'दूसरा इंग्लैंड' (Second England)  Pixabay
सैर-सपाटा

भारत का वो 'सीक्रेट' हिल स्टेशन, जिसे अंग्रेजों ने बना लिया था दूसरा इंग्लैंड, दिल्ली से है महज 400km दूर

समुद्र तल से लगभग 7,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित लैंडौर का मौसम, हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता अंग्रेजों को अपने देश इंग्लैंड की याद दिलाती थी।

Author : Sarita Prasad

भारत में कई खूबसूरत हिल स्टेशन हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जो आज भी आम पर्यटकों की नजरों से दूर हैं। इन्हीं में से एक ऐसा हिल स्टेशन, जिसे कभी अंग्रेजों ने इतना पसंद किया कि उसे अपना 'दूसरा इंग्लैंड' (Second England) बना लिया था। घने जंगल, ठंडी हवाएं, ब्रिटिश शैली की इमारतें और सालभर सुहावना मौसम इस जगह को बेहद खास बनाते हैं। दिल्ली से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह हिल स्टेशन आज भी अपने पुराने ब्रिटिश दौर की कहानियां समेटे हुए है। आइए जानते हैं इस अनोखी जगह के बारे में, जिसे कभी अंग्रेज भारत में अपना छोटा इंग्लैंड कहा करते थे।

लैंडौर: भारत का 'दूसरा इंग्लैंड’

उत्तराखंड के मसूरी के ऊपर बसा लैंडौर (Landour)

उत्तराखंड के मसूरी के ऊपर बसा लैंडौर (Landour) भारत के सबसे शांत और खूबसूरत हिल स्टेशनों में गिना जाता है। इसकी स्थापना 1827 में ब्रिटिश सेना ने एक कैंटोनमेंट क्षेत्र के रूप में की थी। उस समय मसूरी में रहने वाले अंग्रेज अधिकारियों और सैनिकों के लिए यह एक आरामगाह हुआ करती थी। समुद्र तल से लगभग 7,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित लैंडौर का मौसम, हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता अंग्रेजों को अपने देश इंग्लैंड की याद दिलाती थी। यही वजह थी कि उन्होंने इसे अपना 'दूसरा इंग्लैंड' (Second England) कहना शुरू कर दिया। लैंडौर में बनी पुरानी चर्च, पत्थरों से बनी ब्रिटिश शैली की कोठियां, संकरी सड़कें और चारों तरफ फैले देवदार व ओक के जंगल आज भी औपनिवेशिक दौर की झलक दिखाते हैं। अंग्रेजों के समय यहां भारतीयों के प्रवेश पर भी कई तरह की पाबंदियां थीं और यह इलाका मुख्य रूप से ब्रिटिश अधिकारियों के लिए सुरक्षित माना जाता था।

रस्किन बॉन्ड की पसंदीदा जगह

रस्किन बॉन्ड (Ruskin Bond)

19वीं और 20वीं सदी के शुरुआती वर्षों में लैंडौर (Landour) अंग्रेजों का पसंदीदा समर रिट्रीट बना रहा। इस जगह की सबसे खास बात इसका शांत वातावरण है। जहां मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, वहीं लैंडौर आज भी अपेक्षाकृत शांत और कम भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां का प्रसिद्ध लाल टिब्बा, सेंट पॉल्स चर्च, पुरानी ब्रिटिश बेकरी और आसपास के मनोरम दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड (Ruskin Bond) भी कई दशकों से यहीं रहते हैं, जिससे इस जगह की पहचान और भी खास बन गई है। आज लैंडौर को भारत के सबसे खूबसूरत 'सीक्रेट' हिल स्टेशनों में गिना जाता है। यहां पहुंचकर ऐसा महसूस होता है जैसे समय कई दशक पीछे लौट गया हो। यही कारण है कि इतिहास, प्रकृति और शांति पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती।

कैसे पहुंचें लैंडौर?

लैंडौर

अगर आप दिल्ली की भागदौड़ से दूर कुछ दिन सुकून के बिताना चाहते हैं, तो लैंडौर आपके लिए बेहतरीन जगह है। दिल्ली से पहले देहरादून पहुंचें, फिर घुमावदार पहाड़ी रास्तों से होते हुए करीब एक घंटे में लैंडौर पहुंच सकते हैं। ट्रेन से सफर करने पर खर्च कम आता है, जबकि फ्लाइट से यात्रा ज्यादा आरामदायक रहती है। रहने, खाने और घूमने-फिरने समेत 2-3 दिन की ट्रिप का खर्च आमतौर पर 6,000 से 15,000 रुपये के बीच आता है। यानी कम बजट में भी आप 'भारत के दूसरे इंग्लैंड' का मजा ले सकते हैं। [SP]