दूसरा सचिन तेंदुलकर निकला ये भारतीय क्रिकेटर, कोच को गुरु दक्षिणा में भेंट किया आलिशान घर
आशीष नेहरा ने अपने बचपन के कोच तारक सिन्हा को घर गिफ्ट किया।
किराए के घर का दर्द सुनकर नेहरा ने गुरु को चाबी सौंप दी।
कुछ बच्चों को फ्री में ट्रेनिंग देते हैं तारक सिन्हा।
क्रिकेट जगत में जब गुरु-शिष्य की मिसाल दी जाती है, तो पहले नंबर पर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और उनके बचपन के गुरु रमाकांत आचरेकर (Ramakant Achrekar) का नाम सामने आता है।
सचिन खुद तो एक महान खिलाड़ी बने और क्रिकेट जगत में खूब नाम कमाया लेकिन उन्होंने अपने गुरु का नाम भी रौशन कर दिया। आज हर किसी की जुबान पर रमाकांत आचेरकर का नाम है।
जब 2 जनवरी 2019 को आचरेकर का निधन हुआ था, उस समय भी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे और ऐसा कहा जाता है कि उनका हर जन्मदिन वो उनके घर जाकर भी मनाते थे।
हालांकि, ये तो गुरु-शिष्य की पहली जोड़ी हुई, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी लेकिन क्या आप जानते हैं, टीम इंडिया का एक और क्रिकेटर है, जिससे अपने गुरु का दुःख देखा नहीं गया और उसने उन्हें गुरु दक्षिणा में आलिशान घर भेंट कर दिया। आइये जानते हैं, कौन है वो खिलाड़ी?
इस क्रिकेटर ने गुरु को भेंट किया घर
जिस खिलाड़ी की हम बात करे रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज आशीष नेहरा (Ashish Nehra) हैं, जिन्होंने गुरु-शिष्य की अलग ही मिसाल पेश की। उन्होंने अपने बचपन के कोच तारक सिन्हा (Tarak Sinha) को घर गिफ्ट कर दिया था।
ये घटना 2016 में सामने आई थी लेकिन आशीष ने कब घर गिफ्ट किया था, इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है। हालांकि, इसके पीछे एक मजेदार किस्सा छिपा है। अगर ये घटना ना होती, तो शायद आशीष अपने गुरु को घर गिफ्ट नहीं कर पाते।
कोच तारक का दर्द देख नहीं पाए आशीष
दरअसल, यह घटना तब हुई थी, जब आशीष नेहरा (Ashish Nehra) टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर चुके थे लेकिन इसके बावजूद भी वो अक्सर सोनेट एकेडमी जाते थे। एक दिन उनके कोच तारक सिन्हा (Tarak Sinha) देर से आए, तो आशीष ने मजाक में कहा कि आप इतनी लेट आएँगे, तो बच्चों को क्या सिखाएंगे?
इसपर कोच ने कहा कि बेटा तुम महलों में रहते हो, मैं किराए पर रहता हूँ, मकान मालिक ने नोटिस दिया है कि 2 दिन बाद घर खाली करना है। मकान खोजने गया था, उसी में समय लग गया।
इसके बाद दो दिन बारिश हुई थी, तो नेट नहीं लगा और जब तीसरे दिन नेट लगा, तो खुद आशीष लेट से आए। वो करीब 3 घंटे लेट थे। इसपर कोच तारक ने मजाक करते कहा, ''और भई टेस्ट प्लेयर, मुझे टाइम पर आने का ज्ञान दे रहे थे।''
इसके बाद बाद नेहरा ने जेब से एक चाबी निकाली और कोच के हाथों में दे दिया। भारतीय क्रिकेटर ने कहा, ''जिनके गुरु किराए के मकान में रहते हों, तो घर खरीदने में तीन दिन तो लग ही जाते हैं। ये आपका नया घर है। रेनोवेशन का काम चल रहा है। आप 10 दिन में शिफ्ट हो सकते हैं।''
बता दें कि आशीष नेहरा (Ashish Nehra) टीम इंडिया के दिग्गज तेज गेंदबाजों में से एक रहे। 1999 में श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने वाले नेहरा ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने होम ग्राउंड दिल्ली में खेला था। उन्होंने भारत के लिए कुल 164 मैचों में 235 विकेट लिए हैं।
फ्री में कोचिंग देते हैं तारक सिन्हा
आशीष नेहरा (Ashish Nehra) के बचपन के कोच तारक सिन्हा (Tarak Sinha) के बारे में यह कहा जाता है कि वो फ्री में कोचिंग देते हैं। खासकर वो बच्चे जो पैसे देने में सक्षम नहीं हैं, उनसे सोनेट क्लब में पैसा नहीं लिया जाता है। उन्होंने अपने साथियों की सहायता से 1969 में सोनेट क्लब शुरू किया था।
यहाँ वो बतौर कीपर-बल्लेबाज खेले और बाद में कोच भी बन गए। तारक नेहरा के आलावा शिखर धवन, ऋषभ पंत, अंजूम चोपड़ा, आकाश चोपड़ा, रमन लाम्बा और मनोज प्रभाकर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को भी कोचिंग दे चुके हैं।

