बजट पेश होने से पहले लीक! AI Generated
Union Budget 2026

भारतीय राजनीति में मचा हड़कंप, बजट पेश होने से पहले लीक! यहाँ समझें पूरा मामला

भारत में एक ऐसा भी समय आया था, जब आम बजट लीक हो गया था। ये कहानी साल 1950 की है जब बजट के दस्तावेजों की छपाई राष्ट्रपति भवन के प्रेस में होती थी।

Author : Mayank Kumar
Reviewed By : Ritik Singh

  • 1950 में पहली और आख़िरी बार बजट लीक हुआ

  • वित्त मंत्री जॉन मथाई को देना पड़ा इस्तीफा

  • बजट प्रक्रिया में बड़े सुरक्षा बदलाव किए गए

भारतीय राजनीति के इतिहास में 1 फरवरी ऐसा दिन है, जब देश की दिशा और दशा तय होती है। ये दिन जितना गरीबों के लिए महत्वपूर्ण है, उतना ही अमीरों के लिए भी। इस दिन भारत के वित्तमंत्री द्वारा आम बजट (Budget) पेश किया जाता है। बजट तैयार करने की प्रक्रिया भी काफी लंबी होती है।

इसकी तैयारी सितम्बर माह के पहले सप्ताह शुरू होती है और एक लम्बी प्रक्रिया के पश्चात् फरवरी माह के पहले सप्ताह में पेश किया जाता है। बजट बनाने की प्रक्रिया काफी गोपनीय होती है लेकिन क्या आप जानते हैं, भारतीय राजनीति के इतिहास में एक ऐसा भी समय आया था, जब बजट लीक हो गया था। क्या है इसकी पूरी कहानी, आइये जानते हैं।

जब भारत में बजट लीक हुआ था

भारत में एक ऐसा भी समय आया था, जब आम बजट (Budget) लीक हो गया था। ये कहानी साल 1950 की है जब बजट के दस्तावेजों की छपाई राष्ट्रपति भवन के प्रेस में होती थी। जितने भी गोपनीय दस्तावेज होते थे, यहीं रखे जाते थे जबकि इस जगह को काफी सुरक्षित माना जाता था।

हालांकि, राष्ट्रपति भवन से ही बजट पेश होने से पहले वित्तीय प्रस्तावों का विवरण लीक हो गया। ये लीक कैसे और किसने किया, इसकी जानकारी कभी सामने नहीं आई लेकिन इस घटना ने गोपनीयता को लेकर चिंता जरूर पैदा कर दिया। ये वो दौर था, जब आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आने वाली थी।

जॉन मथाई ने दिया इस्तीफा

भारतीय राजनीति के इतिहास में बजट लीक होने से हड़कंप मच गया था जिसके बाद वित्तमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। उस समय जॉन मथाई भारत के वित्तमंत्री थे। इस घटना के बाद 1950 में उन्होंने पद से इस्तीफा दिया। आज़ाद भारत में इस घटना को प्रशासन की सबसे बड़ी गलती के रूप में देखा गया। देश में उस समय पंडित नेहरू (Pandit Nehru) की सरकार थी, जिनकी काफी किरकिरी हुई थी।

बाद में सुरक्षा को देखते हुए कई तरह के बदलाव हुए। ऐसे में आज भी जब बजट (Budget) तैयार करने की प्रक्रिया होती है, और जब तक ये पेश नहीं हो जाता है, तब तक इससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं।

बजट लीक होने के बाद क्या-क्या बदला?

1950 में जब पहली बार भारत में बजट (Budget) लीक हुआ, तो सरकार को अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ गया। केंद्र की नेहरू सरकार ने अपनी रणनीति में काफी बदलाव किया। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो, इसके लिए सरकार ने केंद्रीय बजट की छपाई के लिए अधिक सुरक्षित और एकांत जगह को चुना।

बजट (Budget) के सभी दस्तावेजों की छपाई को मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस में शिफ्ट किया गया। बदलाव के बाद सुरक्षा के कड़े नियम लागू हुए, जैसे सीलबंद परिसर, प्रतिबंधित प्रवेश के साथ “लॉक-इन” परंपरा भी शामिल है। मतलब जब तक बजट का काम पूरा नहीं हो जाता, एक भी अधिकारी बाहर के लोगों से नहीं मिल सकता है।

तो ये थी साल 1950 की दास्तां जब भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली बार बजट (Budget) लीक हुआ था।