असम में मतदान लगातार जारी है। मतदाताओं में उत्साह भी देखने को मिल रहा है। चुनाव में किसी भी प्रकार से हिंसात्मक झड़प का जन्म न हो इसके लिए प्रशासन बहुत सख्त है। इसके बावजूद असम से खबर निकलकर आ रही है कि दो विधानसभा सीटों पर नेताओं के बीच झगड़ा हो गया है।
असम पुलिस के मुताबिक मतदान शुरू होने से पहले कई जगहों पर झड़प होने की खबर मिली। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस महानिरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि तामुलपुर और शिवसागर में हिंसात्मक झड़प देखने को मिली जिसमें बहुत सारे लोग घायल भी हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक तामलपुर में दो राजनीतिक गुटों के बीच मतदाताओं को लेकर झगड़ा हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक UPPL (United People's Party Liberal) और BPF (Bodoland People's Front) समर्थकों के बीच यह झड़प हुई थी। UPPL असम में बीजेपी की सहयोगी दल है।
आरोप यह लगाया जा रहा है कि मतदाओं को लुभाने के लिए राजनीतिक गुटों में कहासुनी हुई और फिर हिंसात्मक झड़प में तब्दील हो गई।
शिवसागर में अखिल गोगोई की पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर जबरदस्ती चेक करने की कोशिश की। अखिल गोगोई और बीजेपी समर्थकों की झड़प जब पुलिस के पास खबर के रूप में पहुंची तो पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक दो राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में झड़प हुआ है। झड़प के असली कारण की छनबीन जारी है।
वहीं शिवसागर में हुई झड़प को लेकर वहाँ के प्रत्याशी अखिल गोगोई ने बीजेपी पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस पूरे झगड़े के पीछे बीजेपी का हाथ है। उन्होंने कहा बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने बदसलूकी का परिचय दिया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग होगी और जनता इनको अच्छे से जवाब देगी।
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असम चुनाव में किसी प्रकार की हिंसा न हो, मतदान सफल हो सके इसके लिए राज्य के हर गाँव में पुलिस तैनात कर दी गई है। धार्मिक ध्रुवीकरण, जातिय हिंसा आदि से राज्य को बचाने के लिए कड़े सुरक्षाबलों का इंतजाम किया गया है।