8 मार्च 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीता।
दर्शकों की घटती दिलचस्पी के कारण इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 2003 में 20 ओवर के छोटे और रोमांचक फॉर्मेट की शुरुआत की।
2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2008 में IPL की शुरुआत के बाद टी20 क्रिकेट दुनिया का सबसे लोकप्रिय क्रिकेट फॉर्मेट बन गया।
8 मार्च 2026...यह वो तारीख थी जब टीम इंडिया ने इतिहास रचा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली ऐसी टीम बनी जिसने तीन बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया। इससे पहले भारत धोनी की कप्तानी में 2007 और रोहित शर्मा की कप्तानी में 2024 में ट्रॉफी जीत चुका है। वहीं, अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने यह कारनामा किया है।
अब टी20 वर्ल्ड कप खत्म हो चुका है और इसके बाद एक दूसरे टी20 (T20) टूर्नामेंट की शुरुआत होगी, जिसे इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL कहते हैं। इसकी शुरुआत 28 मार्च से हो सकती है। फैंस को इसका बेसब्री से इंतजार भी है। क्रिकेट का यह छोटा फॉर्मेट एक बार फिर फैंस को लुभाएगा लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि टी20 फॉर्मेट इतना लोकप्रिय कैसे बना। आइये इसके बारे में जानते हैं?
टी20 (T20) क्रिकेट को इतना अधिक लोकप्रिय बनने में एक या दो साल नहीं बल्कि करीब 2 दशक का समय लगा है। इसे शुरू करने का मकसद ही यही था कि इसे रोमांचक और दर्शकों के अनुकूल बनाया जाए। इस फॉर्मेट में 20 ओवर होते हैं यानी 120 गेंदें। कम गेंद होने पर जब मैदान पर चौके-छक्के लगते हैं, तो दर्शकों का खूब मनोरंजन होता है।
एक तरफ जहाँ टेस्ट और वनडे लंबी अवधि वाले खेल हैं जबकि यह छोटा फॉर्मेट मात्र 3 से 3.5 घंटे में खत्म हो जाता है। यही कारण है कि ये खेल जल्दी लोकप्रिय बना। इसमें आक्रामक बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजी और फुर्तीली फील्डिंग का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है।
टी20 (T20) फॉर्मेट की शुरुआत का श्रेय इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव स्टुअर्ट रॉबर्टसन को जाता है। उन्होंने 21वीं सदी में वर्ल्ड क्रिकेट को एक नई पहचान दिलाई। जब दुनिया 21वीं सदी में प्रवेश कर रही थी, तब काउंटी मुकाबलों में दर्शकों की मौजूदगी में करीब 17 % की गिरावट देखी गई। अधिकारी परेशान हुए क्योंकि दर्शक अब खेल के प्रति उतना आकर्षित नहीं हो रहे हैं।
फिर स्टुअर्ट रॉबर्टसन को एक मार्केट रिसर्च सर्वे का जिम्मा सौंपा गया, जिसमें कथित तौर पर ढाई लाख पाउंड का खर्चा आया लेकिन जो पैसा खर्च किया गया उसका नतीजा भी सामने आया। इस सर्वे से पता चला कि ज्यादातर क्रिकेट मैच उस समय खेल जा रहे हैं, जब लोग दूसरे कामों में व्यस्त होते थे। फैंस के पास मैच का नतीजा जानने के लिए ज्यादा वक्त नहीं था। उस दौर में क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट भी पूरा दिन ले लेता था। यहाँ बात 50 ओवर के फॉर्मेट वाले वनडे क्रिकेट की हो रही है।
वनडे मुकाबलों में शुरुआती 15 ओवरों के बाद जब फील्डिंग पर लगी पाबंदियां हट जाती थीं, तो उसके बाद से 45वें ओवरों के बीच खिलाड़ी सिंगल-डबल लेकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते थे। यानी ये बीच के ओवर उनके लिए काफी नीरस होते थे। ऐसे में रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि बीच के उन ओवर्स को ही हटा दिया जाए, तो खेल मजेदार बन सकता है। इससे मैच 7-8 घंटे के बजाय करीब 3 घंटों में ही खत्म हो जाएगा। यह शाम में खेला जा सकता था, जब तक लोग अपने काम खत्म कर लेते थे।
स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ मिलकर काम किया और आखिरकार एक 20 ओवर के टूर्नामेंट का प्रस्ताव काउंटी चेयरमैन के सामने वोटिंग के लिए रखा गया। यह टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेस कप की जगह लेने वाला था। इसे अपनाने के पक्ष में 11-7 की वोटिंग हुई।
13 जून 2003, यही तो तारीख थी, जब ECB ने काउंटी क्रिकेट में इस फॉर्मेट की शुरुआत की और इसे काफी पसंद भी किया गया। पहला घरेलू मैच हैंपशायर हॉक्स और ससेक्स शार्क के बीच खेला गया, जिसे हॉक्स ने 5 रन से अपने नाम किया था। जब टी20 (T20) क्रिकेट अपने उदय के पड़ाव पर खड़ा था, तो इसे लोकप्रिय बनाने में खिलाड़ियों ने भी कोई कमी नहीं छोड़ी।
शाहिद अफरीदी, क्रिस गेल,एंड्रयू साइमंड्स, ब्रैंडन मैक्कुलम और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाज ने अपनी ताबड़तोड़ बैटिंग से इसे लोकप्रिय बनाया जब की गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा, डेल स्टेन और श्रीसंत जैसे खिलाड़ियों ने इस खेल को अर्श पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इंटरनेशनल क्रिकेट में टी20 (T20) की शुरुआत सबसे पहले महिला क्रिकेट टीम से हुई। 5 अगस्त 2004 को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच यह मैच हुआ था। इस मैच में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 9 रन से हराया था। न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग की और 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 131 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 122 रन ही बना पाई। उस समय न्यूजीलैंड की कप्तान माइया लुईस थीं जबकि इंग्लैंड की कमान क्लेयर कॉनर के हाथों में थी।
वहीं, पुरुष इंटरनेशनल में T20I का पहला मैच 17 फरवरी 2005 को खेला गया था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। पोंटिंग की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग की और 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 214 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड 170 रनों पर ऑलआउट हो गई।
टीम इंडिया की बात करें तो 1 दिसंबर 2006 को साउथ अफ्रीका के साथ यह मैच हुआ था। यह मैच जोहानसबर्ग में खेला गया था। इसमें अफ्रीका ने पहले बैटिंग की और 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 126 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 19.5 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 127 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया। भारत ने इस मैच को 6 विकेट से जीता था। वहीं, भारत ने पहला टी20 वर्ल्ड कप 2007 में जीता था।
फ़ाइनल में पाकिस्तान को 5 रन से हराया था। इस वर्ल्ड कप के बाद ही 2008 में IPL की शुरुआत हुई और आज यह लीग दुनिया के कोने-कोने में मशहूर है। टी20 (T20) प्रारूप ने न सिर्फ इस खेल को लोकप्रिय बनाया, बल्कि दर्शकों की घटती लोकप्रियता के बीच इसे नया जीवन भी दिया। यही वजह है कि आज के दौर में यह फॉर्मेट अपनी चमक बिखेर रहा है।