संदीपा धर द्वारा निभाए गए किरदार इन्हीं बातों का शानदार उदाहरण हैं। अपनी पहली फिल्म 'इसी लाइफ में' से लेकर 'दो दीवाने शहर में' तक, उन्होंने कई तरह के रोल निभाए।  Wikimedia Commons
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'इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस पर परफेक्शन का दबाव होता है', एक्टिंग करियर के अनुभव को संदीपा धर ने किया साझा

संदीपा धर द्वारा निभाए गए किरदार इन्हीं बातों का शानदार उदाहरण हैं। अपनी पहली फिल्म 'इसी लाइफ में' से लेकर 'दो दीवाने शहर में' तक, उन्होंने कई तरह के रोल निभाए।

Author : IANS

अक्सर फिल्मों में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो कम समय के लिए आते हैं, लेकिन दर्शकों के दिल में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। संदीपा धर द्वारा निभाए गए किरदार इन्हीं बातों का शानदार उदाहरण हैं। अपनी पहली फिल्म 'इसी लाइफ में' से लेकर 'दो दीवाने शहर में' तक, उन्होंने कई तरह के रोल निभाए।

आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में संदीपा ने कहा कि अपने किरदारों के जरिए वह आज की महिलाओं की उस सच्चाई को सामने रखती हैं, जिस पर अक्सर खुलकर बात नहीं होती। इसके अलावा, उन्होंने इंडस्ट्री में परफेक्शन के दबाव के बीच खुद को कैसे तनावमुक्त रखती हैं, इस पर भी अपने विचार रखे।

आईएएनएस से बात करते हुए संदीपा ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया और कहा, "उस समय इंडस्ट्री को लेकर मेरी समझ सीमित थी, लेकिन जुनून काफी था। पहली फिल्म के दौरान मिली पहचान और अवॉर्ड नॉमिनेशन (Award Nomination) ने मुझे आत्मविश्वास दिया, मगर साथ ही जिम्मेदारी का एहसास भी कराया। समय के साथ मैंने समझा कि हर अवसर बड़ा नहीं होता, लेकिन हर अवसर महत्वपूर्ण हो सकता है।''

उन्होंने कहा, ''करियर के दौरान ऐसे भी मौके मिले, जब स्क्रीन पर समय कम था। लेकिन मेरा मानना है कि किरदार की सच्चाई और प्रस्तुति ही असली फर्क पैदा करती है। दर्शक अभिनय की प्रामाणिकता को महसूस करते हैं, चाहे भूमिका छोटी हो या बड़ी। यही सोच मुझे हर प्रोजेक्ट को समान गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करती है।''

संदीपा ने कहा, ''इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा और तुलना आम बात है, और कई बार कलाकार खुद को कमतर महसूस करने लगते हैं। मुझे भी ऐसे दौर से गुजरना पड़ा। लेकिन इस अनुभव ने मुझे सिखाया कि बाहरी मान्यता से ज्यादा जरूरी आत्म-स्वीकृति है।

इंडस्ट्री में परफेक्शन का दबाव बहुत होता है। लुक्स, फिटनेस और सोशल मीडिया (Social Media) पर इमेज... इन सबके बीच खुद को संतुलित रखना आसान नहीं होता। लगातार यह सुनना कि आपको और बेहतर दिखना चाहिए या और बदलना चाहिए, आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। इसलिए मैंने खुद को स्वीकारने की हिम्मत जुटाई।''

आईएएनएस से बात करते हुए संदीपा ने आगे डांस को अपने जीवन का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, ''मैं एक ट्रेंड डांसर हूं और आज भी किसी मजबूत कहानी वाली डांस-आधारित फिल्म का इंतजार कर रही हूं। मेरे लिए डांस केवल कला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति का माध्यम है, जिसने मेरे अभिनय को भी समृद्ध बनाया है।''

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