पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में दंगा कराने की साजिश रच रही हैं। वे जानबूझकर प्रदेश में दंगे भड़काना चाहती हैं।
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीएम ममता बनर्जी हताश हो गई हैं। बंगाल में कानून-व्यवस्था जैसी कोई चीज नहीं है और सुप्रीम कोर्ट ने भी यही बात कही है। अब वह यह कहकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही हैं कि वहां पहलगाम जैसी कोई घटना हो जाएगी।
गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं उन्हें चेतावनी दे रहा हूं कि पहलगाम जैसी घटना दोबारा नहीं हो सकती है, लेकिन वह रोहिंग्या और घुसपैठियों के कम पर बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो कभी पूरी नहीं होगी। रोहिंग्या मुसलमानों के साथ मिलकर टीएमसी की साजिश कभी सफल नहीं होगी। बंगाल की जनता ने यह तय कर लिया है कि वे न तो बंगाल को बांग्लादेश बनने देंगे और न ही रोहिंग्याओं को वहां रहने देंगे, इसीलिए ममता बनर्जी हताश हैं, लोगों को भड़का रही हैं और दंगे भड़काने की कोशिश कर रही हैं।
कई राज्यों के सीएम से लेकर डिप्टी सीएम और केंद्रीय मंत्री मंगलवार को भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी का शासन तुष्टीकरण की नीति पर आधारित रहा। इसने भ्रष्टाचार को बढ़ाया है, इसीलिए इस बार लोग बदलाव करेंगे और सुशासन एवं विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी को चुनेंगे।
भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी का दिमागी संतुलन खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के लिए अब कुछ दिन ही बाकी है, चुनाव परिणाम आने के बाद यह लोग बंगाल से पलायन कर जाएंगे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी पाकिस्तान की मैनेजर बन बैठी है।
भाजपा नेता अमल पांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दावा करती हैं कि वह भारत में सबसे तेज गति से विकास करती हैं, लेकिन कैसा विकास हो रहा है, यह बंगाल की जनता 15 साल से देख रही है।
भाजपा नेता रुद्रनील घोष ने कहा कि तृणमूल ने जो पाप किया है, उसका जवाब चुनाव के दौरान जनता देने के लिए तैयार है। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)