पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग 15 साल में कुछ नहीं कर पाए, वे अब क्या कर लेंगे।
खड़गपुर में दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब भी चुनाव आयोग की मदद नहीं कर रही है। खड़गपुर में कई पुलिस अधिकारी ऐसे हैं जो मतदाताओं को डराकर टीएमसी के पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही यह आशंका थी कि चुनाव में बम, बंदूक और पैसे का इस्तेमाल किया जाएगा। दिलीप घोष ने दावा किया कि यही डर अब हकीकत में बदलता दिख रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भी राज्य सरकार और ममता बनर्जी पर निशाना साधा था।
अमित शाह ने कहा कि बंगाल में अवैध रूप से रहने वाले लोगों को अगर कोई बाहर कर सकता है, तो वह सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद सभी अवैध लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें राज्य से बाहर किया जाएगा।
रैली के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में लाने पर सिंडिकेट चलाने वालों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना 'हीरक की रानी' से करते हुए कहा कि इस 'रानी' को 23 तारीख को हटाना जरूरी है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 4 मई को होगी और चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)