भारत की बेटियों ने सोमवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ 270 रन से दमदार जीत दर्ज करते हुए इतिहास रच दिया है। भारत ऐसा पहला देश बन गया, जिसने लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच जीता है। यह लॉर्ड्स के मैदान पर महिलाओं का पहला टेस्ट मैच था।
टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। इस पारी में स्मृति मंधाना ने 83 रन, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की पारी खेली। इनके अलावा, दीप्ति शर्मा ने 57 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से सोफी एक्लेस्टोन ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए।
इसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। महज 47 के स्कोर तक टीम ने अपने 4 विकेट खो दिए थे। यहां से कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने एमी जोंस के साथ पांचवें विकेट के लिए 84 रन जुटाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद मेहमान टीम फिर से लड़खड़ा गई। ब्रंट 44 रन बनाकर आउट हुईं। जोंस ने 52 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। भारत की तरफ से क्रांति गौड़ ने 37 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट निकाले।
मेहमान टीम के पास पहली पारी के आधार पर 115 रन की बढ़त थी। इसके बाद भारत ने अपनी दूसरी पारी 341/7 के स्कोर पर घोषित की। इस पारी में यास्तिका भाटिया ने 14 चौकों के साथ 113 रन बनाए। वह लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं। उनके अलावा, स्मृति मंधाना ने 70 रन और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन की पारी खेली। इंग्लैंड की तरफ से सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट निकाले।
जीत के लिए 457 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 186 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड ने 59 रन तक अपने 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मैडी विलियर्स ने एमी जोन्स के साथ छठे विकेट के लिए 67 रन जुटाए, लेकिन इस साझेदारी के टूटने के साथ टीम फिर से बिखर गई। इस पारी में एमी जोन्स ने 54 रन, जबकि सोफी एक्लेस्टोन ने 6 चौकों के साथ 50 रन की पारी खेली। इस पारी में भारत के लिए स्नेह राणा ने सर्वाधिक 4 विकेट निकाले, जबकि सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट हासिल किए। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)