सारांश जैन ने भारत की टेस्ट टीम में पहली बार बनाई जगह, जानें कौन हैं यह खिलाड़ी? X
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सारांश जैन ने भारत की टेस्ट टीम में पहली बार बनाई जगह, जानें कौन हैं यह खिलाड़ी?

भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका दौरे के लिया जाना हैं, जहां श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी हैं. इस दौरे के लिए BCCI ने भारतीय टीम की घोषणा कर दी हैं. टीम में 15 लोगो के नामों में से एक नाम घरेलू क्रिकेट के जाने माने चेहरे सारांश जैन का भी हैं.

Author : न्यूज़ग्राम डेस्क
Reviewed By : Mayank Kumar

भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका दौरे के लिया जाना हैं, जहां श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी हैं. इस दौरे के लिए BCCI ने भारतीय टीम की घोषणा कर दी हैं. टीम में 15 लोगो के नामों में से एक नाम घरेलू क्रिकेट के जाने माने चेहरे सारांश जैन का भी हैं. ऑलराउंडर सारांश जैन (Who is Saransh Jain) मध्य प्रदेश की रणजी टीम के लिए खेलते हैं. इन्होने अब तक 54 मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 85 परियों में 2 शतक और 14 अर्थशतक लगाते हुए 2,223 बनाये हैं. साथ ही वो 47 विकेट चटका चुके हैं. इसी के  साथ उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम मे भी अपनी जगह बना ली है.

कौन है सारांश जैन?

सारांश जैन (Who is Saransh Jain) का जन्म 31 मार्च 1993 को हुआ था. वह इंदौर के रहने वाले हैं. सारांश जैन 33 वर्ष के हैं . इसी के साथ वो मध्य प्रदेश की तरफ से घरेलू  क्रिकेट खेलते हैं और टीम का बड़ा चेहरा भी हैं. सारांश जैन एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं, बेहतरीन बल्लेबाज होने के साथ-साथ वह एक ऑफ स्पिनर हैं।

21 साल की उम्र में 2014 में सारांश ने मध्य प्रदेश में अपने करियर का पहला डेब्यू किया था, और देखते-देखते वह इस टीम के प्रभावशाली खिलाड़ी बन गए.  सारांश बताते  हैं  कि इनको बेहतरनी प्रर्दशन करने की प्रेरणा अपने पिता के एक नोट से मिली.

सारांश जैन ने क्रिकेट खेलना ही क्यों चुना?

सारांश जैन (Who is Saransh Jain) को क्रिकेट उनकी पिता से विरासत में मिला हैं और उनके खून में ही क्रिकेट का जूनून बहता हैं। इनके पिता सुबोध जैन ने भी क्रिकेट को अपने कई साल दिए. सुबोध जैन मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं. इसी के चलते सारांश ने भी 2014  में महज 21 साल की उम्र मे खेल जगत में कदम रखा.

इसी दौरान सारांश ने रणजी ट्रॉफी में पहला डेब्यू किया। इस डेब्यू के लिए सारांश एक क्लब टीम के साथ 5 मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे. वहीं दूसरी तरफ उनके घर पर दुखो के बदल छा गए. ऑस्ट्रेलिया से वापस लौटने के बाद उन्होंने अपने पिता को बीमार पाया।

उनके पिता कैंसर से जूझ रहे थे, और कैंसर के चलते उनके मुंह का ऑपरेशन हुआ था. पिता की ऐसी हालत देख सारांश टूट से गए, तब उनके पिता ने उनको एक नोट लिखा " बेटा अब में पहले से बेहतर हूँ अगर तुम अच्छा खेलोगे तो मैं और जल्दी ठीक हो जाऊंगा".

इस नोट ने सारांश (Who is Saransh Jain) की ज़िन्दगी बदल दी, पिता से मिली क्रिकेट की प्रेरणा के बाद अब इस नोट ने उनके दिल में क्रिकेट के प्रति जूनून पैदा कर दिया। इसके बाद सारांश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। और अब सारांश ने अपने शानदार प्रर्दशन के साथ भारतीय टीम में जगह पक्की कर ली है.(VR)

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