केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव साफ नजर आने लगा है। सोमवार को आ रहे रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) बड़ी जीत की ओर बढ़ता दिख रहा है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार पर सत्ता से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
मतगणना के तीसरे राउंड के अंत तक खुद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मदम सीट से पीछे चल रहे हैं। यह स्थिति सत्तारूढ़ वाम मोर्चे के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन, जो शुरुआती राउंड में पीछे थे, अब आगे निकल गए हैं, जिससे शुरुआती रुझानों की अनिश्चितता भी साफ दिखती है।
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में पिछली बार एलडीएफ का दबदबा रहा था, जहां उसे 98 सीटें मिली थीं। यूडीएफ विपक्ष में था, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली थी। लेकिन इस बार रुझान पूरी तरह उलट नजर आ रहे हैं।
ताजा रुझानों के अनुसार, यूडीएफ 99 सीटों पर आगे चल रहा है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है। वहीं एलडीएफ सिर्फ 40 सीटों पर सिमटता दिख रहा है, जबकि एनडीए एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
एलडीएफ के लिए झटका इस बात से भी साफ है कि उसके 21 में से 15 मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। यहां तक कि पार्टी का गढ़ माने जाने वाले कन्नूर में भी मुकाबला कड़ा होता दिख रहा है, हालांकि कुछ सीटों पर एलडीएफ अब भी बढ़त बनाए हुए है।
कई सीटों पर एलडीएफ की बढ़त बहुत कम अंतर से है, जिससे आने वाले राउंड में तस्वीर और बदल सकती है। अगर यही रुझान जारी रहता है, तो यूडीएफ 100 सीटों का आंकड़ा भी पार कर सकता है, जो केरल की राजनीति में एक बड़ी जीत मानी जाएगी।
कड़ी सुरक्षा के बीच जारी मतगणना के बीच यह साफ संकेत मिल रहा है कि जनता इस बार बदलाव के मूड में है। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)