नीट छात्रा की मौत जांच मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भड़कीं, कहा- सरकार लीपापोती कर रही है

बिहार (Bihar) की राजधानी पटना के एक छात्रावास में रहकर नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद जिले की छात्रा की मौत का मामला सरकार ने जांच के लिए भले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दे दिया हो
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी
पटना के एक छात्रावास में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बावजूद विपक्ष, खासकर राबड़ी देवी और राजद नेता, सरकार पर मामले की लीपापोती और प्रभावशाली लोगों को बचाने के आरोप लगाते हुए हमलावर है।IANS
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बिहार (Bihar) की राजधानी पटना के एक छात्रावास में रहकर नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद जिले की छात्रा की मौत का मामला सरकार ने जांच के लिए भले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दे दिया हो, लेकिन विपक्ष इस मामले को लेकर अभी भी आक्रामक है।

विपक्ष बिहार (Bihar) विधानमंडल के बजट सत्र में इस मामले को लेकर लगातार सरकार को घेर रहा है। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने गुरुवार को कहा कि इस मामले की लीपापोती की जा रही है। लीपापोती कर जांच के लिए सीबीआई को सौंप दी गई है। उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में कोई मंत्री या मंत्री पुत्र शामिल है, इसी कारण सरकार उसको बचाने में जुटी है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई आम आदमी संलिप्त नहीं है। राबड़ी देवी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि सीबीआई किसकी है? सब उन्हीं (सरकार) का है, वे क्या जांच करेंगे? वहीं, बजट को लेकर उन्होंने कहा कि बजट में कुछ भी नहीं है। इस दौरान उनके साथ कई महिला विधायक भी मौजूद रहीं।

इधर, इस मामले पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि इस मामले पर बयान देने के बाद उन्हें पुलिस अधिकारियों के फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की ओर से उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से चुप रहने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा की मौत की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि पटना के एक बालिका छात्रावास में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने बेटी के साथ गलत काम होने के बाद हत्या का आरोप लगाया। राजनीतिक दबाव बढ़ने पर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। बाद में जब तमाम जांच का कोई नतीजा नहीं निकला, तब बिहार सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

(MK)

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