वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) ने खुलासा किया कि टीम में खेलने के लिए उनसे 5 लाख का घूस माँगा गया था  X
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'5 लाख दो...', टीम इंडिया में एंट्री के लिए वीरेंद्र सहवाग से मांगी गई थी 'घूस', वीरू ने सुनाई दास्ताँ

टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक और ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि टीम इंडिया में एंट्री के लिए उनसे पैसे मांगे गए थे

Author : Mayank Kumar
Reviewed By : Ritik Singh

भारत में क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसको फैंस धर्म का दर्जा देते हैं। टीवी पर अगर भारत-पाकिस्तान का मैच आ जाए, तो फिर क्या ही कहना। लोग अपना काम-धाम छोड़कर टीवी से चिपक जाते हैं, क्यों? क्योंकि ये खेल दो टीमों के बीच नहीं, दो देशों के बीच का बन जाता है। हालांकि, कभी-कभी ये खेल पैसे और पावर के बीच बिक जाता है, जिसे घूस अर्थात रिश्‍वत कहते हैं।

ऐसी ही एक खबर सामने आई है जहाँ क्रिकेट के खेल में पैसा लेकर टीम में सिलेक्शन की बात कही गई है। ये खुलासा टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) ने किया है। इसको लेकर वीरू ने एक किस्सा सुनाया है। क्या है पूरा मामला आइये समझते हैं।

वीरेंद्र सहवाग से मांगी गई थी रिस्वत

टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक और ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि टीम इंडिया में एंट्री के लिए उनसे पैसे मांगे गए थे और ये रकम कोई हज़ारों में नहीं बल्कि लाखों में थी। सहवाग से पूरे 5 लाख रुपए मांगे गए थे। घटना साल 2018 की है जब एक कार्यक्रम के दौरान वीरू ने इस बात का खुलासा किया था।

सहवाग ने कहा, "श्रीकांत ने मेरे कोच को फोन किया और कहा कि अगर आप 5 लाख रुपये देंगे, तो मैं सिलेक्टर्स से कहूँगा कि वे वीरेंद्र सहवाग को चुन लें। इसके बाद मेरे कोच मेरे पास आए और बोले, 'तुम्हारे पास 5 लाख रुपये हैं? अगर तुम दोगे, तो वे तुम्हें इंडिया अंडर-19 टीम के लिए चुन लेंगे।'

वीरू ने आगे कहा, ''मैंने कहा, 'सर, मैं एक मिडिल क्लास परिवार से हूँ, मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। अगर उन्हें मुझे चुनना है तो चुनें, वरना मैं वैसे भी क्रिकेट तो खेलूँगा ही। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि वे मुझे इंडिया अंडर-19 के लिए चुनते हैं या नहीं।' इसलिए मैंने पैसे नहीं दिए।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज आगे कहते हैं, ''लेकिन मुझे और मेरे कोच को यह नहीं पता था कि श्रीकांत ने पहले ही मेरा चयन कर लिया था। जब सिलेक्टर्स ने टीम की घोषणा की, तो उसमें मेरा नाम था। मैंने अपने कोच को फोन किया और कहा, 'सर, भगवान है!' और वह हँसने लगे और बोले, 'हाँ, भगवान है।'

अंत में उन्होंने कहा, ''तो, अगर आपके पास पैसा नहीं है, कोई पहुँच नहीं है, तो आपके पास क्या है? आपके पास खुद पर विश्वास है और भगवान है।"

बता दें कि वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) ने जो बात कही, उससे एक चीज साफ़ नहीं होती है कि आखिर ये पैसे चाहिए किसे थे, सहवाग के कोच को या पूर्व दिग्गज क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत को। ये अभी भी एक प्रश्नवाचक चिन्ह है!

सहवाग ने कब किया टीम इंडिया में डेब्यू?

वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) ने 1 अप्रैल 1999 को पाकिस्तान के खिलाफ वनडे क्रिकेट से टीम इंडिया में कदम रखा था। उस मैच में अजय जडेजा कप्तान थे और पाकिस्तान के खिलाफ वीरू कुछ खास नहीं कर पाएं। पहले ही मैच में उन्हें शोएब अख्तर ने 1 रन पर एलबीडबल्यू आउट कर पवेलियन भेज दिया। हालांकि, बाद में जब-जब सहवाग पाकिस्तान के खिलाफ खेले उनका बल्ला खूब गरजा।

पाकिस्तान के खिलाफ सहवाग ने कुल 42 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 47 पारियों में 6 शतक-8 अर्धशतक की मदद से 2381 रन कूटे हैं। सबसे खास बात यह है कि वीरू को मुल्तान का सुल्तान भी कहा जाता है क्योंकि पाकिस्तान की धरती पर जाकर उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 309 रन ठोके थे और ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय बल्लेबाज भी थे, जिसने टेस्ट क्रिकेट के इंटरनेशनल मैच में तिहरा शतक जड़ा हो।

वीरेंद्र सहवाग का करियर

वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) के करियर पर नज़र डालें, तो उन्होंने भारत के लिए 104 टेस्ट, 251 वनडे और 19 टी20 मुकाबले खेले और इस दौरान उनके बल्ले से क्रमशः 8586 रन, 8273 रन और 394 रन निकले। कुल शतक की बात करें तो उन्होंने 38 सेंचुरी बनाई है। बल्लेबाजी के आलावा वीरू ने गेंदबाजी में भी कमाल किया है। उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 136 विकेट दर्ज हैं।

साल 1999 में अपनी करियर की शुरुआत करने वाले सहवाग ने अपना आखिरी मुकाबला 2013 में खेला, जनवरी में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे जबकि मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट जबकि अक्टूबर 2012 में साऊथ अफ्रीका के खिलाफ T20I खेला था। इसके बाद जब उन्हें टीम इंडिया में जगह नहीं मिली, तो वीरू ने 20 अक्टूबर 2015 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।