डाइट से भी सुधर सकती है नींद की गुणवत्ता, सही भोजन से तन और मन दोनों को मिलता है आराम
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में नींद की गुणवत्ता में कमी देखी जा रही है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप चलाना, अनियमित दिनचर्या, तनाव और गलत खानपान के कारण बहुत से लोग रात में ठीक से सो नहीं पाते। कई लोग थकान के बावजूद बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नींद सिर्फ शरीर को आराम देने के लिए नहीं होती, बल्कि यह दिमाग को ताजगी देने और पूरे शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होती है। अगर नींद ठीक से न आए तो इसका असर धीरे-धीरे शरीर, दिमाग और रोजमर्रा के कामकाज पर दिखाई देने लगता है।
विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि हमारी डाइट, यानी हम क्या खाते हैं, इसका सीधा असर हमारी नींद पर पड़ता है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जो शरीर को शांत करने, हार्मोन को संतुलित रखने और दिमाग को आराम देने में मदद करते हैं। सही समय पर सही भोजन लेने से नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
रात में सोने से पहले दूध पीने की परंपरा भारत में बहुत पुरानी है। आयुर्वेद भी इसे लाभकारी मानता है। दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड शरीर में नींद से जुड़े हार्मोन मेलाटोनिन को बनाने में मदद करता है। जब यह हार्मोन संतुलित रहता है तो व्यक्ति को आसानी से नींद आने लगती है। कई लोग सोने से पहले हल्दी वाला गुनगुना दूध पीते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने और मांसपेशियों को आराम देने में सहायक माना जाता है।
नींद की गुणवत्ता सुधारने में फाइबर युक्त भोजन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है। साबुत अनाज, ओट्स, दालें, फल और सब्जियां फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। जब पाचन ठीक रहता है तो शरीर हल्का महसूस करता है और व्यक्ति आराम से सो पाता है।
प्रोटीन भी शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह शरीर की कोशिकाओं और दिमाग में जरूरी रसायनों के निर्माण में मदद करता है। दालें, दही, पनीर, अंडा, चना और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात का भोजन हल्का और संतुलित होना चाहिए। ज्यादा तला-भुना या बहुत मसालेदार भोजन पाचन को प्रभावित कर सकता है, जिससे गैस, अपच और बेचैनी के कारण नींद प्रभावित हो सकती है।
--आईएएनएस
पीके/एएस

