कलह और टूट की आशंका गहराई

Author : Pradeep Yadav

राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर जनता की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया। आतिशी और संजय सिंह ने उन पर सरकार से सवाल न पूछने, वॉकआउट में साथ न देने और पार्टी की विचारधारा से समझौता करने के आरोप लगाए। चड्ढा ने कहा कि उन्हें खामोश करवाया गया है, पर वे आम आदमी के मुद्दों पर लड़ाई जारी रखेंगे।

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है। राघव चड्ढा बहुत दिनों से लगातार सुर्खियों में थे। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह से मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि पार्टी व्यवस्थित ढंग से जवाब देगी। राघव चड्ढा ने इस पर काफी समय चुप्पी साध रखा था। अब उन्होंने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ दिया है।

AAP ने क्यों हटाया राघव चड्ढा को ?

राघव चड्ढा को जबसे आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया है लगातार चर्चा हो रहा है। पार्टी की तरफ से राघव पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पार्टी के नियमों और विचारधारा के खिलाफ जाकर समझौता कर लिया है। आम आदमी पार्टी की महिला नेता आतिशी ने कहा कि राघव चड्ढा सरकार से सवाल पूछने में डरते हैं। आतिशी ने आगे कहा, "आज देश के सामने सबसे बड़ा संकट एलपीजी गैस सिलेंडर का है। आप राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए हो सकता है कि आपको परेशानी नहीं हो रही होगी, लेकिन एक आम परिवार को अपने बच्चों के लिए खाना बनाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जब आम आदमी पार्टी ने सिलेंडर को लेकर सवाल उठाए और आपको इस मुद्दे पर बोलने के लिए कहा गया तो आप चुप रहे। क्या आप सरकार से डर गए हैं?"

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने अपने बयान में कहा, "देश, जनहित, पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़े तमाम मुद्दों पर आप नहीं बोलते हैं। पंजाब के तमाम अधिकारों को छीनने का काम केंद्र सरकार करती है, तब आप नहीं बोलते हैं। बहुत सारे विषयों पर सदन से वॉकआउट करने का मामला आता है, तब आप वॉकआउट नहीं करते हैं। ऐसे तमाम विषयों पर देश आपसे जवाब चाहता है।"

यह भी पढ़ें : तो क्या असम में बीजेपी की हार तय हो गई? गोगोई के इस मास्टर प्लान के आगे चारो खाने चित हुए हिमंत बिस्व सरमा !

राघव चड्ढा का पलटवार 

राघव चड्ढा ने बहुत देर बाद इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी बात साझा करते हुए कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह आम आदमी के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। 

सोशल मीडिया पर अपनी बात साझा करते हुए राघव ने कहा कि वह आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठा रहे थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा हो, या फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे स्विग्गी और जोमैटो के डिलीवरी कर्मचारियों से जुड़ी समस्याएं- इन सभी विषयों को उन्होंने गंभीरता से उठाया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में आ रही दिक्कतें और टोल प्लाजा पर आम लोगों को हो रही परेशानियों को भी उन्होंने संसद में बार-बार उठाया।

राघव चड्ढा ने केजरीवाल और उनकी टीम पर तंज कसते हुए कहा, अब उनकी ही पार्टी उन्हें जनता के मुद्दों को उठाने से रोक रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह समझ से परे है कि आम आदमी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आखिर क्यों जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उनका यह भी दावा है कि पार्टी की ओर से संसद में निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सवाल उठाने का मौका न दिया जाए और बोलने से रोका जाए। 

अंदरूनी कलह का शिकार हो गई आम आदमी पार्टी 

राघव चड्ढा के मामले ने यह साबित कर दिया है कि आम आदमी पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। आम आदमी पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है। केजरीवाल और उनकी टीम अब धीरे-धीरे बिखर रही है। पार्टी स्थापना के समय केजरीवाल के साथ एक अच्छी फौज थी लेकिन यह फौज अब धीरे-धीरे बिखर रही है।

राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर योगेंद्र यादव, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण, वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष, डॉ मुनीश कुमार रायज़ादा जैसे दिग्गजों से आम आदमी पार्टी का नाता बहुत पहले ही टूट चुका है। इन लोगों ने केजरीवाल और उनकी पार्टी पर यह आरोप लगाया कि जिस उद्देश्य से पार्टी की स्थापना हुई थी उस रास्ते से पार्टी भटक चुकी है। केजरीवाल के नेतृत्व में धनबल और बाहुबल को पार्टी में बढ़ावा दिया गया। अब राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर यह आरोप लगाया है कि पार्टी उनको सदन में बोलने नहीं दे रही है। वर्तमान कलह से आम आदमी पार्टी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। 

यह भी देखें :