

AI समिट में सुंदर पिचाई और सैम अल्टमैन जैसे टेक दिग्गजों की मौजूदगी में इमैनुएल मैक्रॉन ने नरेंद्र मोदी से 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम से जुड़ने का सुझाव दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि फ्रांस, डेनमार्क, मलेशिया, स्पेन और पुर्तगाल आयु सीमा और वेरिफिकेशन कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
पाकिस्तान में ऐसा बिल विरोध के कारण वापस ले लिया गया, जबकि भारत में अभी तक प्रतिबंध लागू नहीं है, अदालत ने सरकार से नाबालिगों के लिए सख्त आयु सत्यापन उपायों पर विचार करने को कहा है।
भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट 2026 चल रहा है जहाँ दुनिया भर के टेक महारथी के साथ कुछ देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी मौजूद रहें। सुंदर पिचाई, सैम अल्टमैन समेत कई टेक दिग्गज यहाँ मौजूद दिखे। इनके आलावा दुनिया के कुछ चुनिंदा नेता भी यहाँ नज़र आएं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुला के साथ फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भी भारत के AI इम्पैक्ट समिट में आए थे। इस दौरान मैक्रॉन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक सुझाव को रखा और वो सोशल मीडिया (Social Media) से जुड़ा था।
कायर्क्रम के दौरान फ़्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश 15 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया (Social Media) पर पाबन्दी लगाने जा रहा है। ऐसे में पीएम मोदी को भी इस मुहीम में जुड़ना चाहिए। इमैनुएल मैक्रॉन यह कहना चाहते थे कि भारत में भी कम से कम 15 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन हो। ऐसे में आइये यह समझते हैं कि दुनिया में ऐसे कितने देश हैं, जिन्होंने बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन कर रखा है।
दिसंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया ने एक ऐतिहासिक फैसला किया। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए देश में 16 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया (Social Media) पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया। सरकार ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, थ्रेड्स, एक्स (X), स्नैपचैट, किक, ट्विच, टिकटॉक, रेडिट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को कम उम्र के बच्चों के लिए ब्लॉक कर दिया।
इसपर प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने तर्क दिया कि यह बैन बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए किया गया है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने यह भी साफ़ किया कि अगर कोई बच्चा नियम तोड़ता है, तो इसकी सजा उसके माता-पिता या उस बच्चे को नहीं बल्कि उन टेक कंपनियों को मिलेगी। सरकार उनपर 32 मिलियन डॉलर तक का भारी जुर्माना लगा सकती है।
ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश बन चुका है, जहाँ बच्चों के लिए सोशल मीडिया (Social Media) पूरी तरह से बैन है। अब ऑस्ट्रेलिया के रास्ते पर चलते हुए तीन और देश सोशल मीडिया को बैन करने की तैयारी में हैं। वो देश कुछ इस प्रकार हैं।
फ्रांस: जनवरी 2026 में फ्रांस की संसद में यह बिल पेश किया गया कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगे। इस बिल को सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये सितंबर 2026 तक लागू हो सकता है।
डेनमार्क: नवंबर 2025 में डेनमार्क की संसद में यह बिल पेश हुआ कि 15 साल और उससे कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगे और मेटे फ्रेडरिक्सन की सरकार के इस बिल को मंजूरी मिल चुकी है। यह कानून 2026 में लागू हो सकता है।
मलेशिया: मलेशिया की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया को बैन लगाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सरकारी ID-बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम (eKYC) का इस्तेमाल किया जाएगा। जुलाई 2026 तक यह कानून लागू होने की संभावना है।
स्पेन: फ़रवरी 2026 में स्पेन ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने का ऐलान किया है। यह ऐलान प्राइम मिनिस्टर पेड्रो सांचेज़ ने किया था। उनका कहना था कि सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को ज़रूरी एज-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने के लिए मजबूर करना चाहती है। उनका कहना है कि इससे बच्चों और किशोरों को डिजिटल माहौल में होने वाले नुकसान से बचाया जाएगा।
पुर्तगाल: बच्चों के सोशल मीडिया के बैन की मुहीम में पुर्तगाल भी शामिल हो गया है। यहाँ भी सरकार की तरफ से इस बात की हरि झंडी दे दी गई है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बैन रहेगा। बच्चे माता पिता की निगरानी में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पुर्तगाल की संसद में यह बिल पास हो चुका है।
इन देशों के आलावा स्लोवेनिया, ग्रीस, जर्मनी, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया (Social Media) बैन करने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही ऑस्ट्रिया, नॉर्वे, इंडोनेशिया, ब्राजील और चेक रिपब्लिक जैसे देश सोशल मीडिया बैन के लिए चर्चा कर रहे हैं।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जुलाई 2025 में पाकिस्तान की संसद में 16 साल से कम उम्र के बच्चो के लिए सोशल मीडिया (Social Media) प्रतिबन्ध पर बिल आया था लेकिन शाहबाज़ शरीफ की सरकार ने अगस्त 2025 में इसे वापस ले लिया था क्योंकि इसका काफी विरोध हुआ था। वहीं, भारत की बात करें तो 2025 में ZEP फाउंडेशन ने इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी कि 13 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन हो लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि ये काम सरकार का है, उनका नहीं।
हालांकि, फाउंडेशन की याचिका पर कोर्ट ने सरकार को यह आदेश जरूर दिया था कि सोशल मीडिया (Social Media) पर 16 या 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Age Verification जैसी चीजों को अनिवार्य किया जाए और इसके लिए कोर्ट ने 8 हफ्ते में केंद्र सरकार से जवाब माँगा था लेकिन आज तक मोदी सरकार की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। ऐसे में भारत में इस प्रकार के नियम कब देखने को मिलेंगे, ये प्रश्नवाचक चिन्ह रहेगा?