कई बार यौन मामलों के जानकारों ने इस बारे में चेताया है कि सहवास (Sex) करने का एक व्यवस्थित तरीका होता है। हिन्दू धर्म ग्रंथों में भी बहुत बार इस बात का जिक्र किया गया है कि यौन संबंध कैसे बनाया जाए जिससे सुखद आनंद की प्राप्ति हो।  AI generated
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सिर्फ जोश नहीं, होश भी है जरूरी! सेक्स लाइफ की शुरुआत से पहले हर किसी को पता होनी चाहिए ये 4 सीक्रेट्स

सेक्स की शुरुआत से पहले फोरप्ले, सुरक्षा और पार्टनर की सहमति को समझना क्यों है जरूरी, जानें सुखद और सुरक्षित संबंध के 4 अहम सीक्रेट्स

Author : Pradeep Yadav

  • यौन संबंध केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि समझ, तैयारी और जिम्मेदारी का मेल है। फोरप्ले के महत्व, साथी को भावनात्मक रूप से तैयार करने, कंडोम से सुरक्षा और अनचाहे गर्भ से बचाव पर जोर दिया गया है। साथ ही सहमति, मासिक चक्र का सम्मान और बाद में प्यार भरा व्यवहार रिश्ते को मजबूत बनाते हैं।

आज के भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर कोई सुखी जीवन जीना चाहता है। ये माना जाता है कि यौन संबंध आनंद प्राप्ति का चरम क्षण है। कई बार यौन मामलों के जानकारों ने इस बारे में चेताया है कि सहवास (Sex) करने का एक व्यवस्थित तरीका होता है। हिन्दू धर्म ग्रंथों में भी बहुत बार इस बात का जिक्र किया गया है कि यौन संबंध कैसे बनाया जाए जिससे सुखद आनंद की प्राप्ति हो। आइए आज समझते हैं कि यौन संबंध बनाने के कितने तरीके होते हैं और क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए 

सेक्स करने में ज्यादा समय दिया जाना चाहिए जिससे चरम आनंद की प्राप्ति हो सके। इसके लिए जानकार बताते हैं कि फोर प्ले (Foreplay ) लंबे समय तक सेक्स करने में और पार्टनर को संतुष्ट करने में काफी मददगार साबित होता है। फोर प्ले (Foreplay ) को समझना बहुत जरूरी है। ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो महिला और पुरुष के जननांगों के मिलन (penetration) से पहले होता है।

सेक्स कैसे शुरू करें ?

सेक्स करने का मतलब सामान्य तौर पर यही समझा जाता है कि महिला और पुरुष के जननांगों का आपसी मिलन। लेकिन सेक्स की प्रक्रिया में सिर्फ यही नहीं आता है। सेक्स करने में ज्यादा समय दिया जाना चाहिए जिससे चरम आनंद की प्राप्ति हो सके। इसके लिए जानकार बताते हैं कि फोर प्ले (Foreplay ) लंबे समय तक सेक्स करने में और पार्टनर को संतुष्ट करने में काफी मददगार साबित होता है। फोर प्ले (Foreplay ) को समझना बहुत जरूरी है। ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो महिला और पुरुष के जननांगों के मिलन से पहले होता है। फोर प्ले के तहत महिला और पुरुष साथी एक दूसरे से आलिंगन करते हैं। दोनों एक दूसरे के अधरों (Lips) को अपने-अपने अधरों (Lips) से स्पर्श करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दोनों एक दूसरे को सेक्स करने के लिए अच्छे से तैयार करते हैं।

सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें ?

संभोग करने से पहले इस बात का हमेशा ख्याल रखना चाहिए कि कंडोम का इस्तेमाल बहुत ही जरूरी होता है। कभी-कभी कंडोम का इस्तेमाल नहीं करने से शारीरिक नुकसान झेलना पड़ता है। अगर जोड़ा शादी-शुदा नहीं है तो परिवार का दबाव भी पड़ सकता है। ऐसे में कंडोम का ख्याल हमेशा रखना चाहिए। कंडोम न रखने से गर्भधारण की आशंका बनी रहती है। एक बार गर्भधारण हो जाने पर महिला पार्टनर को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

संभोग की प्रक्रिया में दोनों साथी सक्रिय होते हैं तभी दोनों को आनंद आता है इसलिए इस पूरी प्रक्रिया में दोनों का सहमत होना अनिवार्य होता है। संभोग करने के बाद पुरुष को अपने महिला साथी के साथ थोड़ी देर आलिंगन करना चाहिए। संभोग के बाद तुरंत आंखे नहीं फेरना चाहिए बल्कि एक दूसरे के आँख में प्रेम देखना चाहिए।

संभोग सहमति से करना चाहिए !

सेक्स करने के लिए अपने पार्टनर को समझना सबसे जरूरी बात होता है। महिला का मासिक चक्र उसके संभोग के लिए उसे अनुकूल और प्रतिकूल बनाता है। कभी-कभी मासिक चक्र की वजह से महिला संभोग से इनकार करती है। ऐसे में सामने से पार्टनर सेक्स करने के लिए सहमत नहीं है तो उसके बात का ख्याल रखना भी जरूरी होता है। पार्टनर के असहमत होने पर अगर जबरदस्ती सेक्स किया जाता है तो सेक्स का आनंद नहीं मिलता है, बल्कि समस्या खड़ी हो जाती है और एक-दूसरे से विश्वास खत्म होने लगता है। ऐसे में रिश्ते टूट सकते हैं। संभोग की प्रक्रिया में दोनों साथी सक्रिय होते हैं तभी दोनों को आनंद आता है, इसलिए इस पूरी प्रक्रिया में दोनों का सहमत होना अनिवार्य होता है। 

संभोग के बाद तुरंत साथी को न छोड़ें !

संभोग करने के बाद पुरुष को अपने महिला साथी के साथ थोड़ी देर आलिंगन करना चाहिए। संभोग करके तुरंत हटने से महिला और पुरुष दोनों के मन में चिड़चिड़ापन बढ़ने  लगता है। संभोग के बाद कुछ देर महिला पार्टनर से प्रेम पूर्वक किया गया व्यवहार उसे संतुष्टि के चरम पर पहुंचा देता है। इसलिए उसका ख्याल रखना चाहिए। संभोग के बाद तुरंत आंखे नहीं फेरना चाहिए बल्कि एक दूसरे के आँख में प्रेम देखना चाहिए। 

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