असम चुनाव 2026 (Assam Election 2026): साल 2025 दिसम्बर 5 तरीख को लोकसभा में एक चर्चा के दौरान असम (Assam) के जोरहाट (Jorhat) से सांसद गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि असम में जल जीवन मिशन पूरी तरह विफल है l शीतकालीन शत्र के दौरान इस मामले को सांसदों के बीच रखते हुए गोगोई ने कहा कि जो सुविधा हर घर जल के लिए बनाई गई थी वह जमीनी स्तर पर दिखती नही है l
आगे अपने आरोप में गोगोई ने कहा कि जो सुविधा घर-परिवार की तस्वीर बदलने के लिए लाई गई थी लेकिन वह तो आम जनता के परेशानी का सबब बन गई है l फिर उन्होंने तंज कसा कि ये योजना तो एक मजाक बन गया है l मजदूरों और ठेकेदारों का पैसा अब तक बकाया है l
हालत इतने बिगड़ गए है कि मजदूरों को अपना पैसा पाने के लिए मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ा l कुछ युवा ठेकेदार इस पहल का हिस्सेदारी लेने के लिए भारी कीमत का कर्जा लिए है जोकी अब उनके लिए मुसीबत बन गई है l कुल 3500 करोड़ रुपये का भुगतान करना अभी बाकी है l फिर उन्होंने कहा की जिनका राज्य सरकार से अच्छे सम्बन्ध है केवल उन्ही ठेकेदारों को पैसे दिए गए हैं l सरकार केवल भाजपा MLA और MP के सहयोगी ठेकेदारों पर ही ध्यान दे रही है l
इस आरोप के कुछ महीनों पहले राज्य के एक मंत्री जयंता मल्लाबारुआ ने विधानसभा में जानकारी दी थी कि असम राज्य में जल जीवन मिशन के तहत 27,596 योजनाएं शुरू हुई है, जिन में से 18,498 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं l बता दें कि असम में 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा का चुनाव है, जिसकी वजह से यह मुद्दा इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब समझते है क्या है जल जीवन मिशन:
भारत सरकार (Indian Government) ने चल रहे राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम-एनआरडीडब्लूपी (National Rural Drinking Water Program) का पुनर्गठन कर इसे जल जीवन मिशन-जेजेएम (Jal Jeevan Mission) में समाहित कर लिया है, जिसका उद्देश्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण घर को कार्यात्मक नल कनेक्शन-एफएचटीसी (Functional Household Tap Connection) उपलब्ध कराना है, यानी हर घर जल। जल जीवन मिशन का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण घर को न्यूनतम 55 एलपीसीडी (एलपीसीडी) (Litres Per Capita Per Day) जल आपूर्ति सेवा मानक के साथ कार्यात्मक घरेलू कनेक्शन प्रदान करना है।
मिशन के व्यापक उद्देश्य इस प्रकार हैं:
प्रत्येक ग्रामीण परिवार को FHTC उपलब्ध कराना और गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों, सूखाग्रस्त और मरुस्थलीय क्षेत्रों के गांवों, संसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) के अंतर्गत आने वाले गांवों आदि में पारिवारिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (एफएचटीसी) के प्रावधान को प्राथमिकता देना l वहीँ स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, ग्राम चिकित्सालयों की इमारतों, स्वास्थ्य केंद्रों, कल्याण केंद्रों और सामुदायिक भवनों को कार्यात्मक नल कनेक्शन प्रदान करना l और नल कनेक्शनों की कार्यक्षमता की निगरानी करना l स्थानीय समुदाय के बीच नकद, वस्तु और/या श्रम तथा स्वैच्छिक श्रम (श्रमदान) के माध्यम से स्वैच्छिक स्वामित्व को बढ़ावा देना और सुनिश्चित करना l जल आपूर्ति प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता करना, अर्थात् जल स्रोत, जल आपूर्ति अवसंरचना और नियमित संचालन एवं रखरखाव के लिए धन उपलब्ध कराना l इस क्षेत्र में मानव संसाधन को सशक्त और विकसित करना ताकि निर्माण, प्लंबिंग,इलेक्ट्रिकल, जल गुणवत्ता प्रबंधन, जल उपचार, जल संग्रहण संरक्षण, संचालन एवं रखरखाव आदि की अल्पकालिक और दीर्घकालिक मांगों का ध्यान रखा जा सके l और सुरक्षित पेयजल के विभिन्न पहलुओं और महत्व के बारे में जागरूकता लाना और हितधारकों को इस तरह से शामिल करना जिससे पानी हर किसी का मुद्दा बन जाए।
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