कर्नाटक: विजयपुर जिले का नाम 12वीं के समाज सुधारक बसवेश्वर के नाम पर रखने की मांग की जा रही है।  [Wikimedia Commons]
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अब कर्नाटक को भी जाना जाएगा एक नए नाम से, क्या होगा नया नाम?

केंद्र सरकार ने 2014 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का नाम बेंगलुरु करने समेत कर्नाटक के 12 शहरों के नाम बदलने की मंजूरी दी थी। इसके बाद बीजापुर को विजयपुर के नाम से जाना जाने लगा।

Author : Sarita Prasad

पिछले कुछ वर्षों में कई सारे स्टेशन कई सारे राज्यों का नाम बदल दिया गया और अब बारी आ रही है कर्नाटक की। दरअसल कर्नाटक के मंत्री बी पाटील ने शुक्रवार को कहा कि विजयपुर जिले का नाम 12वीं के समाज सुधारक बसवेश्वर के नाम पर रखने की मांग की जा रही है। और पूरे कर्नाटक राज्य का नाम बदलकर बसावनाडु करने में कुछ गलत नहीं है। उपमुख्यमंत्री डीके शिव कुमार ने कुछ दिन पहले ही रामनगर जिले का नाम बदलकर बेंगलुरु दक्षिण करने का प्रस्ताव रखा जिसके बाद राज्य के लघु एवं मध्य उद्योग मंत्री पाटिल ने यह टिप्पणी की है।

ऐसे विजयपुर बना बीजापुर

विजयपुरा जिले की बालेश्वर सीट से विधायक पाटिल ने कहा कि होयसल काल के दौरान इस क्षेत्र को विजयपुर के नाम से जाना जाता था। फिर आदिलशाही वंश के शासन में यह बीजापुर बन गया। इसके बाद इसका नाम बदलकर विजयपुर कर दिया गया। अब कई लोगों ने मांग की है कि जिले का नाम बसवेश्वर किया जाना चाहिए। यह स्वाभाविक है क्योंकि जिला बसवन्ना का जन्म स्थल है और उसमें कुछ गलत नहीं।

आदिलशाही वंश के शासन में यह बीजापुर बन गया। इसके बाद इसका नाम बदलकर विजयपुर कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि हाल की कुछ तकनीकी मुद्दे है बीजापुर विजयापुरा बना है और अगर इसे बसेश्वर बनाया जाता है तो कुछ अश्विता होगी क्योंकि कई स्थानों पर नाम में बदलाव करना होगा ऐसी चिंताएं जाहिर की गई है मैं मुख्यमंत्री से चर्चा करूंगा और हम पक्ष विपक्ष पर विचार करने के बाद ही निर्णय लेंगे। आपको बता दे कि केंद्र सरकार ने 2014 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का नाम बेंगलुरु करने समेत कर्नाटक के 12 शहरों के नाम बदलने की मंजूरी दी थी। इसके बाद बीजापुर को विजयपुर के नाम से जाना जाने लगा।

बसावनाडू में गलत क्या है

कर्नाटक का नाम बदलकर बसवानाडू करने के बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा कि यह स्वाभाविक है इसमें गलत क्या है?

बसवन्ना दुनिया की पहली सांसद अनुभव मंटपा स्थापित की थीं। उन्होंने सामाजिक अवधारणा दी थी

बसवन्ना दुनिया की पहली सांसद अनुभव मंटपा स्थापित की थीं। उन्होंने सामाजिक अवधारणा दी थी हम कहते रहते हैं कि हमारी भूमि बासवानाडू बननी चाहिए और हमें बसाव संस्कृति को अपनाना चाहिए। अब तो बस देखना यह है कि क्या कर्नाटक राज्य के नाम बदलने को लेकर मंजूरी मिलती है या फिर यह बिल भी सालों तक यूं ही अटका रह जाएगा। हालांकि नाम बदलने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि समय के साथ नाम में बदलाव एक नयापन और एक दृढ़ निश्चय लेकर आता है। [Rh]