तमिलनाडु चनाव : डीएमके और एआईएडीएमके ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र IANS
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026

तमिलनाडु चनाव : डीएमके और एआईएडीएमके ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र

महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों पर फोकस; डीएमके के 525 और एआईएडीएमके के 297 वादों में नकद सहायता, सब्सिडी, मुफ्त लैपटॉप व आवास जैसी कल्याणकारी योजनाओं की होड़

IANS

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके ने अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी किए हैं। घोषणा पत्र में प्रमुख मतदाता समूहों, विशेष रूप से महिलाओं, किसानों सहित कई परिवारों को लक्षित कल्याणकारी वादों से भरे हुए हैं।

डीएमके ने 2021 के चुनावों में 505 वादे किए थे लेकिन इस बार उसने अपने वादों की संख्या बढ़ाकर 525 कर दी है। वहीं दूसरी ओर, सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही एआईएडीएमके ने कल्याणकारी योजनाओं और लक्षित सब्सिडी पर केंद्रित 297 वादे किए हैं।

दोनों घोषणापत्रों का एक प्रमुख पहलू महिला केंद्रित योजनाओं पर जोर देना है।

मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने घोषणा की कि आयकर न देने वाले परिवारों की गृहिणियों को आवश्यक घरेलू उपकरण खरीदने या बदलने के लिए 8,000 रुपए के कूपन मिलेंगे। डीएमके ने महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता को 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए करने का भी वादा किया है।

इस बीच, एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने वादा किया है कि अगर पार्टी सरकार बनाती है तो राशन कार्ड धारकों को मुफ्त रेफ्रिजरेटर दिए जाएंगे। इसके अलावा, 'कुला विलाक्कू' योजना के तहत, एआईएडीएमके ने सभी परिवार कार्ड धारकों के लिए 2,000 रुपए की सब्सिडी का प्रस्ताव रखा है, जिसे वह राज्यभर के परिवारों के लिए प्रत्यक्ष लाभ के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

दोनों पार्टियों ने सामाजिक कल्याण क्षेत्र में मिलते-जुलते वादे किए हैं। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन को 1,200 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए करने और मछली पकड़ने पर प्रतिबंध से संबंधित राहत सहायता को 8,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए करने का आश्वासन दिया है।

दिव्यांगजनों के लिए स्टालिन ने भत्ते को बढ़ाकर 2,500 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि पलानीस्वामी ने इसे बढ़ाकर 2,000 रुपए करने की प्रतिबद्धता जताई है।

शिक्षा क्षेत्र में, डीएमके ने अगले पांच वर्षों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 35 लाख छात्रों को मुफ्त लैपटॉप वितरित करने का संकल्प लिया है। एआईएडीएमके ने भी इसी तरह का प्रस्ताव रखा है, जिसमें सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया गया है।

दोनों ही पार्टियों के घोषणापत्रों में आवास और ग्रामीण विकास को प्रमुखता दी गई है। डीएमके ने पांच साल के भीतर 10 लाख घर बनाने का संकल्प लिया है जबकि एआईएडीएमके ने अपनी 'अम्मा इल्लम' योजना के तहत बेघर परिवारों को मुफ्त आवास देने का वादा किया है।

किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,500 रुपए प्रति क्विंटल और गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 4,500 रुपए प्रति टन करने जैसे प्रमुख वादे भी किए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, स्टालिन ने बीमा पात्रता के लिए आय सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए और कवरेज को 10 लाख रुपए करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि पलानीस्वामी ने हृदय शल्य चिकित्सा और कैंसर देखभाल जैसे प्रमुख उपचारों के लिए पूर्ण सरकारी वित्तपोषण का आश्वासन दिया है।

दोनों दलों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कुछ पहलुओं के प्रति अपने विरोध को दोहराया है और तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है। उन्होंने शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने के लिए प्रयास करने का भी वादा किया है।

(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)