मुंबई से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति अपने आप को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताकर बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा में घुस गया। शख्स का नाम रोहन पारेख बताया जा रहा है। रोहन पारेख पर आरोप है कि उसने अपना फर्जी पहचान पत्र दिखाकर बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा में एंट्री ली। वहीं, पकड़े जाने पर पता चला कि रोहन पारेख अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम लेने गया था। जानिए क्या है पूरा मामला।
मुंबई के बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन हो रहा है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथों से 8 सितंबर को कर दिया है। इस कारण सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की मुंबई यात्रा से पहले एक घटना ने हड़कंप मचा दिया था। एक शख्स रोहन पारेख (Rohan Parekh) और उसके हथियारबंद बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान पकड़ लिया।
रोहन पारेख (Rohan Parekh) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर के कार्यक्रम में अपने एक बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे के साथ पहुंचा था। बंदूकधारी बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे के डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से गुजरने के दौरान सायरन बज गया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे जांच के लिए रोक लिया। इसके बाद बॉडीगार्ड ने रोहन पारेख से संपर्क कर उसे वहां बुलाया। तब पारेख ने पीएमओ से जुड़ा एक आईडी कार्ड दिखाया। कार्ड में कई खामियां होने के कारण वह पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, उस कार्ड में जारी होने की तारीख तो थी लेकिन वैलिड होने की तारीख नहीं थी, जो हर सरकारी पहचान पत्र में होनी अनिवार्य है। वहीं कार्ड में जारीकर्ता के हस्ताक्षर थे, लेकिन उसका पद उल्लेखित नहीं था। मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं, रोहन पारेख और बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस की जांच में यह साफ हुआ कि रोहन पारेख का मंगलवार को हुए पीएम के मुंबई दौरे से कोई संबंध नहीं है।
इस मामले की सुनवाई के समय रोहन पारेख (Rohan Parekh) के वकील ने पक्ष रखा कि उनके मुवक्किल को सच में ऐसा लगा कि उनको प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ी जिम्मेदारी मिली है और वह शायद धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। आगे वकील ने अदालत को बताया कि तरुण कपूर नाम के शख्स ने उनको पीएमओ में काम का ऑफर दिया था, जहाँ उनको महक गुप्ता के एडवाइजर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
वकील ने यह भी बताया कि रोहन पारेख अपने निजी काम से वेन्यू पर गए थे। वो अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदा और वेन्यू से चले गए। बॉडीगार्ड के पकड़े जाने पर, पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर उन्होंने सहयोग किया।
क्राइम ब्रांच इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। वेन्यू के सारे कैमरों की चेकिंग की जा रही है। वहीं इस मामले से जुड़े 2 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि एक और व्यक्ति की तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच इस बात का पता करने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध ने पहचान पत्र कैसे हासिल किया और फर्जी कार्ड का किस प्रकार प्रयोग हुआ।
वहीं, पुलिस के मुताबिक, बॉडीगार्ड के पास मिला हथियार लाइसेंसी पाया गया है। वहीं, रोहन का भी मंगलवार को हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से कोई ताल्लुक नहीं पाया गया। लेकिन फर्जी पीएमओ आई-कार्ड दिखाने के जुर्म में रोहन को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।(VR/MK)
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