

जब भी राजस्थान (Rajasthan) का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले रेगिस्तान, ऊंट, भव्य किले और शाही महलों की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही राजस्थान बारिश के मौसम (Mansoon In Rajasthan) में झरनों की खूबसूरती से भी गुलजार हो उठता है? मानसून आते ही यहां की सूखी पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और कई झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं। इन झरनों का नजारा इतना मनमोहक होता है कि एक बार देखने के बाद आप गोवा, मनाली और उत्तराखंड जैसी जगहों को भी कुछ समय के लिए भूल जाएंगे। अगर आप इस मानसून किसी अलग और कम भीड़भाड़ वाली जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो राजस्थान के ये 5 खूबसूरत झरने (5 beautiful waterfalls of Rajasthan) आपकी ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे।
बूंदी जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित भीमलत झरना राजस्थान (Bhimlat Waterfalls, Rajasthan) के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक झरनों में गिना जाता है। लगभग 60 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना बारिश के मौसम में पूरी रफ्तार से बहता है और चारों ओर फैली हरियाली इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। झरने के नीचे बना प्राकृतिक कुंड और ऊंची चट्टानें इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। यहां पहुंचकर ऐसा लगता है जैसे आप किसी पहाड़ी राज्य में घूम रहे हों। जयपुर से सड़क मार्ग के जरिए करीब 4 से 5 घंटे में बूंदी पहुंचा जा सकता है। बूंदी रेलवे स्टेशन से टैक्सी या ऑटो लेकर झरने तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां घूमने के लिए किसी बड़े प्रवेश शुल्क की जरूरत नहीं होती। अगर आप जयपुर से एक दिन की यात्रा करते हैं, तो पेट्रोल, टैक्सी, भोजन और अन्य खर्च मिलाकर प्रति व्यक्ति लगभग 2,000 से 3,500 रुपये का बजट पर्याप्त रहता है।
चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा (Chittorgarh and Bhilwara) के बीच स्थित मेनाल झरना (Menal Waterfalls) मानसून में राजस्थान के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक बन जाता है। करीब 150 फीट ऊंचाई से गिरता पानी और उसके आसपास मौजूद प्राचीन शिव मंदिर इस जगह को प्राकृतिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से खास बनाते हैं। बारिश के दौरान यहां का नजारा किसी फिल्मी लोकेशन जैसा दिखाई देता है। हर तरफ हरियाली, गहरी घाटी और चट्टानों से टकराता पानी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहां फोटोग्राफी और पिकनिक का भी खूब आनंद लिया जा सकता है। जयपुर, कोटा और उदयपुर से सड़क मार्ग द्वारा यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। नजदीकी रेलवे स्टेशन चित्तौड़गढ़ है। यहां आने-जाने, भोजन और स्थानीय यात्रा का कुल खर्च लगभग 2,000 से 4,000 रुपये प्रति व्यक्ति तक हो सकता है। अगर मानसून में राजस्थान घूम रहे हैं तो इस जगह को बिल्कुल भी मिस न करें।
रावतभाटा (Rawatbhata) के पास चंबल नदी पर स्थित चूलिया झरना राजस्थान (Chulia Waterfalls, Rajasthan) के सबसे रोमांचक झरनों में गिना जाता है। मानसून के दौरान जब चंबल नदी में पानी बढ़ता है तो यह झरना बेहद विशाल और आकर्षक रूप ले लेता है। ऊंची चट्टानों के बीच तेज बहाव से गिरता पानी देखने वालों को रोमांच से भर देता है। यहां का प्राकृतिक नजारा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए भी काफी मशहूर है। बारिश के मौसम में यहां दूर-दूर से पर्यटक पहुंचते हैं। कोटा से यह लगभग 50 किलोमीटर दूर है और सड़क मार्ग से टैक्सी या निजी वाहन के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। सुरक्षा के लिहाज से बारिश में निर्धारित स्थान से ही झरने का आनंद लेना चाहिए। यहां घूमने का कुल खर्च करीब 1,500 से 3,000 रुपये प्रति व्यक्ति आता है, जिसमें यात्रा, भोजन और स्थानीय परिवहन शामिल है।
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अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं, तो उदयपुर (Udaipur) के पास स्थित दामोह जलप्रपात (Damoh Falls) आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। मानसून के दौरान यह झरना पूरी खूबसूरती के साथ बहता है और आसपास की अरावली की पहाड़ियां हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं। यहां का शांत माहौल, ठंडी हवाएं और पक्षियों की आवाज मन को सुकून देती है। यह जगह कपल्स, फैमिली और नेचर लवर्स के बीच काफी पसंद की जाती है। उदयपुर शहर से टैक्सी या निजी वाहन के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। रास्ते में भी अरावली के शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं। यहां प्रवेश शुल्क नहीं के बराबर है। अगर आप उदयपुर से एक दिन की ट्रिप करते हैं तो आने-जाने, भोजन और अन्य खर्च मिलाकर करीब 1,500 से 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति का बजट पर्याप्त रहता है।
कोटा के पास स्थित गढ़ाड़िया महादेव (Gadhadia Mahadev) अपने शानदार व्यू पॉइंट और चंबल नदी के घुमावदार दृश्य के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन मानसून के दौरान यहां की पहाड़ियों से बहने वाले छोटे-छोटे प्राकृतिक झरने इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से घिरी घाटियां और झरनों की आवाज यहां आने वाले हर पर्यटक का दिल जीत लेती है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है। कोटा शहर से यह स्थान लगभग 25 किलोमीटर दूर है और टैक्सी, बाइक या निजी कार से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां घूमने के लिए किसी बड़े खर्च की जरूरत नहीं होती। एक दिन की यात्रा में यात्रा, भोजन और अन्य खर्च मिलाकर लगभग 1,000 से 2,500 रुपये प्रति व्यक्ति में आराम से पूरी ट्रिप की जा सकती है। [SP]