तकनीक, उद्योग और MSME को बढ़ावा
इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स पर बड़ा दांव
समावेशी विकास पर फोकस
करोड़ों देशवासियों के इंतजार की घड़ियां अब खत्म हुईं। आज संसद में देश का बही खाता खुला और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। ये पल एक ऐतिहासिक था क्योंकि निर्मला सीतारमण ने बतौर वित्तमंत्री लगातार अपना 9वां बजट पेश किया। ऐसा करके उन्होंने भारतीय राजनीति में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) सबसे पहले राष्ट्रपति से मिलने गईं और उन्हें बजट की जानकारी दी। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में आम बजट 2026 को मंजूरी मिली। करीब डेढ़ घंटे चले भाषण में निर्मला सीतारमण ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की, फिर चाहे वो कोई गरीब वर्ग का हो, मिडिल क्लास का हो या किसान या व्यापारी हो। ऐसे में आइये जानते हैं आम बजट 2026 की 11 बड़ी घोषणाओं के बारे में।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज संसद में करीब डेढ़ घंटे भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने जहाँ रेल कॉरिडोर का ऐलान किया, तो वहीं, दूसरी ओर क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों तक की भी बात कही गई। कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपए करने का ऐलान किया गया। वित्तमंत्री के मुताबिक इससे भारत विकसित दिशा की ओर बढ़ेगा। ऐसे में आइये जानते हैं कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कौन-कौन से बड़े ऐलान किये हैं।
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सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: देश में चिप उद्योग को मजबूत करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू किया जाएगा। इस नए मिशन में उद्योगों के नेतृत्व में रिसर्च, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ गहरा सहयोग किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया है, ताकि देश में सेमीकंडक्टर का घरेलू उत्पादन तेज़ हो सके। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बताया कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को चिप निर्माण के लिए ज़रूरी कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत करने के लिए विशेष मदद दी जाएगी। इसके साथ ही, पारंपरिक उद्योगों का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि उत्पादन बढ़े, वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत हो और स्वच्छ व तकनीक आधारित प्रक्रियाएं अपनाई जा सकें।
MSME के लिए विशेष अभियान: वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी MSME तैयार करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नीतिगत समर्थन, आसान ऋण व्यवस्था और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर ज़ोर दिया जाएगा, ताकि भारत के MSME सेक्टर को और मजबूत बनाया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर: आर्थिक रफ्तार बनाए रखने में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अहम भूमिका निभाता रहेगा। सरकार तेज़ विकास को समर्थन देने के लिए परिवहन नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स सिस्टम और ज़रूरी सुविधाओं को अपग्रेड करने की योजना बना रही है। सरकार के कदमों का फोकस मजबूत आर्थिक ढांचा तैयार करने, वित्तीय स्थिरता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने पर होगा कि लंबे समय तक विकास सुरक्षित और टिकाऊ बना रहे।
कैपेक्स के लिए बजट बढ़ा: आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) में करीब 9% की बढ़ोतरी की है। यूनियन बजट 2026-27 में इसके लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिछले बजट 2025-26 में सरकार ने कैपेक्स के लिए 11.21 लाख करोड़ रुपये तय किए थे। अब इस रकम को बढ़ाकर ज्यादा पैसा सड़कों, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के कामों पर खर्च किया जाएगा।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे: भारत में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूट मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु और बेंगलुरु से चेन्नई शामिल हैं।
बड़े नगर निगमों के लिए प्रस्ताव: सरकार ने बड़े नगर निगमों के लिए एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत जो नगर निगम 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बॉन्ड जारी करेंगे, उन्हें 100 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, सरकार अपने सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों REC लिमिटेड और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) को मजबूत करने के लिए उनका पुनर्गठन करेगी।
बैंकिंग पर खास समिति: मंत्री ने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ पर एक खास समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, विदेश से पैसे आने-जाने के नियमों की भी जांच करने की योजना है। निर्मला सीतारमण ने बताया कि करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं।
अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए फंड: सरकार ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक फंड बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसका इस्तेमाल मजबूत छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) तैयार करने में होगा। इसके अलावा, तकनीकी कपड़ों पर खास ध्यान देते हुए मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। बजट में एक बड़ा वस्त्र कार्यक्रम भी शामिल है, जिसमें पांच हिस्से होंगे और ये टेक्सटाइल सेक्टर को और बेहतर बनाएगा।
लड़कियों के लिए बनेगा छात्रावास: देश के हर जिले में एक महिला छात्रावास (हॉस्टल) बनाया जाएगा। साथ ही, पशु चिकित्सा कॉलेज, अस्पताल और जांच प्रयोगशालाओं के लिए ऋण से जुड़ी पूंजी सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी।
हेल्थ सेक्टर पर फोकस: आयुष फार्मेसी और दवा जांच प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाया जाएगा। गुजरात के जामनगर में WHO का पारंपरिक चिकित्सा केंद्र भी सुधारा जाएगा। इसके साथ ही, बड़े उद्योग और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के पास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनायी जाएंगी।
कंटेंट क्रिएटर पर फोकस: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) से जुड़े कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव कर रही है। ये लैब 1500 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में बनाई जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश के 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू की जाएंगी और उद्योग कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी विकसित की जाएंगी।
तो ये थी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के भाषण की 11 बड़ी बातें।