दिल्ली

अंग्रेजों के जमाने की खीर ! दिल्ली 6 का 'स्वीट सीक्रेट', 144 साल से नहीं बदला 'बड़े मियां की खीर' का स्वाद

दिल्ली की गलियों में सिर्फ इतिहास नहीं बसता, यहां हर मोड़ पर स्वाद की भी एक कहानी छुपी होती है। इन्हीं कहानियों में से एक है पुरानी दिल्ली की वो मशहूर खीर, जो आज भी अंग्रेजों के दौर की मिठास अपने अंदर समेटे हुए है।

Author : Sarita Prasad

दिल्ली की गलियों में सिर्फ इतिहास नहीं बसता, यहां हर मोड़ पर स्वाद की भी एक कहानी छुपी होती है। इन्हीं कहानियों में से एक है पुरानी दिल्ली की वो मशहूर खीर, जो आज भी अंग्रेजों के दौर की मिठास अपने अंदर समेटे हुए है। “बड़े मियां की खीर” कोई आम मिठाई नहीं, बल्कि 144 साल पुरानी एक ऐसी विरासत है, जिसका हर चम्मच आपको बीते वक्त की सैर करा देता है।

जैसे ही गर्मागर्म खीर कुल्हड़ में परोसी जाती है, उसकी खुशबू ही दिल जीत लेती है। पहला कौर लेते ही लगता है जैसे समय ठहर गया हो वही पुराना स्वाद, वही गाढ़ापन और वही देसी जादू। यहां मौसम नहीं, सिर्फ स्वाद चलता है… इसलिए सर्दी हो या गर्मी, इस दुकान के बाहर लगी भीड़ कभी कम नहीं होती। आज सोशल मीडिया के दौर में भी यह ‘दिल्ली 6’ का मीठा राज हर फूड लवर की विशलिस्ट(wishlist) में शामिल हो चुका है क्योंकि कुछ स्वाद सिर्फ खाए नहीं जाते, उन्हें महसूस किया जाता है।

रणवीर बरार भी हैं ‘बड़े मियां की खीर’ के फैन

अगर आप इस ऐतिहासिक खीर का असली स्वाद चखना चाहते हैं, तो आपको जाना होगा पुरानी दिल्ली के मशहूर इलाके चावरी बाजार यानी चांदनी चौक (Chawri Bazaar, Chandni Chowk) के पास। यहां स्थित “बड़े मियां की खीर” (“Bade Mian's Kheer”) की दुकान अज़ीम बख्श के द्वारा करीब 1880 के आसपास शुरू हुई मानी जाती है। यह दुकान पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है और आज भी अपने पुराने देसी अंदाज़ और असली स्वाद को बरकरार रखे हुए है।

रणवीर बरार (Ranveer Brar)

इस खीर की खासियत सिर्फ इसका स्वाद ही नहीं, बल्कि इसकी पहचान भी है। मशहूर शेफ रणवीर बरार (Ranveer Brar) भी इस खीर का स्वाद चख चुके हैं और इसके फैन माने जाते हैं। इसके अलावा कई फूड ब्लॉगर और बॉलीवुड से जुड़े लोग भी यहां आकर इस मिठास का अनुभव कर चुके हैं। यही वजह है कि इस छोटी सी दुकान के बाहर हर दिन लंबी लाइन लगी रहती है, और कई बार तो खीर जल्दी ही खत्म हो जाती है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां आज भी खीर पुराने पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है लकड़ी के चूल्हे पर धीमी आंच में घंटों पकाकर। यही धीमी प्रक्रिया इसे गाढ़ा, क्रीमी और बेहद स्वादिष्ट बनाती है। शायद यही कारण है कि इतने सालों बाद भी इसका स्वाद बिल्कुल वैसा ही है जैसा पहले हुआ करता था।

कैसे पहुंचे इस मीठे ठिकाने तक

इस मशहूर खीर का स्वाद लेने के लिए आपको दिल्ली के दिल यानी पुरानी दिल्ली (Old Delhi) जाना होगा। सबसे आसान तरीका है मेट्रो से यात्रा करना। आप दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की येलो लाइन से चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। वहां से यह दुकान पैदल दूरी पर ही है यानी करीब 5 - 10 मिनट का रास्ता। मेट्रो का किराया आपके स्टेशन के हिसाब से लगभग ₹20 से ₹50 के बीच हो सकता है। अगर आप दिल्ली के बाहर से आ रहे हैं, तो ट्रेन या बस से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर भी आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

मशहूर खीर का स्वाद लेने के लिए आपको दिल्ली के दिल यानी पुरानी दिल्ली (Old Delhi) जाना होगा।

ऑटो या रिक्शा का किराया ₹20 - ₹100 तक हो सकता है, जो आपकी दूरी पर निर्भर करता है। ध्यान रखें कि यह इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है, इसलिए पैदल चलना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। एक बार जब आप वहां पहुंचेंगे, तो गलियों में फैली मिठास की खुशबू खुद ही आपको इस दुकान तक ले जाएगी।

खीर के साथ देसी मिठास का पूरा जादू

“बड़े मियां की खीर” (“Bade Mian's Kheer”) की दुकान सिर्फ खीर के लिए ही नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक अंदाज़ और देसी टच के लिए भी जानी जाती है। यहां की सबसे खास बात है कि खीर को मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है, जिससे उसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। खीर के अलावा यहां आपको कई और पारंपरिक मिठाइयां और देसी स्वाद भी चखने को मिलते हैं। जैसे - रबड़ी, फिरनी, शाही टुकड़ा और मलाई से बनी मिठाइयां, जो हर किसी को अपनी ओर खींच लेती हैं। कुछ मौकों पर यहां स्पेशल दूध वाली मिठाइयां और मौसमी डेज़र्ट भी मिल जाते हैं, जो इस जगह को और खास बना देते हैं।

“बड़े मियां की खीर” (“Bade Mian's Kheer”) की दुकान

हालांकि, इन सबके बीच लोगों की पहली पसंद हमेशा वही क्लासिक खीर ही रहती है। इस खीर को बनाने के लिए शुद्ध दूध, चावल, चीनी और खास देसी मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे घंटों तक लकड़ी के चूल्हे पर धीमी आंच में पकाया जाता है, जिससे इसका टेक्सचर गाढ़ा और क्रीमी बनता है। दुकान का माहौल भी बेहद सिंपल और देसी है न कोई दिखावा, न कोई फैंसी सजावट… बस असली स्वाद का जादू। यहां आने वाले लोग सिर्फ मिठाई खाने नहीं, बल्कि एक पुरानी परंपरा को महसूस करने आते हैं, जो हर चम्मच के साथ दिल में उतर जाती है।

हर दिल पर राज करती है ‘बड़े मियां की खीर’

“बड़े मियां की खीर” (“Bade Mian's Kheer”) की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण है इसका लगातार एक जैसा स्वाद। आज के समय में जहां हर चीज बदल रही है, वहां 144 साल से एक ही स्वाद बनाए रखना अपने आप में बड़ी बात है। इसके अलावा, इसका पारंपरिक तरीका लकड़ी के चूल्हे पर बनाना, शुद्ध सामग्री का इस्तेमाल और कुल्हड़ में परोसना इसे और भी खास बना देता है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई है, और अब यह फूड लवर्स की ‘Must Visit’ लिस्ट में शामिल हो चुका है।

यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक अनुभव है पुरानी दिल्ली की संस्कृति, इतिहास और स्वाद का अनोखा संगम। जो भी एक बार इसे चखता है, वह इसका फैन बन जाता है। अगर आप भी कुछ अलग और यादगार स्वाद ट्राय करना चाहते हैं, तो “बड़े मियां की खीर” जरूर ट्राय करें क्योंकि कुछ चीजें सिर्फ खाई नहीं जातीं, महसूस की जाती हैं। [SP]