पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिनिकी भुइयां सरमा पर विदेशी पासपोर्ट और बेनामी संपत्ति जैसे गंभीर आरोप लगाए।
आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने उन्हें झूठा बताते हुए FIR दर्ज करवाई; मामला हिमंता बिस्वा सरमा से जुड़ने के कारण और गरमाया।
असम पुलिस पवन खेड़ा की तलाश में है, दिल्ली में नहीं मिले और गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है, खासकर असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले।
पवन खेड़ा (Pawan Khera) इस समय काफी चर्चा में हैं। कांग्रेस नेता अक्सर ही अपनी तीखी बयान को लेकर चर्चा का विषय बने रहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है लेकिन इस समय वो फरार चल रहे हैं।
साथ ही वो असम पुलिस के रडार पर भी हैं और इसके पीछे की बड़ी वजह है, उनका असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर बेहद गंभीर आरोप लगाना। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के कारण अब उनकी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है? आइये मामले को शुरू से समझते हैं।
इस पूरे घटना की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 को हुई जब कांग्रेस की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए।
आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने यहाँ तक कह दिया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन देशों UAE, मिस्र और एंटीगुआके का पासपोर्ट है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के पास विदेशों में बेनामी सम्पत्तियाँ हैं और उनके नाम से कई फर्जी शेल कंपनियाँ चल रही हैं।
पवन खेड़ा (Pawan Khera) के इन आरोपों के बाद असम की राजनीति में बवाल आ गया। 9 अप्रैल को प्रदेश में वोटिंग होनी है, जाहिर सी बात है, सत्तापक्ष को अपनी ओर से कोई ना कोई एक्शन तो लेना ही था। इन आरोपों के जवाब में रिनिकी भुइयां ने अपनी सफाई भी दी।
उन्होंने खेड़ा के आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया और कहा कि वो उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम की पत्नी ने इसे साजिश तक बताया और कांग्रेस नेता के ऊपर धोखाधड़ी (420), जालसाजी (467, 468) और मानहानि जैसी गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज करवा दी।
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FIR दर्ज होने के बाद असम पुलिस की एक टीम पवन खेड़ा (Pawan Khera) को पकड़ने निकल पड़ी। 7 अप्रैल 2026 को पुलिस दिल्ली में उनके घर गई लेकिन वो वहां मिले नहीं। खेड़ा घर में तो मौजूद नहीं थे लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को उनके घर से कुछ 'आपत्तिजनक दस्तावेज' मिले।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर कहा है कि पवन खेड़ा ने ये झूठी जानकारी पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप्स से उठाई है और बिना किसी सबूत के एक महिला का अपमान किया है। बीजेपी का कहना है कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और जालसाजी का मामला है।
इधर असम पुलिस पवन खेड़ा (Pawan Khera) को ढूंढ रही थी लेकिन उनकी कोई खबर नहीं थी। पुलिस की रेड के दौरान वे दिल्ली में नहीं थे लेकिन 7 अप्रैल की रात को एक वीडियो सामने आया जिसमे कांग्रेस नेता कार में बैठे हुए हैं और कैमरे पर अपना मुंह छिपाते नज़र आ रहे हैं। अब इसके बाद असम पुलिस हरकत में आ चुकी है और हैदराबाद में उनके लोकेशन को ट्रैक कर रही हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खेड़ा की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। बता दें कि असम में 9 अप्रैल 2026 को 126 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले ही राजनीतिक गलियारा गर्म है, तो ऐसे में हर पार्टियां अपनी रोटी सेंकने की फ़िराक में हैं।