स्पेस में नींद को पूरा करना एक बड़ी चुनौती की तरह होता है अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) (International Space Station) पर हर 90 मिनट में सूर्योदय और सूर्यास्त दिखाई देता है। इससे उनकी सर्कैडियन रिदम या प्राकृतिक घड़ी बिगड़ जाती है, जिससे नींद की कमी, थकान और गंभीर गलतियों का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) कुछ आसान उपाय को स्पेस में फॉलो करती है, ये तरीके अंतरिक्ष की चुनौतियों से निकले हैं, लेकिन पृथ्वी पर भी इन्हें अपनाक बेहतर नींद, तेज प्रतिक्रिया और स्वस्थ जीवन पा सकते हैं।
नासा के फ्लाइट सर्जन (Flight Surgeon) और वैज्ञानिक अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऐसे 7 तरीकों को फॉलो करने की सलाह देते हैं, जो न केवल अंतरिक्ष (Space) में बल्कि पृथ्वी पर शिफ्ट वर्क करने वालों, जेट लैग से जूझने वालों या आम लोगों को भी बेहतर नींद दिलाने में मदद कर सकते हैं। नींद की कमी से मेटाबॉलिज्म डिसऑर्डर (Metabolism Disorder) हृदय रोग, पाचन की गड़बड़ी और कुछ गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं, इसलिए ये तरीके हर किसी के लिए उपयोगी हैं।
नासा के अनुसार, ये सात तरीके सर्कैडियन रिदम को बैलेंस रखने और नींद की गुणवत्ता (Sleep Cycle) बढ़ाने में कारगर साबित हुए हैं।
सोने-जागने का समय तय करें: सबसे प्रभावी तरीका है रोजाना एक ही समय पर सोना और जागना। शरीर को बदलाव के लिए पहले से तैयार करने से अनिद्रा और थकान कम होती है। समय सारिणी में प्रकाश, व्यायाम, आहार और जरूरत पड़ने पर नींद की दवाओं की जानकारी भी शामिल करें।
स्लीप एजुकेशन और ट्रेनिंग: नींद को प्रभावित करने वाले कारकों की जानकारी जरूरी है। शाम को डिजिटल स्क्रीन की ब्लू लाइट कम करें। सही समय पर व्यायाम करें और सोच-समझकर खाना चुनें। ये आदतें सर्कैडियन रिदम को बिगड़ने से बचाती हैं और स्वस्थ नींद को बढ़ावा देती हैं।
नींद के लिए बेहतर वातावरण बनाएं: नींद के लिए शांत, अंधेरा और ठंडा कमरा सबसे अच्छा होता है। अंतरिक्ष में निजी सोने के कमरे, आंखों पर मास्क, कान में प्लग और तैरने से रोकने वाले उपकरण इस्तेमाल होते हैं। पृथ्वी पर भी शोर कम करें, तापमान 18-22 डिग्री रखें और आरामदायक बिस्तर चुनें।
रोशनी का सही इस्तेमाल करें :आईएसएस पर सॉलिड-स्टेट लाइटिंग से रोशनी का रंग और तीव्रता बदलकर दिन-रात का भ्रम पैदा किया जाता है। सुबह तेज रोशनी सतर्कता बढ़ाती है, शाम को हल्की और नीली रोशनी कम करने वाली लाइट नींद लाती है। घर पर भी सुबह धूप लें और शाम को स्क्रीन टाइम घटाएं।
ओवर-द-काउंटर दवाओं का सहारा लें : डॉक्टर की सलाह से मेलाटोनिन (प्राकृतिक हार्मोन) या कैफीन का इस्तेमाल सर्कैडियन रिदम ठीक करने में मदद करता है। मेलाटोनिन असामान्य समय पर नींद लाने में कारगर है।
स्लीप कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) अपनाएं : सोने से पहले मन में आने वाले परेशान करने वाले विचारों को दूर करने के लिए सीबीटी तकनीकें बहुत उपयोगी हैं। ये दिन की घटनाओं से निपटना, रिलैक्सेशन, नींद की स्वच्छता और अच्छी आदतें बनाने में मदद करती हैं।
जरूरत पड़ने पर दवाइयों का इस्तेमाल : अन्य तरीके काम न करने पर क्रोनोबायोलॉजिक, हिप्नोटिक या अलर्टनेस बढ़ाने वाली दवाओं का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना न लें ताकि सुरक्षित और प्रभावी रहें।
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