एडमिरल ब्रैड कूपर ने ट्रंप प्रशासन के ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान का बचाव करते हुए सांसदों से कहा कि मध्य पूर्व में कई हफ्तों तक चली अमेरिकी अगुवाई वाली सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत 'काफी हद तक कमजोर' हो चुकी है।
हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पेश होते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख कूपर ने बार-बार कहा कि 'एपिक फ्यूरी' और 'मिडनाइट हैमर' नाम के ऑपरेशनों ने ईरान की क्षेत्र में ताकत दिखाने की क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है।
कूपर ने तीखी बहस के दौरान कहा कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई की वजह से हम अब पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं।
यह सुनवाई ऐसे समय में हुई जब लगभग तीन महीने से चल रहे ईरान संघर्ष, बढ़ती तेल कीमतों और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में रुकावट को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
कूपर ने लॉ-मेकर्स से कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया है और उनके रक्षा उद्योग के 90 प्रतिशत हिस्से को तबाह कर दिया है, जिससे ईरान कई वर्षों तक दोबारा अपनी ताकत नहीं बना पाएगा।
उन्होंने कहा कि ईरान के क्षेत्रीय सहयोगी और प्रॉक्सी नेटवर्क भी काफी कमजोर हो चुके हैं।
कूपर ने गवाही में कहा कि आज हमास, हिज्बुल्लाह और हूती जैसे समूह ईरान से मिलने वाले हथियारों और समर्थन से कट चुके हैं।
कूपर के मुताबिक, हालिया सैन्य अभियान शुरू होने से पहले पिछले ढाई वर्षों में ईरान समर्थित समूहों ने अमेरिकी सैनिकों और राजनयिकों पर 350 से ज्यादा हमले किए थे।
सेंटकॉम कमांडर ने ईरान के आसपास जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का भी बचाव किया और कहा कि यह बातचीत में अमेरिका के लिए बड़ा दबाव बनाने का तरीका है।
उन्होंने कहा कि अब तक हमने 88 जहाजों को वापस भेजा है। ईरानी बंदरगाहों में न कोई व्यापार अंदर गया है और न बाहर आया है। कूपर का कहना था कि नाकेबंदी और लगातार सैन्य दबाव की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है।
वहीं डेमोक्रेटिक लॉ-मेकर्स ने उनकी बातों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी सैन्य कार्रवाई के बावजूद ईरान अब भी होर्मुज स्ट्रेट के जरिए वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
प्रतिनिधि एडम स्मिथ ने कहा कि पूरी रणनीतिक स्थिति खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हम अभी एक बड़ी मुश्किल में हैं। सरकार अभी भी वहीं है और कहीं नहीं जा रही।
सांसदों ने ईरान के अंदर अमेरिकी हमलों में नागरिकों के हताहत होने के आरोपों पर भी कूपर से सवाल किए, जिनमें मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर कथित हमला भी शामिल था।
कूपर ने माना कि इस मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना युद्ध के कानूनों का पालन करती है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता। हम युद्ध संबंधी कानूनों का पूरी तरह पालन करते हैं।
एडमिरल ने इस अभियान में अमेरिका के सहयोगी देशों और खाड़ी क्षेत्र के साझेदारों की भूमिका की भी तारीफ की और कहा कि इस तरह का सैन्य तालमेल पहले कभी नहीं देखा गया।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)