नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विशेष समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विदेश मंत्रालय की टीम और काठमांडू तथा बीजिंग में भारत के राजदूत मौजूद रहे। इस दौरान राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद लोगों की सुरक्षा पर चर्चा की गई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि नेपाल में आई बाढ़ की आपदा को लेकर मैंने विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय (एमईए) की टीम और काठमांडू तथा बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद सभी भारतीयों की स्थिति और उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी जुटाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।''
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विदेश मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। हम राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ इस मामले में नेपाल सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ भी करीबी संपर्क में हैं और मिलकर काम कर रहे हैं।
26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई। यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण रुक गया। इसके बाद सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गांव प्रभावित हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था। बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे।
नेपाल के इस कठिन समय में भारत के साथ-साथ अन्य देश पूरा सहयोग कर रहे हैं। नेपाल में आई जल आपदा को देखते हुए भारत मदद का हाथ बढ़ाते हुए लगातार राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी रखे हुए है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप के बाद गुरुवार को भी भारत ने दूसरी 37.5 टन खेप रवाना कर दी है।
बुधवार को भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 10 टन मानवीय सहायता भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी राहत सामग्री शामिल है।(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)